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इंडसइंड बैंक का लाभ 194 फीसदी बढ़ा

बीएस संवाददाता/एजेंसियां / नई दिल्ली/मुंबई April 30, 2021

निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक का लाभ मार्च में समाप्त चौथी तिमाही में एकीकृत आधार पर 194 फीसदी उछल गया क्योंंकि बैंक ने प्रावधान घटाया और कर्ज की रफ्तार में कमी की। बैंक का कर पश्चात लाभ चौथी तिमाही में बढ़कर 926 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 315 करोड़ रुपये रहा था। बैंक की शुद्ध ब्याज आय इस अवधि में 9 फीसदी बढ़कर 3,535 करोड़ रुपये रही। साथ ही प्रावधान 24 फीसदी घटकर 1,866 करोड़ रुपये रहा।

बैंक का सकल एनपीए तिमाही में घटकर 2.67 फीसदी रह गया, जो तीसरी तिमाही में 2.93 फीसदी रहा था। इसके अलावा शुद्ध एनपीए 0.69 फीसदी पर स्थिर रहा। बैंंक का प्रावधान कवरेज अनुपात साल की समाप्ति पर 75 फीसदी रहा। पूरे साल के आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ 34 फीसदी घटकर 2,930 करोड़ रुपये रह गया, लेकिन शुद्ध ब्याज मार्जिन मामूली सुधरकर 4.17 फीसदी रहा। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ सुमंत कठपालिया ने कहा, करीब 10,000 करोड़ रुपये की नकदी बिना इस्तेमाल की पड़े रहने के कारण हमारा शुद्ध ब्याज मार्जिन दबाव में आ गया। बैंंक की लोनबुक में महज 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि जमाओं में 27 फीसदी का इजाफा हुआ। बैंक की लोनबुक में करीब 43 फीसदी कॉरपोरेट कर्ज है जबकि 57 फीसदी खुदरा, वाहन और माइक्रोफाइनैंस कर्ज। कठपालिया ने हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए किसी तरह का अनुमान नहीं जताया क्योंकि कोविड के कारण अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।


येस बैंक को 3,788 करोड़ रु. का नुकसान

निजी क्षेत्र के येस बैंक ने मार्च में समाप्त चौथी तिमाही में 3,788 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया है, जो मुख्य रूप से दबाव वाली परिसंपत्तियों के लिए 5,240 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रावधान के कारण हुआ। दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में बैंक ने 151 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। वित्त वर्ष 2021 में बैंक का सालाना नुकसान 3,462 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2020 के 22,715 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है। कभी राणा कपूर के नियंत्रण में रहने वाले येस बैंक का पुनर्गठन हुआ है, जहां एसबीआई की अगुआई में भारतीय लेनदारों के समूह ने इक्विटी पूंजी का निवेश किया है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय इस अवधि में 61.5 फीसदी की गिरावट के साथ 987 करोड़ रुपये रह गई, जो तीसरी तिमाही में 2,560 करोड़ रुपये रही थी। साथ ही यह पिछले साल की चौथी तिमाही के मुकाबले भी 22.5 फीसदी कम है। बैंंक ने एक बयान मेंं यह जानकारी दी।

बैंक की गैर-ब्याज आय चौथी तिमाही में घटकर 816 करोड़ रुपये रह गई, जो तीसरी तिमाही में 1,197 करोड़ रुपये रही थी। बैंंक का प्रावधान चौथी तिमाही में 138.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 5,240 करोड़ रुपये रहा, जो तीसरी तिमाही में 2,199 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4,872 करोड़ रुपये रहा था। बैंक का सकल एनपीए क्रमिक आधार पर बढ़कर मार्च में 15.41 फीसदी पर पहुंच गया, जो दिसंबर 2020 में 15.36 फीसदी रहा था। प्रावधान कवरेज अनुपात मार्च में घटकर 78.6 फीसदी रह गया, जो दिसंबर में 81.5 फीसदी रहा था। लेकिन यह मार्च 2020 में 78 फीसदी रहा था।


एसबीआई जनरल इंश्योरेंस का लाभ बढ़ा

निजी क्षेत्र की गैर-जीवन बीमा कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस (एसबीआईजी) ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में उसका शुद्ध लाभ 32 फीसदी बढ़कर 544 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में उसकी सकल लिखित प्रीमियम (जीडब्ल्यूपी) 22 फीसदी बढ़कर 8,312 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान 6,840 करोड़ रुपये थी। एसबीआईजी ने वित्त वर्ष 21 के दौरान 10 फीसदी का अंतरिम लाभांश दिया।


डालमिया भारत का एकीकृत मुनाफा बढ़ा

सीमेंट बनाने वाली कंपनी डालमिया भारत लिमिटेड ने शुक्रवार को कहा कि 31 मार्च 2021 को समाप्त चौथी तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ तेजी से बढ़कर 640 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 24 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था। कंपनी ने कहा है कि परिचालन राजस्व बढऩे और टैक्स क्रेडिट से उसका मुनाफा बढ़ा है। चौथी तिमाही के दौरान परिचालन से प्राप्त राजस्व 3,281 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।     भाषा

Keyword: इंडसइंड बैंक, येस बैंक, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस, डालमिया भारत,
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