बिजनेस स्टैंडर्ड - सेबी की रियायत से पीई फंडों को निकास में मिलेगी मदद
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, June 23, 2021 10:54 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

सेबी की रियायत से पीई फंडों को निकास में मिलेगी मदद

राघवेंद्र कामत और सुरजीत दास गुप्ता / मुंबई/नई दिल्ली May 16, 2021

आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के प्रभावी होने के बाद प्रवर्तकों के लिए लॉक-इन पाबंदियों में ढील देने संबंधी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की योजना के बाद निजी इक्विटी (पीई) कंपनियां अपने निवेश निकलने में आसानी की उम्मीद कर रही हैं। इससे उनके लिए सौदे भी कहीं अधिक आकर्षक हो जाएंगे। सेबी ने मंगलवार को कहा था कि कम से कम 20 फीसदी शेयरधारिता वाले मामलों में आईपीओ के बाद प्रवर्तकों के लिए तीन साल की लॉक-इन अवधि को घटाकर एक साल किया जा सकता है जबकि अन्य मामलों में अब यह छह महीने से एक साल की अवधि होगी।

बाजार नियामक 'प्रवर्तक' की अवधारणा को बदलकर 'नियंत्रण करने वाला व्यक्ति' को लागू करने भी योजना बना रहा है। अब तक, चूंकि पीई फंडों की सीमित निवेश अवधि और लॉक-इन अवधि लंबी होने के कारण निवेश से बाहर होना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता था। विशेषज्ञों ने कहा कि अधिकतर मामलों में इस जिटल प्रक्रिया को पूरा करने में काफी देरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि खरीदारी एवं नियंत्रण सौदे के तहत तेजी से प्रवर्तक बन रहीं पीई फर्मों के लिए निकास आसान नहीं होता है।

देश में निवेश करने वाली एक सबसे बड़ी पीई फर्म ब्रुकफील्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इससे (सेबी की योजना से) निकास के लिए योजना बनाने में मदद मिलेगी। इसका मतलब साफ है कि विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों में निवेश के लिए अधिक सहज होंगी।' एडलवाइस वेल्थ के प्रमुख (निवेश प्रबंधन) अंशु कपूर ने कहा, 'प्रवर्तकों के लिए लॉक-इन अवधि में कमी किए जाने से पीई नियंत्रित सौदों में पीई के निकास में आसानी होगी। इसी प्रकार आईपीओ पूर्व गैर प्रवर्तक शेयरहिस्सेदारी में कमी किए जाने से अल्पांश पीई निवेशकों बेहतर निकास की योजना बनाने में मदद मिलेगी।' लॉक-इन अवधि को तीन साल से घटाकर एक साल किए जाने से कई सौदे कठिन के बजाए आकर्षक हो जाएंगे।

ईवाई इंडिया के पार्टनर एवं नैशनल लीडर (एफएएएस) संदीप खेतान ने भी इससे सहमति जताई। उन्होंने कहा, 'यह विदेश में सूचीबद्धता के लिए प्रस्तावित नियमों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा और अधिक विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेगा।' हालांकि उन्होंने चेताया कि इस प्रकार की शेयरधारिता एवं योजनाबद्ध निकासी के लिए अधिकारियों को खुलासा संबंधी ढांचे को मजबूत करने और अल्पांश शेयरधारकों के हितों को सुरक्षित रखने पर ध्यान देने की जरूरत है। पिछले कुछ महीनों के दौरान निकास सौदों में तेजी आई है। पिछले महीने 2.7 अरब डॉलर मूल्य के करीब 13 निकास सौदे दर्ज किए गए जो अप्रैल 2020 के 1.17 करोड़ डॉलर के निकास सौदों के मुकाबले करीब 23 गुना अधिक है। इसी साल मार्च में हुए 2.1 अरब डॉलर के पीई निकास सौदों के मुकाबले यह करीब 25 फीसदी अधिक है। ईवाई और पीई इंडियन वेंचर कैपिटल एसोसिएशन के अनुसार, इस साल अप्रैल में 5.69 करोड़ डॉलर जुटाए गए जबकि पिछले साल अप्रैल में ऐसी कोई रकम नहीं जुटाई गई थी।

3वन4 कैपिटल के संस्थापक पार्टनर एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी और इंडियन प्राइवेट इक्विटी ऐंड वेंचर कैपिटल एसोसिएशन के सह-अध्यक्ष (नियामकीय मामलों की समिति) सिद्धार्थ पई ने कहा कि आईपीओ के जरिये निकास के मामलों में लॉक-इन एक प्रमुख बाधा रही है क्योंकि कंपनी को अपने परिचालन एवं पूंजीगत खर्च के लिए रकम जुटाने के साथ-साथ निवेशकों के लिए निकास में संतुलन बिठाने की आवश्यकता होती है। मेगाडेल्टा कैपिटल की संस्थापक पार्टनर बाला देशपांडे ने कहा कि यह समय पर उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा, 'इससे प्रवर्तकों को सूचीबद्ध होने के लिए प्रेरित किए जाने के अलावा कारोबार में कहीं अधिक पेशवर नजरिये के लिए मार्ग प्रशस्त होगा।'

हालांकि कोटक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स (केआईएएल) के प्रबंध निदेशक श्रीनी श्रीनिवासन ने कहा कि इस प्रावधान से सीधे तौर पर निजी इक्विटी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, 'यदि एआईएफ (वैकल्पिक निवेश फंड) का निवेश अनिवार्य परिवर्तनीय प्रपत्रों में नहीं होगा तो उनके लिए पाबंदी बरकरार रहेगी।'
Keyword: ipo, sebi, PE, private equity, market regualtor,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

बाजार हलचल

Investmentsकीमत बढ़ोतरी से पेंट शेयरों में आएगी मजबूती पेंट बनाने वाली कंपनियों ने

पीएमसी बैंक चालू करने के लिए हमारे पास चार महीने

मजबूत निवेश, मूल्यांकन से फंडों का नकदी स्तर बढ़ा

पीएसयू का बाजार पूंजीकरण 7 महीने में 77 प्रतिशत चढ़ा

बाजार हलचल

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.