बिजनेस स्टैंडर्ड - 5जी के इस्तेमाल के लिए धीमी किंतु ठोस शुरुआत करनी होगी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, June 21, 2021 03:18 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

5जी के इस्तेमाल के लिए धीमी किंतु ठोस शुरुआत करनी होगी

सामयिक सवाल
निवेदिता मुखर्जी /  May 07, 2021

सरकार से 5जी परीक्षण को मंजूरी मिलने के बाद संकट से जूझ रहा दूरसंचार क्षेत्र इस बात को लेकर निश्चिंत है कि स्पेक्ट्रम नीलामी का अगला दौर 2022 के पहले नहीं होने वाला। दूरसंचार कंपनियों ने कहा है कि अगर 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी जल्दी की गई तो इससे दूरसंचार क्षेत्र की मुसीबतें और बढ़ेंगी। सरकार के ताजा कदम का संकेत यही है कि अभी कुछ महीनों तक यह नीलामी नहीं होगी। ऐसे में कुछ कारोबारियों को जरूर राहत मिलेगी क्योंकि इस नीलामी में बड़े बदलाव लाने में सक्षम सेवाओं और अनुप्रयोग पर काफी धन खर्च होगा।

 
हालांकि कोविड-19 के बीच घर से काम करना तथा तमाम कारोबारी गतिविधियां चलाना आम हो चुका है, ऐसे में अगली पीढ़ी की उच्च गति वाली प्रौद्योगिकी का परीक्षण करना दूरसंचार कंपनियों, उपकरण निर्माताओं और इस समूची व्यवस्था के लिए दिक्कतदेह हो सकता है। यदि ऐसा होता भी है तो लगता नहीं कि उद्योग जगत इस अवसर को जाने देगा क्योंकि 5जी प्रौद्योगिकी कई बहुप्रतीक्षित विकल्पों मसलन रोबोटिक सर्जरी और स्वचालित कारों की राह प्रशस्त कर सकती है और 60 से अधिक देशों में इसका इस्तेमाल हो भी रहा है। 
 
दूरसंचार कंपनियां परीक्षण को लेकर अपनी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर योजनाएं तैयार करने लगी हैं। देखना यह होगा कि उनकी प्राथमिकता क्या होगी। वे स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वचालन को लेकर आगे बढ़ेंगे या गेमिंग अथवा मीडिया और मनोरंजन को लेकर? यह स्पष्ट है कि आरंभ में यानी 5जी की वाणिज्यिक शुरुआत के बाद भी अधिकांश दूरसंचार कंपनियां 10 या 15 बड़े शहरों पर ध्यान केंद्रित करेंगी। परीक्षण के क्षेत्र का निर्णय साझेदारों मसलन एरिक्सन, नोकिया या सैमसंग के अंतरराष्ट्रीय अनुभव पर आधारित होगा। 
 
शिक्षा और स्वास्थ्य आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां 5जी प्रौद्योगिकी अत्यधिक उपयोगी साबित हो सकती है लेकिन यूरोपीय 5जी ऑब्जर्वेटरी की सूची के मुताबिक मीडिया और मनोरंजन श्रेणी अधिकांश 5जी परीक्षणों में शीर्ष पर है। परिवहन, स्वचालन, उद्योग, ई-स्वास्थ्य, वर्चुअल रियलिटी, स्मार्ट सिटी, जन स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृषि और स्मार्ट इमारतें आदि इसके बाद आती हैं। भारत में भी संभावना यही है कि शायद मीडिया और मनोरंजन उद्योग को प्राथमिकता दी जाए। इससे ओटीटी (ओवर द टॉप) मीडिया स्ट्रीमिंग कंपनियों को काफी गति मिल सकती है। घरों में ही स्टेडियम जैसा माहौल मुहैया कराना भी ऐसी ही एक बात है जिस पर शायद देश में 5जी कारोबारी विचार कर रहे होंगे। इंटरनेट से जुड़े घर और कार भी इस परीक्षण का हिस्सा हो सकते हैं लेकिन स्वचालित कार और रोबोटिक सर्जरी का नंबर काफी बाद में आ सकता है। 
 
