बिजनेस स्टैंडर्ड - चार राज्यों में 3-4 दिन में ठीक हो रहे लोग
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चार राज्यों में 3-4 दिन में ठीक हो रहे लोग

ईशान गेरा /  January 12, 2022

कुछ दिन पहले, यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन ने कोविड-19 से संक्रमित लोगों के आइसोलेशन की अवधि 10 दिन से कम कर पांच दिन कर दी। भारत में भी आइसोलेशन को लेकर संशोधित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं और होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच संक्रमित आने के बाद कम से कम एक हफ्ते तक इंतजार करें और लगातार तीन दिन तक बुखार खत्म होने के बाद ही होम आइसोलेशन खत्म करें। कोरोनावायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन से संक्रमित होने के बाद ठीक होने में आमतौर पर सात दिन का समय लगता है। हालांकि बिज़नेस स्टैंडर्ड ने देश भर का जायजा लिया जिसके मुताबिक ओमीक्रोन संक्रमण ठीक होने में पांच दिन लगता है।

अप्रैल 2021 में देश में रिकवरी का समय नौ दिन था। पहली लहर के चरण के दौरान देश में 10 दिन का रिकवरी समय लग रहा था। रिकवरी समय की गणना रोजाना की रिकवरी और संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या की तुलना करके किया जाता है। उन सभी दिनों में जब संक्रमण के सक्रिय मामले रोजाना की रिकवरी के मुकाबले काफी अधिक हों तो उसे रिकवरी वाला समय माना जाता है। मिसाल के तौर पर 5 जनवरी को देश में संक्रमण के 285,401 सक्रिय मामले थे और पांच दिन के भीतर करीब 229,122 लोगों की रिकवरी हो गई। हालांकि हम अगर 4 जनवरी के डेटा पर विचार करें तो संक्रमण के 214,004 सक्रिय मामले थे और अगले छह दिन की कुल रोजाना रिकवरी 248,328 हो गई जो असंभव है। इसी वजह से रिकवरी का समय पांच दिन तय किया है।

वहीं दूसरी तरफ राज्यवार तरीके से राज्य के रिकवरी समय में काफी अंतर है। 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से चार में रिकवरी का वक्त पांच दिन के राष्ट्रीय औसत से भी तेज था। इसमें राष्ट्रीय राजधानी भी शामिल है। दिल्ली में रिकवरी के समय की रफ्तार पूरे देश भर में सबसे तेज रही और राज्य के डेटा के मुताबिक यह तीन दिन तक रही। दिल्ली में 7 जनवरी को संक्रमण के 39,873 सक्रिय मामले थे,जबकि 10 जनवरी तक अगले तीन दिनों में 36,124 लोगों की रिकवरी हुई। इसके अलावा एकमात्र राज्य उत्तराखंड में ही केवल तीन दिन में रिकवरी के संकेत मिले। पश्चिम बंगाल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप में चार दिन में रिकवरी देखी गई। कर्नाटक में रिकवरी का वक्त 18 दिन था और तेलंगाना में रिकवरी का वक्त 14 दिन रहा। महामारी की शुरुआत से ही राज्यवार आधार पर रिकवरी में लगने वाले समय में अंतर देखा गया है और इसकी वजह रिकवरी या दूसरी जांच की पुष्टि करने से जुड़े मानक दिशानिर्देशों की कमी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने 2020 में रिकवरी की पुष्टि करने के लिए जांच की अनिवार्यता खत्म कर दी थी।

