बिजनेस स्टैंडर्ड - फरवरी में जीएसटी में तेजी बरकरार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, May 19, 2022 04:29 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

फरवरी में जीएसटी में तेजी बरकरार

अरूप रॉयचौधरी / नई दिल्ली March 01, 2022

वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह फरवरी महीने में 1.33 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल फरवरी की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है।

यह पांचवां महीना है जब जीएसटी संग्रह 1.3 लाख करोड़ रुपये के पार रहा है और ऐसा वित्त वर्ष 22 में हुआ है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि वित्त वर्ष 23 में औसत जीएसटी संग्रह करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये प्रतिमाह रहने की संभावना है।

फरवरी में संग्रह जनवरी की आर्थिक गतिविधियों को दिखाता है। मंत्रालय ने कहा कि जनवरी में ओमीक्रोन के कारण कई इलाकों में स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाया गया था और इसकी वजह से सकल बिक्री कर संग्रह जनवरी के रिकॉर्ड 1.4 लाख करोड़ रुपये से नीचे था। विश्लेषकों को भरोसा है कि जीएसटी संग्रह इस साल बजट लक्ष्य के पार चला जाएगा।

डेलॉयट इंडिया में पार्टनर एमएस मणि ने कहा, 'जनवरी 22 में महामारी की स्थिति की चुनौतियों के बावजूद जीएसटी संग्रह 1.33 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना संकेत देता है कि संग्रह अब स्थिर हो रहा है और वित्त वर्ष 22 का संग्रह बजट अनुमान के पार चला जाएगा। कुल मिलाकर देखें तो संग्रह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है, वहीं राज्यवार संग्रह में बढ़ोतरी में बहुत ज्यादा अंतर दिखता है और यह वृद्धि बड़े राज्यों में 2 से 22 प्रतिशत तक है।'  

इक्रा में अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, 'फरवरी 2022 में जीएसटी संग्रह में तेजी बनी रही क्योंकि कोविड की तीसरी लहर का औद्योगिक गतिविधियों पर सीमित असर रहा है और जीएसटी ईवे बिल सृजन जनवरी 2022 में अप्रभावित रहा। फरवरी 2022 में ईवे बिल सृजन में तेज बढ़ोतरी हुई है, ऐसे में हम उम्मीद करते हैं कि चालू महीने में जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होगी। कुल मिलाकर सीजीएसटी राजस्व केंद्र सरकार के वित्त वर्ष 22 के संशोधित अनुमान को पार कर सकता है और प्रत्यक्ष कर में अनुमानित तेजी के कारण यह 0.3 लाख करोड़ रुपये ज्यादा हो सकता है।'

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'फरवरी 2022 में सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 1,33,026 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें से सीजीएसटी 24,435 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 30,779 करोड़ रुपये और आईजीएसटी 67,471 करोड़ रुपये व उपकर 10,340 करोड़ रुपये है।'

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि फरवरी 2022 में संग्रह फरवरी 2020 की तुलना में 26 प्रतिशत ज्यादा है, जो कोरोना के कारण हुई देशबंदी के ठीक पहले का आंकड़ा है।

इसमें कहा गया है, 'माह के दौरान पिछले साल के समान महीने की तुलना में वस्तुओं के आयात से राजस्व 38 प्रतिशत ज्यादा और घरेलू लेनदेन, जिसमें सेवाओं का आयात शामिल है, से राजस्व 12 प्रतिशत ज्यादा रहा है।'

मंत्रालय ने कहा कि पहली बार जीएसटी उपकर संग्रह 10,000 करोड़ रुपये के आंकड़े के पार गया है, जिससे कुछ प्रमुख क्षेत्रों, खासकर ऑटोमोबाइल बिक्री में रिकवरी के संकेत मिलते हैं।

Keyword: जीएसटी, वित्त मंत्रालय, वस्तु एवं सेवा कर संग्रह, रिकॉर्ड, बजट लक्ष्य, औद्योगिक गतिविधि,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सरकार की योजना से दूर होगी शहरी बेरोजगारी की समस्या?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.