बिजनेस स्टैंडर्ड - कपड़ा पीएलआई: 35 फर्म निवेश को तैयार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, July 02, 2022 05:15 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

कपड़ा पीएलआई: 35 फर्म निवेश को तैयार

श्रेया नंदी और शाइन जैकब / नई दिल्ली/चेन्नई September 14, 2021

कपड़ा क्षेत्र के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी का मंत्रिमंडल का फैसला निवेशकों को लुभाता दिख रहा है। कम से कम 35 कंपनियों ने योजना के दो हिस्सों में करीब 10,150 करोड़ रुपये की निवेश योजना पहले ही तैयार कर ली है। हालांकि यह क्षेत्र अब भी योजना का लाभ लेने की कड़ी शर्तों से चिंतित है, जिनमें 600 करोड़ रुपये का कारोबार और ठीक पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी अधिक कारोबार के लक्ष्य आदि शामिल हैं। 

पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,683 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी थी, जिसमें 19,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया गया है। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक जिन 35 कंपनियों ने निवेश की योजना बनाई है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, बॉम्बे डाइंग, वेलस्पन ग्लोबल ब्रांड्स, अरविंद ग्रुप, इंडोरामा सिंथेटिक्स और वेलनोन पॉलिएस्टर आदि शामिल हैं। 

बॉम्बे डाइंग के मुख्य कार्याधिकारी (पीएसएफ) सुरेश खुराना ने कहा, 'इसका फायदा यह है कि कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है और पूरी मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) शृंखला को फायदा मिल सकता है। आज भी देश का उत्पादन चीन का 10 फीसदी भी नहीं है। यह बहुत अच्छी पहल है। लेकिन इसका फायदा असल में कितनी इकाइयां ले पाएंगी, इसका पता समय आने पर ही चलेगा।' खुराना ने कहा कि परिधान क्षेत्र के लिए 300 करोड़ रुपये के निवेश और 600 करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को हासिल करना थोड़ा मुश्किल होगा। 

प्रोत्साहनों के अलग-अलग ढांचों के मुताबिक दो तरह के निवेश हो सकते हैं। जो कंपनी मानव निर्मित फाइबर और तकनीकी कपड़ों के उत्पादन के लिए भूमि और प्रशासनिक इमारत की लागत के अलावा संयंत्र, मशीनरी, उपकरणों और निजी निर्माण कार्यों पर कम से कम 300 करोड़ रुपये निवेश करना चाहती है, वह योजना के पहले हिस्से में भाग लेने के लिए पात्र होगी। दूसरे हिस्से में जो कंपनी कम से कम 100 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहती है, वह योजना के इस हिस्से में भागीदारी के लिए आवेदन की पात्र होगी। 

योजना के मुताबिक ठीक पिछले साल के कारोबार के मुकाबले कम से कम 25 फीसदी अतिरिक्त कारोबार का लक्ष्य हासिल करने पर पांचवें साल तक हर साल प्रोत्साहन मुहैया कराए जाएंगे। हालांकि दूसरे साल से पांचवें साल तक हर साल प्रोत्साहन में एक फीसदी कमी की जाएगी। 

वेलस्पन के मुकेश सवलानी ने कहा, 'नियमों की मुश्किल शर्त यह है कि कंपनी को हर साल राजस्व 25 फीसदी बढ़ाना होगा। इसके पीछे उद्योग को नए निवेश के लिए प्रोत्साहित करने का विचार है। हमारी कंपनी मानव निर्मित फाइबर फ्लोरिंग में है। हमने पहले ही कारोबारी योजना बना रखी हैं और योजना के आधार पर उन पर पुनर्विचार कर रहे हैं। पीएलआई से निवेश योजनाओं को तेज करने में मदद मिलेगी।'

Keyword: cloths, cloth export, pli, textile, mill, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बॉम्बे डाइंग, वेलस्पन ग्लोबल ब्रांड्स, अरविंद ग्रुप, इंडोरा,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या रुपये की नरमी थामने के और उपाय करे आरबीआई?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.