भविष्य की सेवाओं के अलावा भारत फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए)पर दांव लगा सकता है। यह हमारे घरों में लगे फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवा का वायरलेस विकल्प है। इसके साथ वायरलेस इंटरनेट संचार मजबूत होगा और वह फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की तरह तेज गति वाला होगा। ऐसे में बुनियादी 5जी नेटवर्क जो एफडब्ल्यूए की सेवा के साथ वायरलेस पर ब्रॉडबैंड की गति प्रदान करे वह देश के लिए बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है। इसके लिए 5जी कारोबारियों को अपने मोबाइल टावर्स को फाइबर युक्त करना होगा और टावरों की तादाद बढ़ानी होगी। इसमें काफी पूंजी लगेगी।
 
अगले दो सप्ताह के दौरान भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया समेत दूरसंचार कंपनियां गैर वाणिज्यिक 5 जी परीक्षण के लिए जगह निर्धारित करेंगी। इसके अलावा खुदरा से लेकर टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं तक विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और समझौते भी देखने को मिलेंगे। भारतीय उपभोक्ताओं के लिए क्या उपयुक्त है इसे लेकर काफी शोध एवं विकास की गुंजाइश भी रहेगी। कंपनियों में 5जी के लिए समर्पित टीमें तैयार होने के साथ ही आशंकाएं तो यह भी हैं कि दूरसंचार कंपनियों के मौजूदा नेटवर्क के साथ हस्तक्षेप होगा। एक और चुनौती है देश में 5जी क्षमता से युक्त स्मार्ट फोन का अभाव। परंतु ये चीजें सुलझ जाएंगी और तकनीक को वैश्विक घटनाओं के साथ तालमेल बिठाना होगा। 
 
अगस्त 2018 में भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण (ट्राई) ने स्पेक्ट्रम नीलामी को लेकर जो अनुशंसाएं जारी कीं उनमें कहा गया कि दुनिया भर में दूरसंचार को किसी देश के सामाजिक-आर्थिक विकास के एक अहम उपाय के रूप में चिह्नित किया गया है। उसमें कहा गया कि दूरसंचार प्रमुख सहायक सेवा है और यह अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और उनकी तेज वृद्धि के लिए आवश्यक है। ट्राई ने कहा, 'स्पेक्ट्रम वायरलेस संचार सेवाओं का एक अहम और अत्यंत जरूरी घटक है। डेटा सेवाओं की बढ़ती मांग और डेटा की जरूरत वाले अनुप्रयोग के बढ़ते इस्तेमाल के कारण स्पेक्ट्रम की आवश्यकता बढ़ती ही जाएगी।'
 
सितंबर से दिसंबर 2020 के बीच दूरसंचार उपभोक्ताओं के आंकड़ों से यह पता चलता है कि देश में उच्च गति वाले डेटा की कितनी मांग है। देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की तादाद सिंतबर के 77.64 करोड़ से बढ़कर दिसंबर में 79.51 करोड़ हो गई। यानी एक तिमाही में 2.41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 79.51 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में से 2.55 करोड़ लोग तार वाले इंटरनेट के उपभोक्ता थे जबकि 76.96 करोड़ लोग वायरलेस इंटरनेट के। ब्रॉडबैंड इंटरनेट उपभोक्ताओं की तादाद सिंतबर के 72.63 करोड़ से 2.90 प्रतिशत बढ़कर दिसंबर 2020 में 74.74 करोड़ हो गई।  इस अवधि में कम प्रभावशाली पांच करोड़ नैरोबैंड इंटरनेट उपभोक्ताओं की तादाद 4.72 फीसदी गिर गई। 
 
दूरसंचार विभाग की ओर से 5जी परीक्षण की अनुमति ट्राई द्वारा 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी की अनुशंसा के करीब तीन वर्ष बाद मिली है। अब वक्त आ गया है कि दूरसंचार विभाग 5जी स्पेक्ट्रम की भारी-भरकम आरक्षित कीमतों को कम करे ताकि शहरी और ग्रामीण भारत के बीच की खाई पाटी जा सके। 
Keyword: %G, network, mobile, telecom,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या कंपनियों को मौजूदा हालात में बढ़ाने चाहिए उत्पादों के दाम ?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.