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थम सकती है वाहन शेयरों में तेजी

पुनीत वाधवा / नई दिल्ली February 10, 2021

मार्च 2020 के निचले स्तरा के बाद से बाजार में आई शानदार तेजी के बीच निफ्टी ऑटो सूचकांक तब से 132 प्रतिशत चढ़ा है जबकि निफ्टी-50 में 93 प्रतिशत की तेज आई है। विश्लेषकों का कहना है कि वाहन शेयरों में तेजी अब थम सकती है, क्योंकि मांग शांत हो गई है और कंपनियों को आपूर्ति संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

वाहन शेयर जिस मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है, वह भी चिंताजनक है। इक्विनोमिक्स रिसर्च के संस्थापक एवं मुख्य निवेश अधिकारी जी चोकालिंगम का कहना है, 'पीवी यानी यात्री वाहन निर्माता महंगे मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं और मुझे इन स्तरों पर निवेश का अवसर ज्यादा सहज नहीं लग रहा है। इसके बजाय, निवेशक दोपहिया निर्माताओं और ऑटो एंसिलियरी पर ध्यान दे सकते हैं। ये कंपनियां मौजूदा उद्योग परिदृश्य को देखते हुए बेहतर दांव हैं। कुल मिलाकर, वाहन शेयरों में तेजी अब कमजोर पड़ सकती है।'

शेयर बाजारों पर, कई वाहन शेयरों ने मार्च 2020 के निचले स्तरों के बाद से अच्छा प्रदर्शन किया है। वाणिज्यिक वाहन निर्माता अशोक लीलैंड और टाटा मोटर्स के शेयरों में 280 प्रतिशत और 374 प्रतिशत की तेजी आई है। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम), मदरसन सूमी, भारत फोर्ज, हीरो मोटोकॉर्प और मारुति सुजूकी में इस अवधि के दौरान 70 प्रतिशत और 232 प्रतिशत के बीच तेजी आई है।

हालांकि अब वाहन कंपनियों को बिक्री में सुस्ती और कच्चे माल के लिए आपूर्ति संबंधित समस्या से जूझना पड़ रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी में वाहनों की रिटेल बिक्री करीब 10 प्रतिशत तक घटकर 1,592,636 वाहन (दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन या सीवी, और ट्रैक्टर समेत) रह गई, जो एक साल पहले 1,763,011 थी। रिपोर्ट से पता चलता है कि बिक्री पर सेमीकंडक्टर की किल्लत, कंपनियों द्वारा कीमत वृद्घि और कमजोर मांग का असर पड़ा।

आईडीबीआई कैपिटल में शोध प्रमुख ए के प्रभाकर ने कहा, 'वाहन शेयरों का प्रदर्शन भविष्य में प्रभावित होगा। हालांकि मांग बनी हुई है, लेकिन सेमीकंडक्टर आदि जैसे कलपुर्जों के अभाव में आपूर्ति के लिए प्रतीक्षा समय (खासकर पीवी के कुछ खास मॉडलों के लिए) काफी बढ़ गया है। मजबूत आपूर्ति शृंखला वाली कंपनियों को लगातार मदद मिलेगी। ऐसी कंपनियों के शेयर भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हालांकि वाहन क्षेत्र के सभी शेयरों में तेजी की रफ्तार हल्की पडऩे का अनुमान है।'

नियामकीय मोर्चे पर, सरकार ने ग्रीन टैक्स का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत आठ साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर 10-50 प्रतिशत तक का अतिरिक्त सालाना पथ कर लगेगा, जबकि 15 वर्ष पुराने यात्री वाहनों को पंजीकरण नवीकरण की ऊंची लागत भी वहन करनी होगी। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), सीएनजी वाहन और ट्रैक्टरों को इससे अलग रखा गया है।

विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से वाहन (खासकर सीवी के लिए) बिक्री बढ़ाने में ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। जेफरीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, 10-टन ट्रकपर दिल्ली में 3,800 रुपये का सालाना रोड टैक्स लगता है और अब यह खर्च ग्रीन टैक्स के तौर पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत तक यानी 1,900 रुपये बढ़ जाएगा, जो नए वाहन की कीमत का महज 10-20 आधार अंक है।

जेफरीज के नितिज मंगल और सागर साहू ने 26 जनवरी की रिपोर्ट में लिखा था, 'अतिरिक्त कर किसी सीवी के पूरे जीवन के मुकाबले नए वाहन कीमत का लगभग 1-2 प्रतिशत होगा। हमारा मानना है कि इससे पुराने वाहनों को दूर करने में ज्यादा मदद नहीं मिल सकेगी।'

विश्लेषकों का कहना है कि सरकार के स्वामित्व वाले 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग की नीति अप्रैल 2022 से प्रभावी हो सकती है, जो एक अच्छे प्रयास वाला अन्य नियमन है, लेकिन इससे वाहन बिक्री ज्यादा प्रभावित नहीं हो सकती है।



10 वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल  6 प्रतिशत के स्तर पर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमओ) नीलामी में मजबूत दर का संकेत देकर बुधवार को बॉन्ड बाजार को यह स्वीकार करने के लिए विवश किया कि 10 वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल एक बार फिर से 6 प्रतिशत के स्तर पर आएगा। केंदीय बैंक चार प्रतिभूतियों के जरिये बाजार से 20,000 करोड़ रुपये की खरीदारी करना चाहता है और उसने इसमें से 14,654 करोड़ रुपये की खरीदारी सिर्फ 10 वर्षीय सेगमेंट में की है।  बाजार ने 20,000 करोड़ रुपये के ओएमओ के लिए 89,234 करोड़ रुपये के बॉन्डों की पेशकश की। गुरुवार को आरबीआई विशेष नीलामी में 22,000 करोड़ रुपये के बॉन्डों की नीलामी करेगा, और अन्य 26,000 करोड़ रुपये की नीलामी शुक्रवार को होगी।

10 वर्षीय बॉन्ड का कट-ऑफ 6.0034 था, जिसकी वजह आरबीआई द्वारा मौजूदा बाजार दर से ऊपर बॉन्ड की खरीदारी रही। केंद्रीय बैंक ने 10 वर्षीय बॉन्ड की खरीदारी मौजूदा दर से 50 पैसे ऊपर की, और प्रतिफल 6.08 प्रतिशत से घटकर 6 प्रतिशत के निशान पर आ गया।  बीएस

Keyword: वाहन, शेयर, निफ्टी, ऑटो सूचकांक,
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