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भारतीय उद्योग जगत को पहली तिमाही के लिए चिंता

विवेट सुजन पिंटो, शैली सेठ मोहिले, अदिति दिवेकर और अभिजित लेले / मुंबई May 07, 2021

वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही के परिणामों से शुरुआती संकेत उत्साहजनक रहे हैं लेकिन भारतीय उद्योग जगत उसका जश्न नहीं मना रहा है। दरअसल, विभिन्न क्षेत्रों तमाम कंपनियों का मानना है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही को कोविड-19 की दूसरी लहर का तगड़ा झटका लगने वाला है। भारत दुनिया में इस वैश्विक महामारी से सबसे अधिक प्रभवित देशों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गया है।
 
अप्रैल के बाद से ही भारत कोरोनावायरस के कई स्ट्रेन की चपेट में है जिससे देश में जान-माल की हानि हो रही है और कारोबार प्रभावित हो रहा है। ड्यूरेबल्स, वाहन, फैशन, लाइफस्टाइल, आतिथ्य सेवा, फूड सर्विसेज, यात्रा और पर्यटन जैसी आउट-ऑफ-होम रिटेल एवं विवेकाधीन श्रेणियां सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। कोविड संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और ऐसे में सरकार के पास लोगों की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों को तत्काल रोकने के अलावा कोई विकल्प मौजूद नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि देश में वैश्विक महामारी की मौजूदा परिस्थिति में कुलमिलाकर मांग परिदृश्य, खासकर संपर्क वाली सेवाओं की मांग को तात्कालिक झटका लगेगा।
 
विभिन्न क्षेत्रों को ऋण देने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के एक बड़े बैंक के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर काफी जोखिम भरा दौर है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने कोविड संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए बुधवार को कई उपायों क घोषणा की है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी लहर के प्रभाव से निपटने के लिए और अधिक उपाय करने की आवश्यकता है। वाहन और ड्यूरेबल्स क्षेत्र की कुछ कंपनियां घटते राजस्व और बढ़ती इन्वेंट्री के मद्देनजर अपनी विनिर्माण इकाइयों को बंद करने की घोषणा पहले ही कर चुकी हैं। मौजूदा समय में उपभोक्ता अपने घरेलू खर्च को प्राथमिकता दे रहे हैं और वे काफी हद तक स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा और फूड एवं ग्रोसरी जैसे अन्य आवश्यक श्रेणियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
 
गोदरेज अप्लायंसेज के कारोबार प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, 'यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जब जून तिमाही में घरेलू अप्लायंसेज बाजार को वैश्विक महामारी के कारण पाबंदियों और लॉकडाउन का झटका लगेगा। अप्रैल 2021 में बिक्री 2019 की समान अवधि के मुकाबले 40 फीसदी कम रही जबकि अप्रैल 2020 में देशव्यापी लॉकडाउन के कारण बिक्री बिल्कुल नहीं हुई थी। अब मई भी उतना ही चुनौतीपूर्ण हो गया है क्योंकि पाबंदियां अभी खत्म नहीं हुई हैं।'
 
नंदी देश में ड्यूरेबल्स कंपनियों के शीर्ष संगठन कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। संगठन गर्मी के मौसम के मद्देनजर स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है क्योंकि इसी दौरान उद्योग की करीब एक तिहाई बिक्री होती है। फेडरेशन ऑफ होटल ऐंड रेस्टोरेंट्ïस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष गुरबख्श सिंह कोहली ने कहा, 'पिछले साल लॉकडाउन के बाद 30 से 35 फीसदी रेस्तरां स्थायी तौर पर बंद हो गए। इसके अलावा इस साल स्थानीय लॉकडाउन के कारण अन्य 30 फीसदी रेस्तरां बंद हो जाएंगे। हमने महाराष्टï्र जैसे राज्य सरकारों से कहा है कि इस उद्योग में कार्यरत श्रमिकों को मुआवजा दिया जाए और रेस्तरां मालिकों के लिए वैधानिक शुल्कों, करों और यूटिलिटी बिलों को माफ किया जाए।'
 
मारुति सुजूकी के कार्यकारी निदेशक (बिक्री एवं विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, 'विवेकाधीन प्रकृति केकारण कार खरीदारी भावनाओं से प्रेरित होती है। विभिन्न शहरों में लॉकडाउन के कारण खुदरा बिक्री प्रभावित हुई है।' बजाज ऑटो के कार्यकारी निदेशक राकेश शर्मा ने कहा कि अप्रैल में कंपनी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट आई और इसे मई के पहले पखवाड़े तक जारी रहने के आसार हैं। लॉकडाउन के कारण कंपनी के करीब एक चौथाई खुदरा आउटलेट बंद हो चुके हैं जबकि 10 फीसदी के कारोबार पर कोविड संबंधी पाबंदियों का प्रभाव पड़ रहा है।
 
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के अध्यक्ष (कृषि उपकरण) हेमंत सिक्का ने कहा कि फिलहाल स्थानीय लॉकडाउन और कुछ राज्यों में डीलरशिप के बंद होने से ट्रैक्टरों की मांग प्रभावित हुई है। लेकिन आगामी सप्ताहों में उसकी वापसी होनी चाहिए। इक्रा के अध्यक्ष (रेटिंग) रामनाथ कृष्णन ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण मामलों में लगातार तेजी और स्थानीय पाबंदियों में विस्तार से भारतीय उद्योग में सुधार की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है। हालांकि इसका प्रभाव पिछले साल पहली लहर के मुकाबले कम रहेगा।
 
जिंदल स्टील ऐंड पावर के प्रबंध निदेशक वीआर शर्मा ने कहा कि स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा, 'प्रवासी मजबूर फिलहाल रुके हुए हैं क्योंकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य कोरोनावायरस से गंभीर रूप से प्रभावित हो गए हैं। फिलहाल हमारी परियोजना को कोई खास नुकसान नहीं हो रहा है लेकिन आगे क्या होगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।'
Keyword: CII, Q3, covid-19,,
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