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अमेरिका-भारत हाइड्रोजन कार्य बल बना

त्वेष मिश्र / नई दिल्ली June 18, 2021

अमेरिका के ऊर्जा विभाग (डीओई), भारत के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) और यूएस इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) ने संयुक्त रूप से अमेरिका-भारत हाइड्रोज न कार्यबल का शुभारंभ किया है। यह यूएस-इंडिया स्टै्रटजिक क्लीन एनर्जी पार्टनरशिप (एससीईपी) के अंतर्गत है।

भारत और अमेरिका ने जो बाइडन प्रशासन के कार्यभार संभालने के बाद जैव ईंधन और हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने का निर्णय लिया था। इस साल मार्च में दोनों देशों ने कहा था कि वे उन्नत अमेरिकी तकनीकों और भारत के तेजी से बढ़ते ऊर्जा बाजार का लाभ उठाने के लिए अपने प्रयासों में तेजी लाएंगे।

एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि नए कार्य बल में उद्योग और सरकार के साझेदार हैं जो तकनीक की स्थिति का आकलन करेंगे, अभिनव नीति विकल्पों का अध्ययन करेंगे और अपनी सिफारिशें देंगे। इस कार्य बल के गठन की घोषणा सबसे पहले ऊर्जा के अमेरिकी उप सचिव डेबिड एम टर्क ने अप्रैल 2021 में की थी। अमेरिका-भारत हाइड्रोजन कार्य बल के सह अध्यक्ष और ऊर्जा विभाग के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यालय में एशियाई मामलों के कार्यालय के निदेशक केन विंसेंट ने कहा, 'अमेरिका और भारत महत्त्वपूर्ण हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों की पहुंच, सामथ्र्य और तैनाती का तरीका ढूंढ़ कर जलवायु संकट का समाधान निकालने में मदद कर सकते हैं। अमेरिका-भारत हाइड्रोजन कार्य बल सरकारी शोध को उद्योग के दृष्टिकोण से मिलाता है।'

विंसेंट ने कहा कि इसका मकसद उच्च प्रदूषक औद्योगिक क्षेत्रों को कार्बन से मुक्त करने के सामूहिक लक्ष्य तक पहुंचना और पहले से अधिक हरित स्वच्छ ग्रह को पाना है। यूएसआईएसपीएफ में सरकारी मामलों के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नॉल्टी थेरोइट ने कहा, 'यूएसआईएसपीएफ के सदस्य हाइड्रोजन आपूर्ति शृंखला में प्रतिनिधित्व करते हैं और हम इस नए सार्वजनिक-निजी भागीदारी के शुरू होने को लेकर बहुत उत्सुक हैं। अमेरिका-भारत हाइड्रोजन कार्यबल नवीकरणीय ऊर्जा और जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हाइड्रोजन के उत्पादन की तकनीक को बढ़ाने में मदद करेगा और बढ़ी हुई ऊर्जा सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए तैनाती की लागत को कम करेगा।'

हाइड्रोजन कार्य बल सरकारी स्तर पर एक संचालन समिति, एक उद्योग परिषद और चिह्नित प्रमुखता वाले क्षेत्रों में कार्य समूह या उप समितियों के रूप में गठित होगा। इसका जोर दोनों देशों से उद्योग और संस्थाओं के बीच हाइड्रोजन पर सहयोग को मजबूत करने पर रहेगा। भारत एच2 गठबंधन के रूप में एक और हाइड्रोजन केंद्रित संघ जोर पकड़ रहा है। इसी हफ्ते जेएसडब्ल्यू स्टील, सीएसआईआर -राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर  -एनसीएल) और स्कॉटिश डेवलपमेंट इंटरनैशनल (एसडीआई) इस गठबंधन में शामिल हुआ। टेरी, सीईईडब्ल्यू, डब्ल्यूआरआई इंडिया भारत एच2 उद्योग गठबंधन के साझेदार के रूप में सहयोग करेंगे।

 

Keyword: अमेरिका-भारत, हाइड्रोजन, कार्यबल, ऊर्जा, डीओई, एमएनआरई,
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