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आर्थिक रिकवरी वी जैसी या डब्ल्यू जैसी?

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली September 09, 2021

आर्थिक स्थिति 10 साल पहले से अलग हो सकती है, लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अमेरिका-भारत सीईओ मंच को संबोधित करते हुए जून, 2010 में जो कहा था, उसे मौजूदा आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए याद करना सामयिक होगा। उन्होंने कहा था, 'पिछले साल अर्थशास्त्रियों ने हमसे कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था वी (अंग्रेजी के अक्षर) आकार में रिकवरी करेगी। हाल में नए संकट के जोखिम के बाद विशेषज्ञ कह रहे हैं कि डब्ल्यू आकार की रिकवरी हो सकती है। साफतौर पर कहूं तो मुझे लगता है कि अंग्रेजी वर्णमाना के हर अक्षर में आर्थिक रिकवरी का एक सिद्धांत है। रिकवरी के तमाम सिद्धांत हैं और हम सचमुच इसका इत्तर नहीं जानते उत्तर क्या है।'

वी आकार की रिकवरी का मतलब है कि तेज गिरावट के बाद तेज रिकवरी होगी। यू आकार का मतलब है कि कुछ महीनों या कुछ साल तक गिरावट रह सकती है, उसके बाद तेजी आएगी।

डब्ल्यू आकृति की रिकवरी को डबल डिप भी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि अर्थव्यवस्था गिरकर उठेगी और उसके बाद फिर गिर जाएगी और उठना शुरू होगी। वहीं एल आकार की रिकवरी सुस्त रिकवरी को कहते हैं, जिसमें बेरोजगारी और आर्थिक वृद्धि में ठहराव होता है।  और आखिर में, के आकार की रिकवरी ऐसी स्थिति है, जहां समाज के विभिन्न तबकों में बहुत ज्यादा अंतर रहता है। 

इस वित्त वर्ष की स्थिति देखें तो आर्थिक रिकवरी का आकार इस बात पर निर्भर है कि आप उसे किस तरीके से देख रहे हैं। वित्त मंत्रालय का कहना है कि रिकवरी वी आकार की है। वहीं ज्यादातर अर्थशास्त्री ऐसा नहीं मानते।

अगर कोई पिछले साल की वृद्धि से तुलना करता है तो पहली तिमाही के बाद वी आकार की रिकवरी नजर आती है क्योंकि 20 प्रतिशत आर्थिक प्रसार हुआ है। बहरहाल अगर पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 24 प्रतिशत संकुचन के आधार पर देखें तो इसमें खामी नजर आती है। इस वृद्धि में कोविड की दूसरी लहर के कारण वित्त वर्ष 22 के अप्रैल-जून  पर पड़ा असर शामिल नहीं है और इस दौरान कोविड-19 के पहले के 2019-20 की पहली तिमाही की तुलना में वृद्धि दर 9.3 प्रतिशत कम है। इसके अलावा पहले के वित्त वर्ष की चौथी तिमाही की तुलना में यह 16.9 प्रतिशत कम है। 

अगर कोई तिमाही से तिमाही की तुलना करके वृद्धि देखता है तो रिकवरी डब्ल्यू आकार की नजर आती है। बहरहाल जब तिमाही आधार पर देखने पर पहली तिमाही में जीडीपी संकुचित होती है क्योंकि चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था का आकार बड़ा होता है। अगर वृद्धि को मौसम के मुताबिक समायोजित तिमाही आधार पर देखें तो अगली तिमाहियों में डब्ल्यू आकार की रिकवरी नजर आती है।
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