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बीमा कंपनी ने की ना... तो अपनाइए समूह बीमा

बिंदिशा सारंग /  April 14, 2021

जीवन बीमा पॉलिसी खरीदना इस समय बहुत मुश्किल हो गया है। उद्योग से जुड़े लोग बता रहे हैं कि महामारी के दौरान हुए घाटे की भरपाई के लिए कई बीमा कंपनियां प्रीमियम भी बढ़ा रही हैं। साथ ही अंडरराइटिंग के नियम भी सख्त किए जा रहे हैं।

पॉलिसीएक्स डॉट कॉम के मुख्य कार्याधिकारी एवं संस्थापक नवल गोयल बताते हैं, 'बीमा कंपनियों ने पिछले एक साल के दौरान अंडरराइटिंग से जुड़े अपने नियम काफी सख्त कर लिए हैं। टर्म बीमा के 20 से 30 फीसदी आवेदन किसी न किसी वजह से खारिज किए जा रहे हैं।' जब आप बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए आवेदन करते हैं तो उसे खारिज किया जा सकता है, आगे के लिए टाला जा सकता है या यह भी कहा जा सकता है कि आप बीमा पाने के लायक ही नहीं हैं। आइए देखते हैं कि इसकी वजह क्या हैं?


आवेदन खारिज

बीमा के लिए आपकी दरख्वास्त कई वजह से खारिज की जा सकती है। हो सकता है कि आपको कोई ऐसी बीमारी हो, जिसे बीमा कंपनी गंभीर बीमारियों की श्रेणी में रखती हो। यह भी हो सकता है कि आप जिस पेशे से जुड़े हैं, उसे सामान्य पेशों की तुलना में अधिक जोखिम वाला माना जाता हो। अगर आप एडवेंचर स्पोट्र्स जैसी जोखिम भरी गतिविधियों से जुड़े हैं तो भी आपको बीमा देने से कंपनी मना कर सकती है। कई बार कंपनी दरख्वास्त तब भी खारिज कर देती है, जब आवेदक की आय या शैक्षिक योग्यता उसके पैमानों पर खरी नहीं उतरती।


आवेदन टाल देना

कई बार ऐसा भी होता है कि बीमा के लिए आवेदन करने वाले की सेहत अच्छी नहीं है। उस सूरत में बीमा कंपनी प्रीमियम बढ़ा देती है और बढ़े प्रीमियम पर बीमा पॉलिसी जारी कर देती है। लेकिन कई मौकों पर वह बीमा के आवेदन को टाल देती है। केनरा एचएसबीसी ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य परिचालन अधिकारी सचिन दत्ता बताते हैं, 'अगर सेहत की इस तरह की कोई दिक्कत है, जिसकी जांच दोबारा कराने की जरूरत है या जिसकी अभी तक जांच भी नहीं हुई है और इलाज भी नहीं हुआ है या किसी बीमारी के ऑपरेशन का इंतजार किया जा रहा है अथवा बीमा के लिए आवेदन करते समय बीमारी काबू से बाहर है तो बीमा कंपनी उसके आवेदन को छह महीने या साल भर के लिए ठंडे बस्ते में डाल सकती है।'

बीमा कंपनी ने जो समस्या बताई है, अगर आप उसे हल कर सकते हैं तो आपको पॉलिसी मिल सकती है। एडलवाइस टोक्यो लाइफ इंश्योरेंस के कार्यकारी निदेशक शुभ्रजित मुखोपाध्याय समझाते हैं, 'पॉलिसी टालने का फैसला उस समय किया जाता है, जब आवेदन के समय सेहत खराब होती है या खासा जोखिम होता है। अगर सही ढंग से इलाज किया जाए या बीमारी पर नियंत्रण कर लिया जाए तो बीमा कंपनी आपके अनुकूल फैसला कर सकती है यानी आपको बीमा पॉलिसी मिल सकती है।'


बीमा के लायक ही नहीं

कभीकभार ऐसा भी होता है कि तमाम कोशिशें करने के बाद भी आवेदक को किसी भी बीमा कंपनी से पॉलिसी नहीं मिल पाती है। ऐसे व्यक्ति को बीमा के लायक ही नहीं माना जाता है।


