बिजनेस स्टैंडर्ड - टेक्सटाइल में आ रहा ढांचागत बदलाव
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टेक्सटाइल में आ रहा ढांचागत बदलाव

निकिता वशिष्ठ / नई दिल्ली January 07, 2022

टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों ने कमजोर बाजार धारणा को मात दी और गुरुवार को तेजी दर्ज की। कॉटन और तैया अपैरल के निर्यात में सुधार के साथ साथ आकर्षक मूल्यांकन और आय वृद्घि की संभावना ने विश्लेषक इस क्षेत्र पर उत्साहित बने हुए हैं। 

सुपर फाइन निटर्स, सुपर स्पाइनिंग, और फिलाटेक्स इंडिया के शेयर गुरुवार को 10 प्रतिशत तक चढ़े। वहीं जेसीटी, सूरत टेक्सटाइल, स्वास्ती विनायक, केपीआर मिल, सुमीत इंडस्ट्रीज, भंडारी होजियरी, मिनाक्सी टेक्सटाइल्स और बॉम्बे रेयॉन में 4 से 5 प्रतिशत के बीच तेजी आई, औीर गोकलदास एक्सपोट्र्स और वर्धमान टेक्सटाइल्स भी तेजी के साथ बंद हुए। 

हालांकि शुक्रवार को इनमें से कुछ शेयरों में गिरावट भी आई, जिनमें सुपर फाइन निटर्स भी शामिल है। कोविड-19 महामारी ने वैश्विक टेक्सटाइल और अपैरल (टीऐंडए) आपूर्ति शृंखला को प्रभावित किया है और कई ब्रांड एक से ज्यादा खरीदारी स्रोतोंं को पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका-चीन व्यापारिक टकराव और चीनी टीऐंडए आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगने से अमेरिका स्थित आयातक भारत जैसे अन्य स्थानों को तलाशने के लिए आगे आए हैं। 

स्पार्क कैपिटल के विश्लेषकों का कहना है, 'दिसंबर में अमेरिका ने कानूनी प्रावधान किया जिससे श्रमिक संबंधित चिंताओं को लेकर चीन के जिनजियांग क्षेत्र से आयात प्रतिबंधित हुआ। चूंकि जिनजियांग का वैश्विक कपास बाजार में करीब 20 प्रतिशत हिस्सा है, इसलिए इस प्रतिबंध के पुन: समायोजन से आपूर्ति को देखते हुए भारतीय कपास और धागे के लिए मांग केा बढ़ावा मिला है।'

उन्होंने कहा कि भारत से कपास और धागा निर्यात (अप्रैल और अक्टूबर के बीच) वित्त वर्ष 2019-21 से बढ़कर 34 प्रतिशत पर पहुंचा है। अमेरिकी बाजार का वैश्विक टीऐंडए आयात में 15 प्रतिशत का योगदान रहा है। इस प्रतिबंध के बाद चीन, बांग्लादेश, वियतनाम, और कम्बोडिया जैसे देश अपनी कपास संबंधित जरूरतों के लिए भारत पर निर्भर हो गए हैं, और भारतीय कपास निर्यात इस वजह से पिछले आठ महीनों में तेजी से बढ़ा है। 

साथ ही, भारत ने मेड-अप सेगमेंट में निर्यात बढ़ाया है। स्पार्क कैपिटल का कहना है, 'इस सेगमेंट में मांग लॉकडाउन संबंधित घर पर रहने और महामारी की वजह से नए परिचालन मानकों की वजह से बढ़ी है। चीन के आपूर्तिकर्ताओं द्वारा बाजार भागीदारी गंवाए जाने की वजह से भारत मेड-अप प्राकृतिक रूप से तैयार कपास सेगमेंट का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है।' 

इसके अलावा, मुक्त व्यापार समझौते पर सरकार का रुख भी टीऐंडए कंपनियों के लिए स्वागत योग्य बदलाव है। 

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि इस क्षेत्र में शेयर रेटिंग में बदलाव के लिए भी तैयार हैं, क्योंकि मजबूत निर्यात अवसरों से शानदार आय संभावना का परिदृश्य दिख रहा है। निवेश के नजरिये से विश्लेषक वर्धमान टेक्सटाइल्स, ट्राइटेंड, सतलज टेक्सटाइल्स, आलोक इंडस्ट्रीज, केपीआर मिल, नितिन स्पाइनर्स, वेल्सपन इंडिया, इंडो काउंट, हिम्मतसिंगका सीज जैसे शेयरों पर दीर्घावधि के लिहाज से खरीदारी करने का सुझाव दे रहे हैं।
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