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कोविडकाल में देश भर के मल्टीप्लेक्स की चुनौतियां अपार

अर्णव दत्ता /  August 06, 2021

कनाडा की गायक और गीतकार जोनी मिशेल का कहना है कि जब तक कोई चीज आपसे खो नहीं जाती तब तक आप यह नहीं जान पाते हैं कि आपने क्या पाया था। शायद सिनेमाघरों के बिना गुजरा एक साल हमें इस बात की याद दिलाता है कि हमारे पास क्या था और फिर से हमारे पास क्या हो सकता है। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन थिएटर परिचालकों का दर्शकों का स्वागत करने के लिए लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख बाजारों के सिनेमाघरों के पर्दे पर फिल्म दिखाने की अनुमति दे दी गई है जो सामूहिक मनोरंजन का स्रोत है लेकिन परिचालकों का कहना है कि इस फैसले को फिर से कभी भी पलटा जा सकता है। लेकिन उनकी रिकवरी की संभावनाएं अब भी कम ही हैं।  देश के कुछ सबसे बड़े बाजारों में अधिकारियों ने अप्रैल से शुरू हुई चार महीने की बंदी के बाद थिएटर परिचालकों को हरी झंडी दिखाई है ताकि 2020 से ही शिथिल पड़े इस क्षेत्र को थोड़ी राहत मिल सके।  

देश के सबसे बड़े स्क्रीन ऑपरेटर 'पीवीआर' से लेकर 'आईनॉक्स लीजर', 'कार्निवल सिनेमा' और 'सिनेपोलिस' जैसी मल्टीप्लेक्स क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी अब सिनेमा प्रेमियों को लुभाने के लिए बड़ी फिल्मों के रिलीज का इंतजार कर रही हैं ताकि दर्शक सिनेमा का आनंद उठा सकें। पीवीआर के एक प्रवक्ता ने कहा, 'गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जमीनी स्तर के आकलन के बाद प्रतिबंध लगाने या इसमें ढील दिए जाने के निर्देश दिए हैं जिसके बाद पीवीआर उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 जुलाई से अपने सिनेमाघरों को फिर से खोल चुकी है जहां मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी जा रही है।'

देश के 71 शहरों में 842 स्क्रीन वाले सबसे बड़े मल्टीप्लेक्स चेन ने दर्शकों को सिनेमाघरों में जाने के लिए प्रोत्साहित करने और जोडऩे की एक विशेष पेशकश की है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के दौरान टीका लगाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए, पीवीआर ने सिनेमाघर खोलने के पहले हफ्ते टीका लगाने वाले लोगों के लिए विशेष ऑफर दिया है। इस ऑफर के तहत टीका लगवाने वाले व्यक्ति को चुनिंदा सामग्री के लिए एक और टिकट मुफ्त मिलेगा साथ ही एक खरीदारी पर खाद्य-पेय कॉम्बो की पेशकश भी की जाएगी।

पीवीआर के मुख्य कार्याधिकारी गौतम दत्ता ने कहा, 'आज की तारीख में, देश में 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में पीवीआर मौजूद है वहीं कोलंबो ने शारीरिक दूरी से संबंधित विभिन्न मानदंडों के साथ सिनेमाघरों को फिर से खोलने की अनुमति दी है। इनमें 111 प्रॉपर्टी की 526 स्क्रीन शामिल हैं जो हमारे कुल स्क्रीन पोर्टफोलियो का लगभग 60 प्रतिशत है। हम धीरे-धीरे अपने सिनेमाघरों को फिर से खोल रहे हैं।' देश की पांचवीं सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स शृंखला मिराज सिनेमा की 150 स्क्रीन हैं और यह उन राज्यों में फिर से सिनेमाघर खोलेगी जहां के सिनेमाघरों को 5 अगस्त से फिर से खोलने की अनुमति मिली है।

419 स्क्रीन वाले सिनेपोलिस ने पिछले सप्ताह हैदराबाद में फिर से हॉल खोला है। कंपनी ने कहा कि इसके बाकी सिनेमाघर आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे खुलेंगे। मल्टीप्लेक्स की दिग्गज कंपनियों को हॉलीवुड की कुछ बड़ी फिल्मों के रिलीज होने का इंतजार है जिनमें 'मोर्टल कॉम्बैट', 'दि सुसाइड स्क्वैड 2', 'प्रॉमिसिंग यंग वुमन', 'दि कंज्यूरिंग: दि डेविल मेड मी डू इट' जैसी फिल्में शामिल हैं ताकि सिनेमा प्रेमियों को लुभाया जा सके।

आने वाले दिनों में कोविड से पहले के दिनों वाली रिकवरी को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। पीवीआर और आईनॉक्स जैसी सूचीबद्ध बड़ी कंपनियों का राजस्व अप्रैल 2020 के बाद से घट गया है। मार्च और जून तिमाहियों में फिल्मों के टिकट से पीवीआर की बिक्री क्रमश: 88 करोड़ रुपये और 22.7 करोड़ रुपये रही जो मार्च 2020 के 330 करोड़ रुपये से कम हो गई थी।

