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आईटी फर्मों ने कीं रिकॉर्ड भर्तियां

सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली January 05, 2022

कोरोना महामारी की चिंता के बीच यह एक अच्छी खबर है। वित्त वर्ष 2022 में देश की प्रमुख पांच आईटी कंपनियों ने अपने इतिहास में अब तक की सबसे अधिक शुद्घ भर्तियां की हैं। जेफरीज के ताजा विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2022 में पांच आईटी कंपनियों-टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और टेक महिंद्रा ने कुल मिलाकर 1.5 लाख से 1.6 लाख कर्मचारियों की भर्तियां की हैं। वित्त वर्ष 2021 से तुलना करें तो यह करीब 83 फीसदी अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में इन पांचों आईटी कंपनियों ने 87,000 नई भर्तियां की थीं।
 
वित्त वर्ष 2009 के बाद पांचों दिग्गज आईटी कंपनियों ने इससे पहले वित्त वर्ष 2019 में सबसे अधिक भर्तियां की थीं। उस दौरान इन कंपनियों ने कुल मिलाकर 90,000 नए कर्मचारियों का काम पर रखा था। हालांकि वित्त वर्ष 2022 ने उनके इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही शीर्ष आईटी फर्मों की ओर से 1.10 लाख से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं। बड़े पैमाने पर नए कर्मचारियों की भर्ती करने से आईटी क्षेत्र में वेतन खर्च में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि आने वाली तिमाहियों में आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव का यह एक प्रमुख कारण हो सकता है। जेफरीज ने एक अलग रिपोर्ट में कहा है कि विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के मार्जिन में सबसे ज्यादा कमी आएगी क्योंकि वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में इन कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्घि की है।
 
कंपनियों द्वारा अपने कारोबार का तेजी से डिजिटलीकरण करने के कारण आईटी पेशेवरों की मांग खासी बढ़ गई है जिससे बाजार में कुशल पेशेवरों की किल्लत देखी जा रही है। टेक महिंद्रा के मुख्य कार्याधिकारी सीपी गुरनानी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ हाल ही में एक बातचीत में कहा था, 'कुशल लोगों को लेकर एक अलग तरह का युद्घ चल रहा है। आईटी सेवा प्रदाताओं, वैश्विक तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप और कंपनियों सभी में कुशल आईटी पेशेवरों की मांग बढ़ गई है।' भर्तियों के रुझान पर एस इक्विटी के साथ किए गए जेफरीज के विश्लेषण में कहा गया है कि औपचारिक क्षेत्र के रोजगार में तेजी आई है, जो बीएसई 500 कंपनियों के कर्मचारियों की लागत के रुझान से भी परिलक्षित होता है। वेतन खर्च लगभग सभी क्षेत्र की कंपनियों में बढ़ा है, चाहे वह बड़ी कंपनी हो या छोटी। 
 
उदाहरण के लिए विश्लेषण से पता चलता है कि सितंबर 2021 तिमाही में बीएसई 500 की कर्मचारी लागत सितंबर 2020 की तुलना में 18 फीसदी बढ़ी है। इसी तरह जून 2021 में इन कंपनियों के कर्मचारियों की लागत 2020 की समान अवधि की तुलना में 16.7 फीसदी बढ़ी थी। बड़ी कंपनियों (आय के हिसाब से शीर्ष 1 से 100 तक) में कर्मचारियों के खर्च में 18 से 19 फीसदी का इजाफा हुआ है, वहीं छोटी कंपनियों की कर्मचारी लागत में 8 से 10 फीसदी का इजाफा हुआ है।
Keyword: IT Firm, recruitment, covid-19,,
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