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केयर्न को चुनौती देने की तैयारी

निकुंज ओहरी और दिलाशा सेठ / नई दिल्ली May 16, 2021

भारत सरकार ने केयर्न एनर्जी के एयर इंडिया की संपत्तियों को जब्त करने के लिए अमेरिकी अदालत में जाने के अगले ही दिन यह मुकदमा लडऩे के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने एयर इंडिया से जानकारियां भी मांगी हैं ताकि उसकी निजीकरण प्रक्रिया पर असर का आकलन किया जा सके।

ब्रिटेन की इस बड़ी तेल कंपनी को 1.2 अरब डॉलर चुकाने के मध्यस्थता फैसले को चुनौती देने के लिए भारत ने हेग में याचिका दायर की है, जिस पर 1 सितंबर को सुनवाई होनी है। केयर्न एनर्जी ने 14 मई को न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया ताकि एयर इंडिया को भारत का हिस्सा करार दिया जाए और इसे भारत के कर्ज के लिए संयुक्त और व्यक्तिगत रूप से भी जिम्मेदार माना जाए। अगर यह अदालत एयर इंडिया को भारत सरकार का हिस्सा मान लेती है तो केयर्न मध्यस्थता अदालत के फैसले के मुताबिक राशि की वसूली के लिए अमेरिका में इसकी संपत्तियां कुर्क या जब्त कर सकती है। 

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया की उन संपत्तियों का ब्योरा मांगा है, जिन्हें जब्ती के लिए चिह्नित किया गया है। सरकार का मकसद अपना कानूनी रास्ता तैयार करना और इस कदम का एयर इंडिया के निजीकरण पर असर का आकलन करना है। 

सरकार को अभी तक एयर इंडिया पर आने वाली देनदारी को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। लेकिन यह घटनाक्रम निजीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा क्योंकि इस विमानन कंपनी को अदालत में घसीटा गया है और सरकार के बकाये के लिए देनदार बनाया गया है। इस अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के नजदीक थी। शेयर खरीद समझौते (एसपीए) का प्रारूप और प्रस्ताव आग्रह (आरएफपी) पहले ही पात्र बोलीदाताओं के साथ साझा किए जा चुके हैं। 

समाचार एजेंसी पीटीआई की खबरों के मुताबिक केयर्न एनर्जी ने भारत सरकार से 1.72 अरब डॉलर की वसूली की खातिर संभावित जब्ती के लिए 70 अरब डॉलर की संपत्तियां चिह्नित की हैं, जिनमें एयर इंडिया के विमान, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जहाज और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संपत्तियां शामिल हैं। 

केयर्न एनर्जी ने पेशकश की है कि अगर सरकार मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को लागू करने पर राजी हो जाती है तो वह मुकदमे से मिलनी वाली पूरी धनराशि भारत में निवेश कर सकती है। इस धनराशि में 1.2 अरब डॉलर का मूलधन और 50 करोड़ डॉलर का ब्याज शामिल है।

Keyword: cayern energy, air india, एयर इंडिया, केयर्न एनर्जी,
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