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महामारी में आईपीआर पर जोर देने की गुंजाइश नहीं: हर्षवर्धन

रुचिका चित्रवंशी /  June 02, 2021

वैश्विक स्तर पर कोविड टीकों को बौद्धिक संपदा से मुक्त करने पर जोर देने की भारत की पहल के बीच स्वास्थ्य मंत्री और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक्जीक्यूटिव बोर्ड के अध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा कि उद्योग जगत के लिए मौजूदा महामारी के अहम वक्त में बौद्धिक संपदा अधिकारों पर टिके रहने की कोई गुंजाइश नहीं है। हर्षवर्धन कहते हैं, 'कई बार हम यह देखते हैं कि सहयोगात्मक अनुसंधान के लिए काफी कम दिलचस्पी बची है। सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य का लक्ष्य हासिल करने के लिए किफायत का पहलू भी सबसे अहम कारक है।'

भारत और दक्षिण अफ्रीका ने अक्टूबर 2020 में बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलुओं पर समझौते के प्रावधानों के तहत कोविड टीकों और दवाओं को आईपी प्रतिबंधों से छूट देने के लिए एक अस्थायी छूट देने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि बड़ी दवा कंपनियों ने अनिवार्य लाइसेंसिंग पर भारत के कदम का पुरजोर विरोध किया है और यहां तक कि दवा से इतर दूसरे क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाली बिल गेट्स जैसी शख्सियत भी बिना पेटेंट के टीका प्रौद्योगिकी साझा करने के खिलाफ  हैं। अमेरिका ने जहां कोविड टीकों के लिए छूट का समर्थन किया है वहीं विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में प्रस्ताव पारित करना होगा।

हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि महामारी के मौजूदा हालात को देखते हुए सबसे बड़ी चुनौती टीकों का समान वितरण है। उन्होंने कहा, 'विश्व स्वास्थ्य संगठन में मौजूद हम सभी लोगों को इससे ऊपर उठने की कोशिश करनी चाहिए ताकि शक्तिहीन और उन लोगों को बचाया जा सके कि जो अपनी आवाज नहीं उठा सकते ताकि इस अंधेरे वक्त में उम्मीद की किरण देखी जा सके।' अध्यक्ष के तौर पर अपने एक साल का कार्यकाल पूरा करने पर बोर्ड की बैठक के 149 वें सत्र को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि अब कार्रवाई करने का समय है क्योंकि अगले दो दशकों में स्वास्थ्य से जुड़ी कई तात्कालिक चुनौतियां दिखने वाली हैं।  उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन के साथ डब्ल्यूएचओ जैसी संस्थाओं को इस गंभीर समय में प्रमुख दवाओं की किफायती पहुंच सुनिश्चित करने के तरीके खोजने चाहिए। हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि यह साल विज्ञान के नाम रहा और विज्ञान और डेटा के क्षेत्र में जमीनी फैसले लिए गए।

Keyword: महामारी, आईपीआर, बौद्धिक संपदा, डब्ल्यूएचओ, हर्षवर्धन,
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