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उतारचढ़ाव रहेगा पर ज्यादा नहीं टूटेगा रुपया

अनूप रॉय और समी मोडक / मुंबई October 31, 2021

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नवंबर से अपने मासिक 120 अरब डॉलर के बॉन्ड खरीदारी कार्यक्रम में नरमी लाए जाने की संभावना के साथ आसान मौद्रिक नीति तकनीकी तौर पर समाप्त हो रही है, भले ही अन्य विकसित देश कुछ समय इसे बरकरार रख सकते हैं।

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) यह निर्णय लेने के लिए मंगलवार से दो दिवसीय बैठक करेगी कि बॉन्ड खरीदारी में कितनी कमी की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने बॉन्ड खरीदारी में नरमी का संकेत दिया है और बाजार इसे लेकर आशान्वित है, लेकिन कमजोर वृद्घि से जुड़ी चिंताओं की वजह से इसमें विलंब हो

सकता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा रियायत में नरमी का उभरते बाजारों पर प्रभाव पड़ेगा और भारत इससे अलग नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि, वर्ष 2013 से अलग इस बार रियायत में नरमी की जानकारी पहले से ही दी जा चुकी है और आरबीआई इससे पैदा होने वाली विपरीत चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा, 'सहज स्थिति में चालू खाता घाटे के साथ और खतरनाक तीसरी कोविड लहर की आशंका नहीं दिखने से भारतीय रुपया किसी तरह की रियायत वापसी का सामना करने के लिए तैयार रहेगा।'

बोफा ग्लोबल रिसर्च ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भारत की बाहरी स्थिति 2013 के मुकाबले काफी हद तक बेहतर स्थिति में है और फेडरल द्वारा संभावित रियायत नरमी से रुपये पर कोई गंभीर और लगातार दबाव पडऩे की आशंका नहीं है।

वर्ष 2013 में, रियायत में नरमी की खबरों से रुपया मई और अगस्त के बीच करीब 15 प्रतिशत गिर गया था जिससे आरबीआई को अल्पावधि दरें 200 आधार अंक तक बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा था और बॉन्ड बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया था। तब बॉन्ड प्रतिफल अल्पावधि में 300 आधार अंक तक बढ़ गया था। वर्ष 2013 में, भारत का सीएडी जीडीपी के 4.8 पर था, और आयात कवर 300 अरब डॉलर के रिजर्व के साथ महज सात महीने के लिए था।

आरबीआई के तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन द्वारा विदेशी मुद्रा जमाओं और बॉन्डों के जरिये 30 अरब डॉलर से ज्यादा जुटाए जाने के बाद रुपया मजबूत हुआ था।

बोफा और एसबीआई ने भारत का वित्त वर्ष 2022 का सीएडी 1.3-11.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया, जबकि आरबीआई का आयात कवर 15 महीने से ज्यादा का है। जीडीपी के प्रतिशत के और पर रिजर्व अब वर्ष 2013 के 15 प्रतिशत के मुकाबले 22 प्रतिशत पर है।

शुक्रवार को रुपया 74.88 पर बंद हुआ, जबकि गुरुवार का बंद भाव 74.92 था

Keyword: उतारचढ़ाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बॉन्ड खरीदारी, मौद्रिक नीति, एफओएमसी, रुपया,
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