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वित्त वर्ष 21 तक ईपीएफ धन पर लागू नहीं होगा टीडीएस

बिंदिशा सारंग /  April 18, 2022

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में योगदान करने वाले नौकरीपेशा करदाताओं के लिए हाल ही में अहम खबर यह रही कि अब ईपीएफ में मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस यानी स्रोत पर कर कटौती की जाएगी। हालांकि हर कर्मचारी के ब्याज पर टीडीएस नहीं कटेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 6 अप्रैल को एक परिपत्र जारी कर बताया कि किसी भी वित्त वर्ष के दौरान ईपीएफ खाते में 2.5 लाख रुपये से अधिक योगदान करने वाले कर्मचारियों को ही मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस चुकाना पड़ेगा। परिपत्र के मुताबिक कटौती का यह काम 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 31 अगस्त, 2021 को एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें स्पष्ट कहा गया था कि सरकारी विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को 5 लाख रुपये से अधिक सालाना योगदान करने पर टीडीएस देना पड़ेगा। अगर व्यक्ति निजी क्षेत्र में नौकरी करता है तो 2.5 लाख रुपये सालाना योगदान होने पर भी टीडीएस काट लिया जाएगा। इसकी शुरुआती घोषणा 2021 के केंद्रीय बजट में की गई थी।

विश्लेषकों के मुताबिक वित्त वर्ष की शुरुआत में ही यह साफ कर देना सही रहा। विक्टोरियम लीगलिस-एडवोकेट्स ऐंड सोलिसिटर्स के प्रबंध साझेदार आदित्य चोपड़ा कहते हैं, '6 अप्रैल वाला परिपत्र कर की गणना और कटौती के संबंध में बेहद जरूरी स्पष्टता प्रदान करता है।' एनए शाह एसोसिएट्स के साझेदार गोपाल बोहरा बताते हैं कि इन दिशानिर्देशों के अनुसार ईपीएफओ कर योग्य और गैर-कर योग्य योगदान के लिए अलग-अलग खाते बनाए रखेगा।


किसका कटेगा टीडीएस?

नया नियम ईपीएफ से जुड़ी सभी संस्थाओं - बिना छूट वाले प्रतिष्ठान, छूट प्राप्त प्रतिष्ठान और छूट प्राप्त ट्रस्टों पर लागू होगा। टीमलीज सर्विसेज के उपाध्यक्ष और कारोबार प्रमुख (अनुपालन और पेरोल परिचालन) प्रशांत सिंह कहते हैं, 'भविष्य निधि (पीएफ) के अंतिम भुगतान, हस्तांतरण दावे, छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों से ईपीएफओ में हस्तांतरण और इसके उलट वाले मामले में टीडीएस लागू होगा। यह किसी एक ट्रस्ट से दूसरे ट्रस्ट में हस्तांतरण और मृत्यु के मामले में भी लागू होगा।' यह नियम अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों पर भी लागू होगा।


किसे छूट है?

टीडीएस कटने की बात से बहुत अधिक घबराने की जरूरत नहींं है और यह बिल्कुल न मानें कि आपकी समूची पीएफ राशि पर यह नियम लागू होगा। कर विभाग स्पष्ट कर चुका है कि 31 मार्च, 2021 तक ग्राहकों के खातों में जमा राशि पर टीडीएस नहीं काटा जाएगा। वित्त्त वर्ष 2021-22 और उसके बाद के वर्षों में 2.5 लाख रुपये तक का योगदान करने पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा। सिंह कहते हैं, 'जब कोई सदस्य वित्त वर्ष 22 के दौरान और आगामी वर्षों में आंशिक निकासी करता है और उस सूरत में उसके योगदान की राशि कम होकर 2.5 लाख रुपये या उससे भी कम रह जाती है तो टीडीएस नहीं वसूला जाएगा।'


टीडीएस की दरें

टीडीएस की दर इस बात पर निर्भर करेगी कि आपका पीएफ खाता आपकी स्थायी खाता संख्या (पैन) से जुड़ा हुआ है या नहीं। सिंह कहते हैं 'टीडीएस किसी भी वित्त वर्ष में अर्जित ब्याज पर काटा जाएगा। जिनके पास पैन हो, उनके योगदान पर 10 फीसदी कर वसूला जाएगा और यदि ग्राहक के पास पैन नहीं है तो उसके योगदान पर मिला ब्याज 20 फीसदी टीडीएस कटौती का पात्र होगा।'

यदि आप चाहते हैं कि आपको मिले ईपीएफ ब्याज पर कम टीडीएस काटा जाए तो आपको वैध पैन के साथ फॉर्म 15जी और 15एच जमा करने होंगे।

अगर निवासी भारतीय के ईपीएफ ब्याज पर केवल 5,000 रुपये टीडीएस बनता है तो उसे नहीं काटा जाएगा। अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के मामले में इसे लागू दर पर काटा जाएगा, भले ही टीडीएस की राशि 5,000 रुपये तक हो। एनआरआई पर लागू होने वाली टीडीएस की दर 30 फीसदी होती है। इसके अलावा चार फीसदी उपकर भी लगेगा। अगर अर्जित ब्याज 50 लाख रुपये से अधिक हो जाता है तो अधिभार लगेगा, जिसकी दर ब्याज राशि के हिसाब से 1 फीसदी से 37 फीसदी के बीच हो सकती है।

आरएसएम इंडिया के संस्थापक सुरेश सुराणा कहते हैं 'अगर एनआरआई के देश के साथ दोहरा कराधान बचाव समझौता हुआ हो, तो आयकर अधिनियम की धारा 90 के प्रावधानों के अनुसार 30 फीसदी से कम की दर लागू होगी।'


पिछली तारीख से लगेगा?

ईपीएफ में योगदान करने वाले कई लोग एक सवाल पूछते हैं कि क्या टीडीएस पिछली जमा पर पिछले समय से लागू किया जाएगा। सुराणा इस पर स्थिति को स्पष्ट करते हैं। वह कहते हैं, '31 मार्च, 2021 तक जमा राशि पर किसी तरह का टीडीएस नहीं वसूला जाएगा। 1 अप्रैल के बाद किए गए ईपीएफ योगदान पर अगर ब्याज की राशि 2.5 लाख रुपये से अधिक हो जाएगी तो टीडीएस काटा जाएगा।'


विशेषज्ञों का सुझाव

आखिर में इस बात की जांच कर लें कि आपका पैन आपके ईपीएफ खाते के साथ जुड़ा हुआ है या नहीं। सुराणा कहते हैं 'अगर आपका पीएफ खाता पैन के साथ जुड़ा हुआ नहीं है, तो अधिक दर पर टीडीएस काटा जाएगा, इसलिए हरेक करदाता को जल्द से जल्द यह काम कर लेना चाहिए।' पीएसएल एडवोकेट्स ऐंड सॉलिसिटर्स के पार्टनर अंगद संधू का सुझाव है कि नौकरी में बदलाव होने पर सदस्यों को फॉर्म 13 (आर) जमा कराकर अपना पीएफ खाता नए प्रतिष्ठान में जरूर स्थानांतरित करवा लेना चाहिए। इसे यूनिफाइड पोर्टल पर सदस्य वाले इंटरफेस के जरिये ऑनलाइन किया जा सकता है।

Keyword: ईपीएफ, टीडीएस, कर्मचारी भविष्य निधि, नौकरीपेशा करदाता, स्रोत पर कर कटौती,
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