बिजनेस स्टैंडर्ड - ऊंची तेल कीमतों का विमानन शेयर पर असर!
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 19, 2021 05:14 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

ऊंची तेल कीमतों का विमानन शेयर पर असर!

राम प्रसाद साहू / मुंबई September 19, 2021

विमानन शेयर शुक्रवार को अच्छी तेजी दर्ज करने में कामयाब रहे। बाजार दिग्गज इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) 11 प्रतिशत चढऩे में सफल रहा, जबकि स्पाइसजेट में करीब 3.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अगस्त में विमान यात्राओं में जुलाई के मुकाबले 34 प्रतिशत की वृद्घि की वजह से दर्ज की गई। बाजार भी मजबूत पैसेंजर लोड फैक्टर (पीएलएफ) और दो सूचीबद्घ कंपनियों द्वारा घरेलू बाजार में अपना नेटवर्क बढ़ाने की योजनाओं को लेकर उत्साहित है।

तेजी के लिए अल्पावधि कारक अगस्त में यात्रियों की संख्या 67.01 लाख पर पहुंच जाना है। इस संख्या में इस साल मई के निचले स्तरों से तेजी का रुझान बना हुआ है और औसत दैनिक यात्री संख्या चार महीने पहले के 50,000 के मुकाबले बढ़कर 2 लाख से ऊपर पहुंच गई है। जुलाई में यह संख्या मासिक आधार पर 61 प्रतिशत तक बढ़ी। क्रिसिल इन्फ्रास्ट्रक्चर एडवायजरी के निदेशक (परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स) जगन्नारायणन पदमनाभन का मानना है कि कोविड संक्रमण की घटती दर, टीकाकरण में तेजी, व्यावसायिक यात्राओं में सुधार और महामारी के कम प्रभाव से यात्रा में तेजी को बढ़ावा मिला है।

जहां ट्रैफिक तेजी से बढ़ रही है, वहीं यह मार्च के ऊंचे स्तरों के मुकाबले कम बना हुआ है।मार्च में यात्रियों की संख्या 78 लाख दर्ज की गई थी। जेएम फाइनैंशियल के आशुतोष सोमानी और संकेत काबरा के अनुसार, विमान यात्रा में सुधार के लिए मुख्य कारक हैं टीकाकरण, व्यावसायिक यात्राओं में तेजी और लीजर ट्रैवल में सुधार। हालांकि बिजनेस से संबंधित यात्राएं धीरे धीरे बढ़ रही हैं, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए लीजर ट्रैवल खंड में अल्पावधि में तेजी देखी जा सकती है और दिसंबर तिमाही एयरलाइन कंपनियों के लिए व्यस्त सीजन होता है।

यात्राओं में सुधार से इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों को भी अपना घरेलू नेटवर्क बढ़ाने में मदद मिली है। स्पाइसजेट ने 15 सितंबर को 38 नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की घोषणा की। कंपनी ने कहा है कि इन नई उड़ानों से बेहतर और आसान कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और खासकर आगामी त्योहारी सीजन के दौरान मांग में इजाफा होगा। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी 38 नई उड़ानें शामिलकर अपना घरेलू नेटवर्क मजबूत बनाया है। कंपनी ने कहा है कि नई उड़ानों को महानगरों और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों के बीच यात्रा के लिए बढ़ती मांग को पूरा करने के मकसद से शुरू किया गया है।

बढ़ती मांग से दोनों एयरलाइनों को अपने पीएलएफ सुधारने में भी मदद मिल रही है। जहां इंडिगो का लोड फैक्टर जून के 62.7 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 74 प्रतिशत हो गया, वहीं स्पाइसजेट के लिए यह आंकड़ा समान अवधि में 71 प्रतिशत से बढ़कर 79.6 प्रतिशत हो गया।

बाजार दिग्गज की बाजार भागीदारी 2021 की पहली दो तिमाहियों के 54 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर तिमाही में अब तक 57-58 प्रतिशत हो गई है। कोटक  इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों का कहना है कि क्षमता और कीमतों को लेकर नियामकीय चुनौतियों के संदर्भ में इंडिगो कोविड-19 हालात से मजबूती से मुकाबला कर रही है। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि बाजार दिग्गज ने महामारी के दौरान अपनी भागीदारी बढ़ाई। हालांकि स्पाइसजेट की भागीदारी पहली दो तिमाहियों के 10-12 प्रतिशत से घटकर सितंबर तिमाही के पहले दो महीनों में करीब 9 प्रतिशत रह गई।

हालांकि स्पाइसजेट के लिए सकारात्मक बात यह है कि विमान नियामक द्वारा बोइंग मैक्स विमान को देश में फिर से सेवा में लाए जाने की अनुमति दिए जाने के निर्णय से मदद मिली है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अशंमान देब और रविन कुरवा का कहना है कि इससे कंपनी को पट्टादाताओं के साथ सौदों के उचित प्रबंधन से मदद मिल सकती है। कंपनी ने हाल में एवलॉन और सीडीबी एविएशन के साथ समझौता किया है। बोइंग से राशि मिलने और मालवाहन व्यवसाय की बिक्री को लेकर स्थिति इस शेयर के लिए दो मुख्य कारक हैं।

नियामक द्वारा ऊंची क्षमता और मूल्य निर्धारण पर जोर दिए जाने से बाजार को उम्मीद है कि कंपनियां त्योहारी सीजन में बेहतर इस्तेमाल और प्रतिफल सुधारने में सक्षम होंगी। हालांकि मुख्य चिंता कच्चे तेल कीमतों में वृद्घि को लेकर है। कच्चे तेल की कीमत 76 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है, जो 30 जुलाई के बाद से सर्वाधिक ऊंचा स्तर है। विमानन ईंधन का कुल लागत में करीब 40 प्रतिशत का योगदान है और इसमें बदलाव से क्षमता तथा मूल्य निर्धारण के मोर्चों पर किसी तरह का लाभ प्रभावित हो सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों से संबंधित अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को इन कंपनियों के शेयरों पर दांव लगाने से पहले रुझानों पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए।

Keyword: तेल के दाम, विमानन शेयर, इंटरग्लोब एविएशन, इंडिगो, पीएलएफ, क्रिसिल,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बाजार में तेजी का सिलसिला अभी बना रहेगा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.