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पेट्रो रसायन में सुधार, रिटेल से आरआईएल को मदद

निकिता वशिष्ठ / नई दिल्ली January 20, 2021

पेट्रो रसायन व्यवसाय में मजबूत सुधार, और रिटेल सेगमेंट में वृद्घि की मदद से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) द्वारा चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में अपने शुद्घ लाभ में तिमाही आधार पर शानदार वृद्घि दर्ज किए जाने की संभावना है। कंपनी द्वारा 22 जनवरी को अपनी तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा किए जाने की संभावना है।

विश्लेषक आरआईएल के समेकित शुद्घ लाभ में तिमाही आधार पर 32 प्रतिशत तक की उम्मीद जता रहे हैं और उन्होंने यह आंकड़ा 12,600 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है, जबकि वित्त वर्ष 2021 की सितंबर तिमाही में 9,567 करोड़ रुपये का कर-बाद लाभ (पीएटी) दर्ज किया गया था। जेपीमॉर्गन के विश्लेषकों ने वित्तीय परिणाम पूर्व रिपोर्ट में लिखा है, 'काफी कम ब्याज लागत और कर दर में लगातार गिरावट से तिमाही आधार पर पीएटी में करीब 32 प्रतिशत इजाफा होने की संभावना है। जहां तक कर-पूर्व लाभ की बात है तो यह सालाना आधार पर अभी भी कमजोर बना रह सकता है।' एक साल पहले की समान तिमाही में आरआईएल की कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) और शुद्घ लाभ 15,082 करोड़ रुपये और 11,640 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया था।

बोफा सिक्योरिटीज के विश्लेषक हालांकि अपने अनुमानों को लेकर सतर्क बने हुए हैं और उन्होंने दिसंबर तिमाही के लिए शुद्घ लाभ 11,100 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है।

अप्रैल 2020 से, आरआईएल चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉम्र्स में करीब 33 प्रतिशत हिस्सेदारी वैश्विक निवेशकों को बेची है और 20 अरब डॉलर का नकदी प्रवाह हासिल किया है। वहीं, 2020 के अंत में रिलायंस रिटेल में करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री से आरआईएल के लिए 6.4 अरब डॉलर की पूंजी हासिल हुई है।

एडलवाइस सिक्योरिटीज ने तिमाही दर तिमाही आधार पर 15.7 प्रतिशत से ज्यादा के पेट्रो रसायन एबिटा, 13 प्रतिशत के रिफाइनिंग एबिटा, और 34 प्रतिशत रिटेल एबिटा का अनुमान जताया है, जिससे 5.6 प्रतिशत के कमजोर दूरसंचार एबिटा की कुछ हद तक भरपाई होगी।

यहां सेगमेंट-आधारित विश्लेषण पेश किया जा रहा है।


ओ2सी व्यवसाय

बोफा को कुल ओ2सी एबिटा तिमाही आधार पर 14 प्रतिशत तक बढऩे का अनुमान है। पेटकेम व्यवसाय की मजबूत रफ्तार से इस एबिटा को मदद मिलने की संभावना है। साथ ही उन्हें रिफाइनरी एबिटा काफी हद तक सपाट बने और सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) में कमजोर सुधार की उम्मीद है। इस बीच, गोल्डमैन सैक्स ने जीआरएम 6.5 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया है जो 5.7 डॉलर से तिमाही आधार पर 0.8 डॉलर तक ज्यादा है। इससे कंपनी को रिफाइनिंग इस्तेमाल में सुधार लाने में मदद मिल रही है।


रिटेल

गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि त्योहारी सीजन की वजह सेरिटेल स्टोर में ग्राहकों की आवक में सुधार से रिटेल राजस्व तिमाही आधार पर 47 प्रतिशत और सालाना आधार पर 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है, 'हमें ग्रोसरी के लिए अच्छी वृद्घि का अनुमान है, जबकि फैशन और इलेक्ट्रॉनिक के लिए वृद्घि सालाना आधार पर सपाट बनी रहेगी। हमें प्रमुख एबिटा तिमाही आधार पर 31 प्रतिशत बढऩे की संभावना है।'


दूरसंचार

विश्लेषकों का कहना है कि जियो का एबिटा शानदार ग्राहक वृद्घि (तीसरी तिमाही में करीब 1 करोड़) और ऊंचे एआरपीयू (145 रुपये) की वजह से मजबूत रहने की संभावना है।

बोफा की रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमें तिमाही आधार पर एआरपीयू में वृद्घि होने की संभावना है। कुल मिलाकर, जियो तिमाही आधार पर 3.6 प्रतिशत की राजस्व वृद्घि दर्ज कर सकती है। वहीं एबिटा मार्जिन तिमाही आधार पर 14 आधार अंक सुधरकर 43.7 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है।'


शेयर का प्रदर्शन

आरआईएल का शेयर सितंबर 2020 के मध्य से 17 प्रतिशत चढ़ा है और वह निफ्टी के कमजोर रहा है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि लगातार तिमाही आधार पर आय में सुधार के साथ साथ दूरसंचार दर वृद्घि, नई उत्पाद पेशकशों और संभावित ऊर्जा व्यवसाय हिस्सेदारी बिक्री से प्रदर्शन में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

Keyword: पेट्रो रसायन, आरआईएल, ओ2सी व्यवसाय, रिटेल, दूरसंचार,
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