बिजनेस स्टैंडर्ड - आरबीआई की नीति से रुपये पर पड़ी चोट
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, June 21, 2021 06:11 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

आरबीआई की नीति से रुपये पर पड़ी चोट

अनूप रॉय और कृष्ण कांत / मुंबई April 07, 2021

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से अनायास परिणाम मिलने की संभावना से बुधवार को रुपया 1.52 फीसदी टूट गया जब केंद्रीय बैंक ने पहली तिमाही में द्वितीयक बाजार से 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदने की प्रतिबद्धता जताई और इसके बाद और भी खरीद हो सकती है।

डॉलर के मुकाबले रुपया 74.56 पर बंद हुआ, जो 13 नवंबर, 2020 के बाद के निचला स्तर है। कारोबारी सत्र में यह गिरावट अगस्त 2019 के स्तर तक पहुंच गई थी।

करेंसी ट्रेडर भी इस गिरावट से आश्चर्यचकित हुए। फस्र्ट रैंड बैंक के फॉरेक्स प्रमुख परेश नायर के मुताबिक, डॉलर की मांग मंगलवार से लगातार बनी हुई थी, शायद आयातकों की तरफ से। लेकिन इस पर दबाव बुधवार को बढ़ा।

इससे शायद कुछ स्टॉपलॉस पोजीशन बनी होगी, जिससे ऑफशोर व ऑनशोर बाजार में बिकवाली देखने को मिली। रुपये में भारी गिरावट को देखते हुए विदेशी निवेशकों (जो अपने निवेश पर हेजिंग नहीं करते) को अपनी पोजीशन की बिकवाली करनी पड़ी, जिससे स्थिति और विकट हो गई।

अन्य राय यह है कि यहां काफी ज्यादा कैरी ट्रेड की बिकवाली हुई। कैरी ट्रेड तब बनते हैं जब निवेशक सस्ते स्रोत से उधार लेता है। जैसे अमेरिका में दरें कम है और वह ऐसे देश जैसे भारत में निवेश करता है जहां प्रतिफल ज्यादा है। अगर दोनों प्रतिफल में अंतर बढ़ता है तो और ज्यादा रकम आएगी और अगर यह अंतर यानी स्प्रेड घटता है तो यहां से रकम बाहर निकलकर अन्य गंतव्य या अपने स्रोत की ओर चली जाएगी।

प्रतिफल का अंतर वैश्विक निवेशकों को उभरते बाजारों की मुद्राओं में होने वाले संभावित ह्रास से राहत देता है। इसके साथही मुद्रा का जोखिम विकसित व उभरते बाजारों में महंगाई के अंतर पर निर्भर करता है। स्प्रेड में सख्ती निवेशकों के लिए कम जोखिम प्रीमियम लाता है, जो भारत में खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी के हालिया रुख के उलट है। पिछले छह महीने में भारत में बॉन्ड प्रतिफल अमेरिका के मुकाबले धीमी रफ्तार से बढ़ी है। भारत में 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल पिछले साल अगस्त के रिकॉर्ड निचले स्तर से महज 32 आधार अंक चढ़ा है। इसकी तुलना में 10 वर्षीय अमेरिकी सरकार के बॉन्ड का प्रतिफल अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से 113 आधार अंक चढ़ा है।


अनुकूल रुख से चढ़ा बाजार

आरबीआई द्वारा लंबे समय तक अनुकूल रुख बनाए रखने की प्रतिबद्घता के बाद घरेलू बाजारों में करीब एक प्रतिशत की तेजी आई। आरबीआई का मुख्य जोर कोरोनावायरस संक्रमण की नई लहर के बीच वृद्घि को मदद प्रदान करना है। बीएसई का सेंसेक्स 460 अंक, या 0.94 प्रतिशत चढ़कर 49,662 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 सूचकांक में 136 अंक या 0.92 प्रतिशत चढ़कर 14,819 पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों से बैंक निफ्टी सूचकांक को मदद मिली और इसमें 1.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अन्य दर-संवेदी क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और निफ्टी ऑटो सूचकांक में 1.6 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी सूचकांक 0.96 की बढ़त दर्ज की गई। बीएस और एजेंसियां

Keyword: आरबीआई, रिजर्व बैंक, मौद्रिक नीति, बॉन्ड, डॉलर, रुपया,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

बाजार हलचल

Investmentsकीमत बढ़ोतरी से पेंट शेयरों में आएगी मजबूती पेंट बनाने वाली कंपनियों ने

पीएमसी बैंक चालू करने के लिए हमारे पास चार महीने

मजबूत निवेश, मूल्यांकन से फंडों का नकदी स्तर बढ़ा

पीएसयू का बाजार पूंजीकरण 7 महीने में 77 प्रतिशत चढ़ा

बाजार हलचल

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.