बिजनेस स्टैंडर्ड - धन की कमी बन सकती है बुनियादी ढांचे में बाधा
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, May 18, 2022 02:03 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

धन की कमी बन सकती है बुनियादी ढांचे में बाधा

असित रंजन मिश्र / नई दिल्ली April 11, 2022

वाणिज्य पर संसद की स्थायी समिति ने पाया है कि वित्त मंत्रालय द्वारा उद्योग विभाग के बजट आवंटन में भारी कमी की गई है। समिति के मुताबिक आवंटन में 1,900 करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी कटौती से वित्त वर्ष 2023 में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लागू करने पर विपरीत असर पड़ सकता है।

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने वित्त मंत्रालय से वित्त वर्ष 2023 के लिए 10,267 करोड़ रुपये की मांग की थी, जबकि उससे 8,348 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

नैशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट ऐंड इंप्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के लिए वित्त मंत्रालय ने 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि परियोजना के लिए 2,400 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।

अभी हाल में समाप्त हुए बजट सत्र के दौरान संसद में पेश रिपोर्ट में संसदीय समिति ने कहा, 'समिति ने पाया कि 1,919.54 करोड़ रुपये की भारी भरकम कमी चिंता का विषय है, जिसका विपरीत असर 2022-23 में लागू होने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर पड़ सकता है। समिति ने सिफारिश की है कि विभाग इन योजनाओं की गंभीरता से निगरानी करे और अगर जरूरत हो तो वित्त मंत्रालय से तत्काल अतिरिक्त आवंटन की मांग करे, जिससे योजनाओं व परियोजनाओं को सुगमता से लागू किया जाना सुनिश्चित हो सके।' केंद्र सरकार राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा कार्यक्रम के तहत विभिन्न औद्योगिक गलियारे तैयार कर रही है। इसके साथ ही नए औद्योगिक शहर बनाए जाने हैं, जिससे विश्व के बेहतरीन विनिर्माण व निवेश केंद्र स्थापित किए जा सकें। देश में औद्योगिक गलियारों के एकीकृत विकास के लिए एनआईसीडीआईटी का गठन किया गया है। दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारा (डीएमआईसी) पहला औद्योगिक गलियारा है, जिसे 4 औद्योगिक नोड- धोलेरा औद्योगिक शहर, गुजरात, शेंद्रा-बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र, महाराष्ट्र, इंडीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश और विक्रम उद्योगपुरी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, उज्जैन, मध्य प्रदेश के माध्यम विकसित किया जा रहा है।

समिति ने एनआईसीडीआईटी की धीमी प्रगति के बारे में चिंता जताई, जो आवंटन के सुस्त इस्तेमाल से पता चल रहा है। इसमें कहा गया है, 'समिति की राय है कि प्रमुख परियोजनाओं जैसे औद्योगिक गलियारों की योजना को समय से लागू करना हमारी अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है। समिति सिफारिश करती है कि विभाग विभिन्न मसलों का समय से समाधान सुनिश्चित करे और सक्रिय होकर संबंधित राज्यों के साथ काम करें, जिससे कि परियोजनाओं में तेजी आ सके और भविष्य में धन का इस्तेमाल न रुके।'

समिति ने वित्त वर्ष 19 और वित्त वर्ष 21 के बीच आवंटित बजट के इस्तेमाल की दर करीब 100 प्रतिशत रहने को लेकर डीपीआईआईटी की प्रशंसा की। बहरहाल उसने पाया कि रिपोर्ट तैयार किए जाने तक विभाग वित्त वर्ष 2022 के संशोधित अनुमान का महज 86.52 प्रतिशत ही इस्तेमाल कर पाया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, 'समिति को उम्मीद है कि आवंटन का पूर्ण इस्तेमाल होगा और विभाग से सिफारिश करती है कि वह इस वित्त वर्ष के अंत के पहले तक आवंटन का अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित करे।'

Keyword: धन की कमी, बुनियादी ढांचा, बाधा, संसद, स्थायी समिति, बजट आवंटन, डीपीआईआईटी,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या आरबीआई की मौद्रिक सख्ती से नियंत्रित होगी महंगाई?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.