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आईएलऐंडएफएस को मिली रकम

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली April 05, 2021

आईएलऐंडएफएस की एक इकाई ने दावों के निपटान के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से 1,804 करोड़ रुपये प्राप्त होने की घोषणा की है। इससे कंपनी को उसके 3,500 करोड़ रुपये के ऋण की अदायगी में मदद मिलेगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, 'एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 6 सड़क परियोजनाओं के लिए आईएलऐंडएफएस के 1,804 करोड़ रुपये के कुल दावों का निपटान कर दिया है।' आईएलऐंडएफएस की सहायक इकाई आईएलऐंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवक्र्स लिमिटेड (आईटीएनएल) ने 31 मार्च 2021 को किरातपुर नेर चौक एक्सप्रेसवे लिमिटेड (केएनसीईएल) के लिए एनएचएआई से 673 करोड़ रुपये और चेनानी नाशरी टनलवे लिमिटेड (सीएनटीएल) के दावों के लिए 20 करोड़ रुपये की समझौता राशि प्राप्त की है।

केएनसीईएल परियोजना को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत मार्च 2019 में अपूर्ण अथवा रुकी हुई परियोजना के तौर पर बंद कर दिया गया था। चेनानी नाशरी पूरी हो चुकी परियोजना है और वह वार्षिक आय अर्जित कर रही है। इस परियोजना के लिए 19.6 करोड़ रुपये की दावा रकम दायरे में परिवर्तन करने के लिए है। इससे पहले आईटीएनएल की 100 फीसदी स्वामित्व वाली सहायक इकाई फेग्ने सौंगध एक्सप्रेसवे लिमिटेड (एफएसईएल) ने अटकी हुई परियोजनाओं के लिए मंत्रालय की नई सड़क नीति के तहत एनएचएआई से निपटान के तौर पर 707 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे।

आईएलऐंडएफएस के नए बोर्ड के तहत एनएचएआई से दावों के निपटारे एवं मुआवजा हासिल करने वाली अन्य परियोजनाओं में जोराबत शिलॉन्ग एक्सप्रेसवे (जेएसईएल) के लिए 252 करोड़ रुपये, बालेश्वर खडग़पुर एक्सप्रेसवे लिमिटेड (बीकेईएल) के लिए 8 करोड़ रुपये और आईटीएनएल रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (आईआरआईडीसीएल) के लिए 144 करोड़ रुपये शामिल हैं। इन परियोजनाओं का निपटान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के जरिये किया गया।

एनएचएआई से खेद सिनार एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 902 करोड़ रुपये और अमरावती चिकली एक्सप्रेसवे के लिए 171 करोड़ रुपये का निपटान लंबित है। एफएसईएल, केएनसीईएल और आईआरआईडीसीएल को दावों के निपटान के बाद अधिकारियों को सौंप दिया गया है। बालेश्वर खडग़पुर परियोजना उस इनविट का हिस्सा होगी जिसमें दो चरणों में 11 सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी।

बयान में कहा गया है कि एफएसईएल, केएनसीईएल, आईआरआईडीसीएल के बीच आईएलऐंडएफएस एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के जरिये कुल 3,500 करोड़ रुपये के ऋण को निपटाया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार विभिन्न कारणों से अपूर्ण अथवा रुकी हुई परियोजनाओं के लिए प्राधिकारी किए जा चुके काम के आधार पर मुआवजा अथवा बकाये ऋण के 90 फीसदी में से जो भी कम हो, का भुगतान करते हुए परियोजना के रियायती समझौते को खत्म कर सकते हैं। इन्हीं दिशानिर्देशों के तहत एफएसईएल और केएनसीईएल का निपटान किया गया है।

Keyword: आईएलऐंडएफएस, निपटान, एनएचएआई, ऋण अदायगी,
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