उत्तर प्रदेश में 10 दिन में 20 गुना मामले


उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामलों में हर रोज इजाफा हो रहा है। बीते दस दिन में कोरोना के नए मामलों की तादाद 20 गुने से भी ज्यादा हो चुकी है। अकेले बुधवार को प्रदेश भर में कोरोना संक्रमण के 13,681 नए मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों की तादाद 57,355 हो गई है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को बताया कि प्रदेश में बीते 24 घंटे में कुल 2,39,771 सैंपल की जांच की गई और कोरोना संक्रमण के 13,681 नए मामले आए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 9.52 करोड़ सैंपल की जांच की गई हैं। मंगलवार को विभिन्न जिलों से आरटीपीसीआर जांच के लिए 1,46,005 सैंपल भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि विगत 24 घंटों में 700 लोग तथा अब तक 16.90 लाख  कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। प्रसाद ने बताया कि कोविड टीकाकरण का काम लगातार किया जा रहा है। प्रदेश में मंगलवार को एक दिन में कुल 2118054 खुराक दी गई है। प्रदेश में कल 18 साल से अधिक आयु के लोगों को पहली खुराक 133728003 दी गई हैं जो 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों का 90.71 फीसदी है जबकि दूसरी डोज 80939371 लगाई गई हैं, जो 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों का 54.90 प्रतिशत है। उन्होने बताया कि 15 से 18 साल के बच्चों को अब तक 3425659 टीके की पहली खुराक दी गई है, जो उनकी अनुमानित संख्या का 24.44 फीसदी है। उन्होंने बताया कि अब तक 129844 एहतियाती खुराक दी गई है।

दिल्ली में पीक के करीब कोरोना मामले

दिल्ली में जल्द कोरोना मामलों के बढऩे की रफ्तार थमने की उम्मीद जताई जा रही है। संक्रमण दर में ठहराव अगले एक दो दिन में दिल्ली में कोरोना का पीक आने की ओर संकेत दे रहा है। इसके बाद कोरोना मामले घटने लगेंगे जिससे कोरोना नियंत्रित करने के लिए लगे प्रतिबंधों में भी ढील मिलने की संभावना है। दिल्ली में 4 जनवरी के बाद आवश्यक सेवाओं में छूट के लिए जारी किए गए ई-पास साप्ताहिक कफ्र्यू और रात्रि कफ्र्यू में वैध रहेंगे। बुधवार को 26.22 फीसदी संक्रमण दर के साथ 27,561 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए,जबकि 14,927 मरीज ठीक हुए और 40 लोगों की मौत हुई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से 20 हजार के करीब मामले रोजाना आ रहे हैं और संक्रमण दर लगातार 25 फीसदी के आस-पास बनी हुई है।  इसके अलावा  अस्पतालों में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या दर भी अभी बढ़ती हुई नजर नहीं आ रही है, जो कि एक अच्छा संकेत है। कोरोना के लिए मौजूदा कुल 14,802 आरक्षित बेड में से अभी केवल 2,363 बेड पर ही मरीज हैं। जाहिर है 84 फीसदी बेड अभी भी उपलब्ध हैं। जरूरत पडऩे पर दिल्ली सरकार इन्हें बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जैन कहते हैं कि पिछले कुछ दिनों से संक्रमण  दर 25 फीसदी के आस-पास बनी हुई है। यह एक संकेत हो सकता है कि कोरोना का पीक अब आ चुका है। इसका मतलब यह नहीं है कि अभी कोरोना खत्म हो गया है। कोरोना अभी चरम पर है। मैं उम्मीद करता हूं कि कोरोना का यह पीक जल्द से जल्द आकर खत्म हो, ताकि दिल्ली और देश में कोरोना के मामले कम हों। अगर 2-3 दिनों में मामले कम होने लगते हैं तो प्रतिबंधों में ढील देने पर भी विचार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अस्पतालों में आईसीयू बेड पर भर्ती मरीजों में बहुत कम ऐसे मामले हैं जो सिर्फ कोरोना के कारण आईसीयू में भर्ती हुए हों। उदाहरण के तौर पर एलएनजेपी अस्पताल के कोविड-आईसीयू वार्ड में 36 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से केवल छह कोरोना के कारण भर्ती हैं। बाकी 30 मरीज कैंसर या लिवर-किडनी से संबंधित अन्य किसी बीमारी से पीडि़त हैं। जांच कराने पर वे कोरोना पीडि़त पाए गए हैं।

Keyword: आइसोलेशन, दिशानिर्देश, कोरोनावायरस, रिकवरी, संक्रमण,
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