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आवास वित्त इकाई के जरिये पॉलिसी बेचेगी एलआईसी

निकुंज ओहरी / नई दिल्ली April 13, 2022

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अपनी आवास वित्त इकाई एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस के जरिये योजनाओं की बिक्री की संभावना तलाश सकती है। इससे एलआईसी को अपनी पॉलिसी बेचने के लिए एक अन्य माध्यम को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि जैसे ही बीमा कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए निवेशकों को आकर्षित करने पर जोर दिया है, केंद्र सरकार द्वारा निवेशकों को सूचित करने के लिए यह जानकारी मुहैया कराने की कोशिश की गई है कि एलआईसी अपनी पॉलिसी की क्रॉस सेलिंग पर विचार करेगी।

इसके जरिये उन घर खरीदारों को बीमा योजनाएं बेची जाएंगी, जिन्हें एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस से ऋण मिला है। एलआईसी का एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस में 45.24 प्रतिशत हिस्सा है।

एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि विकल्प पहले से ही एलआईसी के साथ उपलब्ध है, लेकिन इस विकल्प का इस्तेमाल उसकी प्रतिस्पर्धियों द्वारा कभी नहीं किया गया।  

अधिकारी ने कहा, 'इस विकल्प में बदलाव लाने से एलआईसी को पॉलिसी बेचने के लिए एक अन्य माध्यम की दिशा में आगे बढऩे में 88मदद मिलेगी।'

मौजूदा समय में आवास ऋण मुहैया कराते वक्त ऋणदाताओं को कर्ज लेने वालों को अपनी जीवन बीमा पॉलिसी के बारे में बताना होगा।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का उदाहरण देते हुए अधिकारी ने कहा कि एसबीआई ने कर्ज लेने वालों को एसआईसी के बजाय एसबीआई लाइफ से जीवन बीमा हासिल करने को कहा है।

अधिकारी ने कहा कि एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस के घर खरीदारों के लिए अपनी पॉलिसी बेचने के लिए इस माध्यम का इस्तेमाल करने से एलआईसी को अपनी योजनाएं बेचने के लिए एक अन्य माध्यम मिलेगा।

एलआईसी के पास 31 मार्च 2021 तक 13.4 लाख व्यक्तिगत एजेंटों का सबसे बड़ा नेटवर्क था। यह देश में कुल एजेंट नेटवर्क का करीब 55 प्रतिशत है। यह दूसरी सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के एजेंटों की संख्या के मुकाबले 7.2 गुना ज्यादा है।

इस कदम से ऐसे निवेशक आकर्षित होंगे जो इस महीने पेश होने जा रहे भारत के सबसे बड़े आईपीओ में दांव लगाने की संभावना तलाश रहे हैं। निवेशकों ने इस बारे में सरकार एलआईसी से पूछताछ शुरू कर दी है कि क्या उसके प्रतिस्पर्धियों की तरह बीमा कंपनी द्वारा इस विकल्प का इस्तेमाल किया जाएगा।

अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने कहा था कि इस विकल्प का लाभ एलआईसी द्वारा भविष्य में उठाया जाएगा।

बाजार नियामक सेबी के समक्ष पेश अपने डीआरएचपी में एलआईसी ने कहा कि उसके पास व्यक्तिगत प्लेटफॉर्मों के लिए ओमनी-चैनल वितरण प्लेटफॉर्म है। इसमें 13.4 लाख व्यक्तिगत एजेंट और 72 बैंकएश्योरेंस भागीदार शामिल हैं। इसमें आठ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पांच निजी बैंक, एक विदेशी बैंक, 13 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और 45 सहकारी बैंक शामिल हैं।

डीआरएचपी में एलआईसी ने यह भी कहा है कि आरबीआई ने यह निर्धारित किया है कि या तो आईडीबीआई बैंक या एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस (एलआईसी की सहायक कंपनियां) को नवंबर 2023 तक आवास वित्त गतिविधि का संचालन बंद करना होगा। वहीं आवास वित्त गतिविधि सिर्फ एक इकाई द्वारा की संचालित की जाएगी।

केंद्र का मानना है कि इससे बीमा कंपनी को समस्या आएगी क्योंकि एलआईसी और सरकार, दोनों रणनीतिक विनिवेश विकल्प के जरिये आईडीबीआई बैंक में बड़ी हिस्सेदारी बेचने की संभावना तलाश रही हैं।

Keyword: आवास वित्त इकाई, पॉलिसी, एलआईसी, भारतीय जीवन बीमा निगम,
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