बिजनेस स्टैंडर्ड - नए नियम लाया नया साल, बदलाव के बाद कैसा होगा हाल
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, February 25, 2021 08:19 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

नए नियम लाया नया साल, बदलाव के बाद कैसा होगा हाल

बिंदिशा सारंग /  December 31, 2020

नया साल शुरू हो गया है और आपकी जेब तथा हिसाब-किताब पर असर डालने वाले कई नियम साल के पहले दिन यानी आज से बदल गए हैं। आप बदले नियमों की आदत जितनी जल्दी डाल लेंगे आपको उतना ही फायदा होगा। आदत नहीं पड़ती तो मौका हाथ से निकल जाएगा और आपको जुर्माना भी झेलना पड़ सकता है। तो देखते हैं कि बदला क्या है...

 
संपर्क रहित भुगतान की सीमा बढ़ी
 
अक्सर होने वाले खर्चों के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड तथा यूपीआई के जरिये संपर्करहित लेनदेन की सीमा 1 जनवरी से बढ़ा दी गई है। अभी तक कार्ड स्वाइप किए बगैर 2,000 रुपये तक का ही लेदन किया जा सकता था। मगर अब उसे बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। वीजा के ग्रुप कंट्री मैनेजर (भारत एवं दक्षिण एशिया) टी आर रामचंद्रन ने कहा, 'भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह घोषणा एकदम सही समय पर की थी। संपर्करहित भुगतान के लिहाज से 2021 बहुत अहम होने जा रहा है क्योंकि व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं के बीच इसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है।' उपयोगकर्ता अब अपने संपर्करहित (कॉन्टैक्टलेस) कार्ड का इस्तेमाल पहले से ज्यादा श्रेणियों में कर सकते हैं। ऐक्सिस बैंक के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रमुख (कार्ड एवं भुगतान) संजीव मोघे कहते हैं, 'अभी तक खानपान, राशन और ईंधन से ही संपर्करहित भुगतान को ज्यादा रफ्तार मिली थी। सीमा बढ़ाए जाने के बाद स्वास्थ्य सेवा, परिधान और रेस्तरां जैसी श्रेणियों में भी ग्राहक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।'
 
चेक से भुगतान हुआ ज्यादा महफूज
 
1 जनवरी से रिजर्व बैंक का 'सकारात्मक भुगतान प्रणाली' (पीपीएस) चेक कार्यक्रम भी चालू हो गया है। पीपीएस के तहत चेक जारी करने वाले को एसएमएस, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के जरिये उस बैंक को लाभार्थी का नाम, राशि तथा चेक की तारीख बतानी होगी, जिस बैंक से चेक का भुगतान होना है। 50,000 रुपये से अधिक रकम का चेक काटने वाले हरेक खाताधारक के लिए यह व्रूवस्था रहेगी और 5 लाख रुपये तथा अधिक राशि का चेक काटने पर इसका उपयोग अनिवाय होगा। पैसाबाजार डॉट कॉम के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) एवं सह-संस्थापक नवीन कुकरेजा कहते हैं, 'पीपीएस से सुरक्षा की एक परत बढ़ जाएगी और फर्जीवाड़े तथा अधिक रकम के चेक के साथ छेड़छाड़ की वारदात कम हो जाएंगी।'
 
मल्टी-कैप फंड के आवंटन में बदलाव
 
सेबी ने मल्टी-कैप इक्विटी फंडों के नियम बदल दिए हैं, जो आज से लागू हो गए हैं। नए नियमों के मुताबिक इन फंडों को कम से कम 75 फीसदी आवंटन इक्विटी और इक्विटी से जुड़े साधनों में करना होगा। इसमें भी लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में कम से कम 25-25 फीसदी आवंटन जरूरी हो गया है। अभी तक ज्यादातर मिड-कैप फंडों का झुकाव लार्ज-कैप शेयरों की ओर था, जिस वजह से वे लार्ज-कैप फंड जैसा ही प्रतिफल देते थे। ग्रो के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी हर्ष जैन कहते हैं, 'सेबी ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि मल्टी-कैप फंड में सभी प्रकार के बाजार पूंजीकरण वाले शेयर शामिल हों। शेयरों में विविधता भरा निवेश तलाश रहे निवेशक इन्हें चुन सकते हैं।' 
 
फास्टैग हुआ अनिवार्य
 
चार पहिया वाहनों के लिए 1 जनवरी से फास्टैग अनिवार्य होना था मगर समयसीमा 15 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। जब यह अनिवार्य होगा तो फास्टैग लगे होने पर चालकों को पर्ची कटवाने के लिए टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा क्योंकि चालक के खाते से खुद-ब-खुद टोल कट जाएगा। फास्टैग अनिवार्य होने के बाद इसके इस्तेमाल का दायरा बढ़ सकता है। हो सकता है कि पार्किंग, ईंधन तथा राज्यों के बीच आवाजाही एवं ई-चालान में भुगतान के लिए भी इसी का प्रयोग होने लगे।
 
जीएसटी का अनुपालन आसान
 
5 करोड़ रुपये तक सालाना सकल कारोबार वाले व्यापारियों के लिए भी नया साल राहत लेकर आया है। वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली के तहत अब उन्हें केवल 4 जीएसटीआर 3बी फॉर्म भरने होंगे। अभी तक उन्हें ऐसे 12 फॉर्म भरने पड़ते थे। 
 
एनएवी के नियम बदले
 
आज से इक्विटी और डेट म्युचुअल फंड निवेशकों के लिए उस दिन की खरीद का शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) लागू होगा, जिस दिन उनका पैसा फंड कंपनी में पहुंचेगा। इससे पहले इक्विटी या डेट फंड में 2 लाख रुपये तक का निवेश करने वाले को उसी दिन का एनएवी तभी मिलता था, जब वह दोपहर 1 बजे से पहले आवेदन कर देता था। हर्ष जैन कहते हैं, 'इस बदलाव का असर उन निवेशकों पर पड़ेगा, जो म्युचुअल फंड खरीद के लिए चेक देते हैं।' मगर लिक्विड और ओवरनाइट फंड के नियम नहीं बदले हैं।
 
अन्य बदलाव
 
रसोई गैस यानी एलपीजी की कीमतें अब हर हफ्ते बदला करेंगी। इससे रसोई गैस पर आपका खर्च जल्दी-जल्दी घटबढ़ सकता है मगर बाजार जितना बदलेगा, बदलाव उतना ही आएगा। इसके अलावा यूपीआई के जरिये लेनदेन महंगा हो गया है।
Keyword: new year, new policy, cashless payment,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या पीएलआई का दायरा बढ़ाने से देश में विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.