बिजनेस स्टैंडर्ड - बाजार में 6 माह की बड़ी गिरावट
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, December 07, 2021 03:05 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

बाजार में 6 माह की बड़ी गिरावट

सुंदर सेतुरामन / मुंबई October 28, 2021

मुद्रास्फीति, शेयरों के मूल्यांकन और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नीतिगत रुख सामान्य किए जाने की चिंता के बीच बेंचमार्क सेंसेक्स में आज छह महीने में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली द्वारा घरेलू बाजार के प्रति सतर्क रहने के बयान से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

सेंसेक्स 1,158 अंक लुढ़ककर 59,984 पर बंद हुआ। 30 अप्रैल के बाद सेंसेक्स में आई यह सबसे बड़ी गिरावट है। 13 कारोबारी सत्र के बाद सेंसेक्स 60,000 अंक के नीचे आया है। निफ्टी 50 भी 353 अंक फिसलकर 17,857 पर बंद हुआ। डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान के मद्देनजर बाजार में उतार-चढ़ाव का अंदाजा लगाने वाला इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 6.5 फीसदी बढ़कर 17.9 पर पहुंच गया।

अधिकतर एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई मगर भारत का बाजार सबसे ज्यादा टूटा। बेंचमार्क सूचकांक में सबसे अधिक भारांश वाले बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। बैंक निफ्टी 3.34 फीसदी गिरा। आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और ऐक्सिस बैंक तकरीबन 4-4 फीसदी की गिरावट पर बंद हुए।

बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि बैंकिंग तंत्र से नकदी खींचने की आरबीआई की योजना से निवेशक घबरा गए, जिससे बैंकिंग शेयरों में बिकवाली हुई है। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को घोषणा की थी कि 50,000 करोड़ रुपये के 28 दिन के वेरिएबल रिवर्स रीपो (वीआरआर) की पहली नीलामी 2 नवंबर को होगी। विश्लेषकों ने आरबीआई की घोषणा को बैंकिंग तंत्र से अतिरिक्त नकदी खींचने का उपाय माना है। अभी वीआरआर नीलामी 14 दिन के लिए होती है।

इस साल शेयर बाजार में जोरदार तेजी से शेयरों का मूल्यांकन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से भी बाजार में चिंता है। मॉर्गन स्टैनली ने भारतीय बाजार को ओवरवेट से घटाकर बराबर भारांश देने के साथ ही कहा कि भारतीय शेयरों का मूल्यांकन देखते हुए अगले 3 से 6 महीनों में प्रतिफल पर दबाव रह सकता है। बेंचमार्क निफ्टी इस समय 12 महीने के आय के अनुमान से 24 गुना मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है जबकि इसका ऐतिहासिक औसत 17 गुना का है।

अवेंडस कैपिटल पब्लिक मार्केट्स अल्टरनेट स्ट्रैटजीज के मुख्य कार्याधिकारी एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, 'उभरते बाजारों की तुलना में भारत का प्रदर्शन अप्रत्याशित रहा है। ताजा गिरावट कुछ और नहीं बल्कि मुनाफावसूली है। फेडरल रिजर्व द्वारा नीतियों में सख्ती के बाद थोड़ी और बिकवाली और उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। भारत के लिए जोखिम-पुरस्कार का अनुपात जोखिम की तरफ झुका हुआ है।'

विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और नायिका तथा पेटीएम जैसे बड़े सार्वजनिक निर्गम से भी तरलता पर असर पड़ा है। विदेशी निवेशकों ने 3,819 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 837 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Keyword: मुद्रास्फीति, शेयर मूल्यांकन, आरबीआई, नीतिगत रुख, सेंसेक्स, निफ्टी, वीआरआर,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

होल्डिंग कंपनियों पर निवेशकों का दांव

Investmentsबाजार में अच्छी तेजी के बीच कई होल्डिंग कंपनियों (होल्डको) के शेयर इस साल

मांग बढऩे से पिडिलाइट को मिल रही मदद

बाजार हलचल

तेजी के बावजूद रियल्टी क्षेत्र पर उत्साहित बाजार

रुपया और बॉन्ड में स्थिरता के आसार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.