बिजनेस स्टैंडर्ड - कॉग्निजेंट करेगी एक लाख भर्तियां
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कॉग्निजेंट करेगी एक लाख भर्तियां

शिवानी शिंदे / मुंबई July 29, 2021

ग्राहक कंपनियों की डिजिटल बदलाव की मांग देखते हुए नैस्डैक में सूचीबद्घ आईटी सेवा प्रदाता कॉग्निजेंट ने वित्त वर्ष के लिए आय का अपना अनुमान बढ़ाकर 9 से 10 फीसदी कर दिया है। पहले कंपनी ने कैलेंडर वर्ष 2021 की पहली तिमाही के लिए 5.5 फीसदी से 7.5 फीसदी आय वृद्घि का अनुमान लगाया था।

30 जून को समाप्त दूसरी तिमाही (कंपनी का वित्त वर्ष जनवरी से दिसंबर का होता है) में कॉग्निजेंट की आय स्थिर मुद्रा के आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 4.6 अरब डॉलर रही, जो इसके अनुमान से कहीं ज्यादा है। कंपनी ने दूसरी तिमाही के लिए 8.9 से 9 फीसदी आय बढऩे का अनुमान लगाया था। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले जून 2021 तिमाही में कंपनी की डिजिटल आय 20 फीसदी बढ़ी और कंपनी की कुल आय में इसकी हिस्सेदारी 44 फीसदी हो गई। कॉग्निजेंट ने 2019 से अब तक क्लाउड और डिजिटल सेवाओं पर अधिग्रहण के जरिये 2 अरब डॉलर खर्च किए हैं। जून 2021 तिमाही में कंपनी ने वित्तीय सेवाओं को छोड़कर सभी श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन किया है। कॉग्निजेंट के मुख्य कार्याधिकारी ब्रायन हम्फ्रीज ने कहा, 'दूसरी तिमाही हमारे लिए अच्छी साबित हुई। हमने बाजार की तेजी से बढ़ रही श्रेणियों को ध्यान में रखकर निवेश किया है और ग्राहकों के कारोबार को आधुनिक बनाने के लिए हम अपनी क्षमता और साझेदारी का भी विस्तार कर रहे हैं।'    

हालांकि कंपनी की आय अनुमान से बेहतर रही है लेकिन कॉग्निजेंट में नौकरी छोडऩे की दर उद्योग में सबसे अधिक है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या कंपनी इसे संभाल पाएगी? कंपनी ने कहा कि दूसरी तिमाही में कर्मचारियों की नौकरी छोडऩे की दर 31 फीसदी रही, वहीं स्वैच्छिक नौकरी छोडऩे की दर सालाना आधार पर 29 फीसदी रही जबकि पिछले 12 महीने में यह 18 फीसदी रही। कंपनी ने विश्लेषकों से बातचीत में कहा कि वह नियुक्ति और कर्मचारियों की कुशलता बढ़ाने की व्यवस्था में तेजी ला रही है।

हम्फ्रीज ने कहा कि कॉग्निजेंट 2021 में एक लाख अनुभवी एसोसिएट की भर्ती करने जा रही है और करीब एक लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इसके अलावा 2021 में हम करीब 30,000 नए स्नातकों की भर्ती करेंगे और 2022 के लिए भारत में 45,000 नए इंजीनियरों की नियुक्ति करेंगे।'

टीमलीज सर्विसेज की सह-संस्थापक और कार्यकारी उपाध्यक्ष ऋतुपर्णा चक्रवर्ती कहती हैं कि आईटी क्षेत्र में कौशल के हिसाब से भारी उठा-पटक देखी जा रही है। कंपनियों के लिए तेजी से कर्मचारी भर्ती करने का एक ही तरीका है कि वे उद्योग के अनुभवी पेशेवरों को नियुक्त करे। लेकिन भविष्य की परियोजनाओं को देखते हुए ब्लॉकचेन, आईओटी, साइबर सुरक्षा, क्लाउड जैसे कौशल वाले लोगों की जरूरत होगी। भारत में भी इस तरह के कौशल वाले उतने लोग नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर कुशल लोगों की आपूर्ति नहीं बढ़ती है तो वेतन पर असर पड़ेगा क्योंकि कंपनियां प्रतिभाशाली लोगों को अपने साथ जोडऩा चाहेंगी।

आईटी क्षेत्र में किसी भी कंपनी ने इतनी बड़ी संख्या में भर्ती नहीं की है। पारीख कंसल्टिंग के संस्थापक पारीख जैन ने कहा, 'भारत में पर्याप्त संख्या में प्रतिभा है लेकिन असल मसला गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा का है। कॉगिन्जेंट जिस क्षेत्र में भर्तियां बढ़ाना चाह रही है, उस क्षेत्र में प्रतिशाली पेशेवरों की बहुत कमी है। जितनी संख्या में वह भर्ती करने जा रही है, उसे देखते हुए कंपनी को अगली पंक्ति के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा से लैस करने पर काम करना होगा।'

कंपनी ने कर्मचारियों की नौकरी छोडऩे की दर को कम करने के लिए सभी उपाय करने की भी बात कही है। इसके तहत काम में अदला-बदली, पारितोषिक समायोजन, पदोन्नति आदि जैसे उपाय शामिल हैं। हम्फ्रीज ने कहा, 'पिछले 6 महीनों में हमने अपनी नियुक्ति क्षमता बढ़ाई है क्योंकि 2020 की दूसरी छमाही में मांग में तीव्र सुधार को देखते हुए कर्मचारियों की नौकरी छोडऩे का हमें अंदेशा था।' सभी उपायों के बावजूद दूसरी तिमाही के आंकड़ों में आपूर्ति पक्ष पर दबाव देखा गया। समूचे आईटी उद्योग में कर्मचारियों की नौकरी छोडऩे की दर बढ़ रही है और हर कंपनी प्रतिभाशाली लोगों को अपने साथ बनाए रखने और कैंपसों से नई भर्तियां करने पर ध्यान दे रही है।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी वीवी अप्पाराव ने बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में कहा था कि अभी आपूर्ति पक्ष सही है। सभी कंपनियों के पास उम्मीद से तीन गुने ऑर्डर हैं। ऐसे में तीन से चार साल के अनुभव वाले पेशेवरों को लेकर खींचतान है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी शीर्ष प्रतिभाओं को अपने साथ बनाए रखने के लिए ज्यादा ध्यान दे रही है। एचसीएल टेक में कंपनी छोडऩे की दर एक अंक में है।

सभी कंपनियां प्रतिभाओं को नियुक्त करने पर जोर दे रही हैं। ऐसे में अनुबंध पर नियुक्ति करने का उपाय हो सकता है लेकिन इससे मार्जिन पर असर पड़ेगा। कॉग्निजेंट के सीएफओ जन सीगमंड ने कहा, 'नौकरी छोडऩे की दर अधिक होने से लागत पर भी दबाव बढऩे की आशंका है, जिसमें नियुक्ति की लागत, अनुभवी लोगों को ज्यादा वेतन देना और उप-अनुबंध लागत शामिल हैं।'

Keyword: कॉग्निजेंट, भर्तियां, डिजिटल बदलाव, नैस्डैक, आईटी सेवा प्रदाता,
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