उद्योग विशेषज्ञ के मुताबिक देश के फिल्म प्रोडक्शन हाउस की ओर से कोई नई बड़ी फिल्म रिलीज न होना मल्टीप्लेक्स परिचालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। 1999 के करगिल युद्ध के नायक और परमवीर चक्र हासिल करने वाले कर्नल विक्रम बत्रा पर आधारित अजय देवगन अभिनीत फिल्म 'भुज' और सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'शेरशाह' को विशेष रूप से ओवर-द-टॉप स्ट्रीमिंग प्लेटफॉम्र्स पर रिलीज किया जा रहा है। एक स्वतंत्र फिल्म वितरक और विश्लेषक समिंदर मलिक के अनुसार, हॉलीवुड फि ल्मों के दर्शक ज्यादातर महानगरों और शीर्ष शहरों में रहते हैं इसलिए उन पर जोर देने से टिकट की बिक्री सीमित हो सकती है।

मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ  इंडिया के अध्यक्ष कमल ज्ञानचंदानी ने कहा, 'कुछ सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स ने भले ही फिर से परिचालन शुरू कर दिया हो, लेकिन दर्शकों की कम तादाद चिंता का सबब बना हुआ है।' सूत्रों के मुताबिक पीवीआर जैसे बड़े खिलाडिय़ों ने 30 जुलाई से दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े बाजारों में अपनी स्क्रीन पर फिल्में दिखानी शुरू कर दीं लेकिन दर्शकों की तादाद कम ही रही।

इसके अलावा, लोकलसर्कल्स के एक ताजा सर्वेक्षण से पता चलता है कि अगले दो महीनों में केवल 10 फीसदी लोगों ने सिनेमाघरों में जाने की योजना बनाई है। करीब 11,000 उत्तरदाताओं में से 67 प्रतिशत ने कहा कि अगले दो महीनों में उनकी सिनेमाघर जाने की कोई योजना नहीं है जबकि 8 प्रतिशत सिनेमा स्क्रीन पर फिल्मों के कई शो देखने के इच्छुक हैं। सिनेमाघरों में दर्शकों के न जाने की योजना कई छोटे परिचालकों के लिए घातक हो सकती है। मध्यम से बड़े ऑपरेटरों को अपने राजस्व का 35-40 प्रतिशत खाद्य और पेय पदार्थों पर दर्शकों द्वारा किए गए अतिरिक्त खर्च से मिलता है और इसके अलावा स्क्रीन पर विज्ञापन की वजह से भी अतिरिक्त कमाई होती है। अधिकांश उपभोक्ता वस्तुओं की कंपनियों ने अपना ध्यान डिजिटल चैनलों पर केंद्रित कर दिया है और बड़े पैमाने पर प्रिंट, आउटडोर विज्ञापनों और थिएटर स्क्रीन जैसे पारंपरिक मीडिया पर खर्च में कटौती की जा रही है।

थिएटर मालिक अब किराया और कॉमन एरिया प्रबंधन (सीएएम) शुल्कों में संशोधन पर जोर दे रहे हैं। पीवीआर के प्रबंधन के अनुसार इसने किराये और सीएएम भुगतान में छूट लेने के लिए डेवलपरों की मदद लेनी शुरू कर दी है। इस बीच, इसने अपनी लागत भी कम की है। एडलवाइस सिक्योरिटीज के अनुमानों के मुताबिक, मल्टीप्लेक्स क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी आईनॉक्स को किराये में 35 फीसदी छूट से कुछ राहत मिल सकती है। इसने कहा, 'हम किराये और सीएएम पर लगभग 30 प्रतिशत की न्यूनतम रियायत की उम्मीद करते हैं लेकिन बातचीत अभी भी चल रही है और अनिश्चितता बनी हुई है। हम इस मोर्चे पर होने वाले घटनाक्रम पर पैनी नजर रखेंगे।'

मल्टीप्लेक्स परिचालक अपने कर्मचारियों को टीका लगाने और लोकप्रिय ई-वॉलेट के माध्यम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ाने के लिए आपसी संपर्क कम करने से कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर पेपररहित सिनेमा टिकट खरीद को और सुगम बनाने के लिए ग्राहकों के फोन पर तुरंत प्रतिक्रिया भेजी जा रही है।

हालांकि, सिनेमाघरों के मालिक और परिचालक संघर्ष के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, रिकवरी भले ही धीमी हो लेकिन त्योहारी सीजन में अक्षय कुमार की फिल्म 'सूर्यवंशी' और 'पृथ्वीराज' और रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म '83' अक्टूबर की शुरुआत में रिलीज होने से सिनेमाप्रेमियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। मिराज सिनेमाज के प्रबंध निदेशक अमित शर्मा ने कहा, 'वास्तविकता यह है कि हम अगले साल जनवरी तक कोविड के पहले के स्तर तक लौटना चाहते हैं और 2022 उद्योग के लिए ब्लॉकबस्टर वर्ष होगा।'

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