बिजनेस स्टैंडर्ड - कम दरों से 4 लाख करोड़ रुपये सालाना जीएसटी का नुकसान
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, March 05, 2021 01:22 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

कम दरों से 4 लाख करोड़ रुपये सालाना जीएसटी का नुकसान

अभिषेक वाघमारे / नई दिल्ली February 02, 2021

एनके सिंह की अध्यक्षता में बने 15वें वित्त आयोग ने सुझाव दिया है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत कर के ढांचे को एक मानक दर में विलय किया जाना चाहिए और जीएसटी को तीन दरों के ढांचे के मुताबिक तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए, जिसमें 5 मेरिट दरें और 28-30 प्रतिशत डी-मेरिट दरें हो सकती हैं।  अर्थशास्त्रियों व विपक्ष की ओर से यह लंबे समय से मांग रही है और अब आयोग ने इसकी सिफारिश की है।

15वें वित्त आयोग के हवाले से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने आकलन में पाया है कि जीएसटी के तहत प्रभावी कर की दरें 11.8 प्रतिशत हैं। यह भारतीय रिजर्व बैंक के 11.6 प्रतिशत अनुमान के नजदीक है। यह 14 प्रतिशत औसत राजस्व तटस्थ दर (आरएनएआर) से बहुत कम है, जो मूल्यवर्धित कर से जीएसटी के दौर में जाने और बगैर किसी राजस्व नुकसान के सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए जरूरी था।

जीएसटी से जीडीपी के 7.1 प्रतिशत के बराबर राजस्व सृजन की क्षमता है, जबकि मौजूदा राजस्व जीडीपी का 5.1 प्रतिशत आया है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे में राजस्व का अंतर जीडीपी के 2 प्रतिशत के बराबर है, जो बहुत ज्यादा है।

मौजूदा स्तर पर मोटे तौर पर इससे 4 लाख करोड़ रुपये की राजस्व हानि हो रही है। अगर इस आंकड़े को तुलनात्मक रूप से देखें तो केंद्र सरकार ने इस वित्त वर्ष में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) से 4.31 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया था।जीएसटी के पहले की अवधि (2016-17) में जीएसटी के तहत समाहित किया गया राजस्व जीडीपी के 6.3 प्रतिशत के बराबर था, जो अभी जीएसटी से आ रहे राजस्व से ज्यादा है।  आयोग ने पाया कि जीएसटी रिटर्न (जीएसटीएन) और नैशनल एकाउंट्स (राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय) के आंकड़ों में विसंगतियां हैं। वित्त वर्ष 19 में जीएसटीआर-3बी रिटर्न से आपूर्ति का मूल्य 652 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि अर्थवव्यवस्था में आउटपुट का कुल मूल्य 348 लाख करोड़ रुपये है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, 'अगर करयोग्य बाहरी आपूर्ति जीएसटीआर-3बी के आंकड़ों के मुताबिक बेहतर रहती है तो प्रभावी जीएसटी की दरें 6.1 प्रतिशत होंगी, जो जीएसटीआर-1 रिटर्न की प्रभावी दरों से बहुत कम है।' रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटीआर 3-बी के मुताबिक कर योग्य मूल्य और कर भुगतान के बीच कोई स्थापित स्थिरता नहीं है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, 'महंगाई दर तय किए गए लक्ष्य के भीतर रही है और अर्थव्यवस्था मेंं कुछ सुस्ती रही है, जिसके साथ ही नॉमिनल जीडीपी वृद्धि भी उम्मीद से कम रही है। इस तरह से यह 14 प्रतिशत संरक्षित राजस्व की दर जीएसटी व्यवस्था पर बोझ डाल रही है।' रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सकल जीएसटी राजस्व का करीब 70 प्रतिशत साझेदारी और विचलन के कारण राज्यों को जाता है। तमाम करों को जीएसटी के तहत ला दिया गया है, ऐसे में केंद्र सरकार के सकल कर राजस्व में जीएसटी की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है और राज्यों के अपने कर राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 44 प्रतिशत है।

Keyword: बाहरी फर्म, एचडीएफसी बैंक, आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑडिट,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या पीएलआई का दायरा बढ़ाने से एमएसएमई को होगा फायदा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.