क्या हैं उपाय

अगर बीमा पॉलिसी का आपका प्रस्ताव खारिज हो रहा हो तो आपको क्या करना चाहिए। सबसे पहला काम तो यह करें कि किसी दूसरी बीमा कंपनी के पास किस्मत आजमाएं। फिनविन फाइनैंशियल प्लानर्स के संस्थापक मेलविन जोसेफ इसकी वजह बताते हैं। वह कहते हैं, 'अंडरराइटिंग के नियम हर बीमा कंपनी में एक जैसे नहीं होते हैं। आपकेा इस बात का फायदा मिल सकता है।' वित्तीय सलाहकार और वितरक आपको समझा सकते हैं कि किस बीमा कंपनी के अंडरराइटिंग के नियम आसान हैं।

अगर वहां काम नहीं बन रहा हो तो आप ऐसी बीमा पॉलिसी के लिए कोशिश कर सकते हैं, जिसमें साथ में निवेश भी हो। ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी पंकज मठपाल की राय है, 'एंडोमेंट, यूलिप जैसी योजनाओं में आम तौर पर प्रीमियम का 10 गुना तक बीमा कवर मिल जाता है। आप कम बीमा कवर वाले इन विकल्पों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। लेकिन यहां एक पेच है। अगर टर्म बीमा के लिए आपका आवेदन खारिज हो गया है या टाल दिया गया है तो दूसरी बीमा योजनाओं के लिए भी आपकी दरख्वास्त खारिज होने का अंदेशा ज्यादा है।'

अगर हर जगह से आपको मायूसी हाथ लग रही है तो दिल छोटा करने की जरूरत नहीं है। एक रास्ता आपके लिए बचा है और वह है समूह जीवन बीमा का। पता लगाइए कि जहां आप नौकरी करते हैं, वहां समूह जीवन बीमा मुहैया कराया जाता है या नहीं। अगर कराया जाता है तो आपका काम बन जाएगा। गोयल कहते हैं, 'ऐसी पॉलिसी के जरिये आपको 20-25 लाख रुपये या उससे कम का बीमा कवर हासिल हो सकता है।' नौकरीपेशा के लिए ही नहीं वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवरों के लिए भी समूह बीमा उपलब्ध है।

मठपाल बताते हैं, 'कई बार बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड के साथ भी समूह जीवन बीमा कवर मिलता है।' बीमा हासिल करने के लिए जो भी विकल्प मिलता है, उसका इस्तेमाल कीजिए मगर पॉलिसी जरूर ले लीजिए। अब अगर बीमा कंपनी आपको बीमा के लायक ही नहीं माने तो क्या किया जाए? उस सूरत में आपको अगले कुछ महीनों में बीमा का पात्र बनने की कोशिश में जुट जाना चाहिए। जोसेफ कहते हैं, 'इसके लिए आप अपनी जीवन शैली बदल सकते हैं। अगर आपको धूम्रपान की आदत है तो आप उसे बिल्कुल छोड़ सकते हैं। अगर आपके कद के हिसाब से आपका वजन कुछ ज्यादा ही है तो आप व्यायाम आदि के जरिये उसे दुरुस्त कर सकते हैं।'

अगर यह सब करने के बाद भी कोई कंपनी आपको बीमा पॉलिसी देने के लिए तैयार नहीं होती है तो मान लीजिए कि आपको बीमारी या दुर्घटना की सूरत में अपनी बचत पर ही भरोसा करना होगा यानी प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए अच्छी खासी रकम बचानी होगी। मठपाल सलाह देते हैं, 'आपने जो भी परिसंपत्ति आवंटन किया है, उसके भीतर ज्यादा से ज्यादा बचत करना और निवेश करना शुरू कर दीजिए। इस तरह कम से कम समय में अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश कीजिए।'

Keyword: निवेश, बीमा कंपनी, पॉलिसी, आवेदन, प्रीमियम, जोखिम,
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