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प्रभावित हो सकती है एनबीएफसी की रिकवरी

अभिजित लेले / मुंबई April 09, 2021

रेटिंग एजेंसियों इक्रा, फिच और उसकी भारतीय सहयोगी इंडिया रेटिंग ने आज कहा कि कोविड-19 के मामले बढऩे और उससे जुड़े स्थानीय स्तर के लॉकडाउन की वजह से गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर बुरा असर पड़ सकता है। यह प्रतिभूतिकरण बाजार पर बुरा असर डाल सकता है और कम अवधि के लिए एनबीएफसी की धन जुटाने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। साथ ही इससे एनबीएफसी क्षेत्र की रिकवरी भी टल सकती है।

भारत के गैर बैंक वित्तीय संस्थान (एनबीएफआई) की संपत्ति की गुणवत्ता और नकदी का जोखिम कोविड-19 की दूसरी लहर के साथ फिर बढ़ गया है। फिच रेटिंग के मुताबिक इससे इस क्षेत्र की रिकवरी टल सकती है।

अगर महामारी लंबी खिंचती है या इसका प्रसार बढ़ता है तो चुनौतियां बढ़ सकती हैं और प्रतिबंधों की वजह से व्यापक आर्थिक और परिचालन संबंधी व्यवधान आ सकते हैं। विस्तारित प्रतिबंधों से भारत के एनबीएफसी की क्षणभंगुर रिकवरी पटरी से उतर सकती है।

इंडिया रेटिंग्स ने कहा कि मामले बढऩे और प्रतिबंधों से आपूर्ति शृंखला, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश और घरेलू ऋण बाजार बाधित हो सकता है। तमाम राज्यों ने कफ्र्यू और सप्ताहांत गतिविधियों पर अप्रैल 2021 के अंत तक के लिए प्रतिबंध लगाया है, जिससे कोरोना के प्रसार पर काबू पाया जा सके। इन प्रतिबंधों का आर्थिक असर इनकी अवधि और गंभीरता के साथ गहरा होगा।

इक्रा रेटिंग्स ने कहा कि एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों (एचएफसी) का प्रतिभूतिकृत कर्ज वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में 40,000 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष  20 की चौथी तिमाही के बराबर है। प्रतिभूतिकरण की मात्रा वित्त वर्ष 21 में करीब 85,000-90,000 करोड़ रुपये थी और इसमें चौथी तिमाही की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। सालाना प्रतिभूतिकरण की मात्रा वित्त वर्ष 21 की तुलना में वित्त वर्ष 22 में 40 से 50 प्रतिशत बढ़ सकती है।

कोविड-19 के मामले बढऩे से निवेशकों के बीच एक बार फिर अनिश्चितता आ सकती है। कोविड के मामले बहुत ज्यादा बढऩे से  कड़े लॉकडाउन का जर है। इससे खुदरा कर्ज की संपत्ति गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इक्रा में स्ट्रक्चर्ड फाइनैंस रेटिंग्स के वाइस प्रेसीडेंट और हेड अभिषेक डाफरिया ने कहा कि इससे एनबीएफसी और एसएफसी की अपनी संपत्ति के प्रतिभूतिकरण के माध्यम से धन जुटाने की क्षमता प्रभावित होगी।

Keyword: एनबीएफसी, रिकवरी, इक्रा, फिच, इंडिया रेटिंग,
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