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आईटीसी शेयर बिक्री मुश्किल भरी होगी

सुंदर सेतुरामन / मुंबई July 22, 2021

सरकार आईटीसी में अपनी 7.93 प्रतिशत हिस्सेदारी घटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, क्योंकि उसने इस साल का 1.75 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया है। सूटी कार्यक्रम के तहत इस हिस्सेदारी का मूल्य मंगलवार के बंद भाव 206.8 रुपये के हिसाब से 20,185 करोड़ रुपये पर था।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि एक बार में पूरी हिस्सेदारी घटाना चुनौतीपूर्ण होगा और केंद्र सरकार को एकमुश्त के बजाय अलग अलग हिस्सेदारी बिक्री पर ध्यान देना चाहिए।

स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, 'मांग ज्यादा ऊंची नहीं रह सकती है। यदि शेयर के लिए आंतरिक तौर पर मांग होती तो यह मौजूदा तेजी की स्थिति में अच्छी बढ़त दर्ज कर सकता था। शेयर ने पिछले 18 महीने में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है।'

आईटीसी का शेयर पिछले एक साल में महज 7.5 प्रतिशत चढ़ा है। तुलनात्मक तौर पर, सेंसेक्स में 38 प्रतिशत की तेजी आई। आईटीसी द्वारा शानदार लाभांश भुगतान और वित्तीय आंकड़ों के बावजूद इस शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

बाजार कारोबारियों का कहना है कि शेयर में कमजोरी ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक) निवेश और एफपीआई के लिए सीमित संभावनाओं की वजह से आई है।

बालिगा ने कहा, 'ईएसजी मानकों को लेकर समस्या है। हालांकि इसे लेकर चर्चाएं सामने आईं कि ईएसजी को लेकर कंपनी ने अन्य कई कंपनियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। यह आईटीसी के लिए एक प्रमुख समस्या है।'

विश्लेषकों का कहना है कि आईटीसी को अलग करने से सरकार को बेहतर मूल्य हासिल करने में मदद मिल सकती है।

इक्विनोमिक्स के संस्थापक जी चोकालिंगम ने कहा, 'आईटीसी के होटल और एफएमसीजी खंड ईएसजी शर्तों को पूरा कर सकते हैं और अलग अलग सूचीबद्घता की स्थिति में उन्हें आकर्षक मूल्यांकन मिलेगा। सिर्फ तंबाकू व्यवसाय कम मूल्यांकन से प्रभावित होगा। सरकार को आईटीसी को अपने व्यवसाय पुनर्गठित करने और उन्हें अलग अलग सूचीबद्घ कराने की सलाह देनी चाहिए। तभी सरकार अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद कर सकती है। तंबाकू व्यवसाय मूल्यांकन को प्रभावित कर रहा है।'

बालिगा ने कहा, एकमात्र विकल्प डीमर्जर यानी विलय को समाप्त करना है जिसमें सिगरेट और अन्य व्यवसाय हों। यह शेयरधारकों के लिए लाभ मुहैया कराने का एकमात्र तरीका है। आईटीसी पूंजी वृद्घि और लाभांश वितरण दोनों में मजबूत रही है। समस्या पिछले कुछ वर्षों में दिखी है। अभी अभी, लाभांश प्रतिफल बढिय़ा है।

Keyword: आईटीसी, शेयर बिक्री, हिस्सेदारी, विनिवेश लक्ष्य, सूटी कार्यक्रम,
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