बिजनेस स्टैंडर्ड - पीएसयू को बाजार पूंजीकरण में बड़ी चपत
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पीएसयू को बाजार पूंजीकरण में बड़ी चपत

कृष्ण कांत / मुंबई December 28, 2020

शेयर बाजार में तेजी के बावजूद केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों या सार्वजनिक उपक्रमों के लिए यह साल अपेक्षाकृत खराब रहा। सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) का एकीकृत बाजार पूंजीकरण इस साल 16.6 फीसदी घटा है जबकि इस दौरान बाकी सभी सूचीबद्घ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण करीब 18 फीसदी बढ़ा है। इसके परिणामस्वरूप कुल बाजार पूंजीकरण में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों का हिस्सा 9.7 फीसदी के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। कुल बाजार पूंजीकरण में केंद्रीय पीएसयू की हिस्सेदारी एक साल पहले 13.8 फीसदी और पांच साल पहले 25 फीसदी थी।
 
व्यापक स्तर पर देखें तो एक्सचेंज पर सूचीबद्घ हर तीन में से दो कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बढ़ा है लेकिन अधिकांश पीएसयू के शेयर भाव में गिरावट आई है। बीते 12 महीनों में कुल 45 पीएसयू के बाजार पूंजीकरण में कमी आई है, वहीं केवल 27 पीएसयू का बाजार पूंजीकरण बढ़ा है। बिजनेस स्टैंडर्ड के नमूने में 73 सूचीबद्घ पीएसयू शामिल किए गए, जिनका एकीकृत बाजार पूंजीकरण 17.3 लाख करोड़ रुपये है। पिछले साल  इनका पूंजीकरण 20.8 लाख करोड़ रुपये था। (शेष पृष्ठ 3 पर)
 
इस दौरान सभी सूचीबद्घ कंपनियों का समेकित बाजार पूंजीकरण 150 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 177.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा स्तर पर पीएसयू का बाजार पूंजीकरण मार्च 2016 के बाद सबसे कम है। अपने मौजूदा बाजार पूंजीकरण के हिसाब से पीएसयू अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारतीय इकाइयों की तुलना में बाजार का छोटा सेगमेंट रह गए हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजूकी, नेस्ले इंडिया, कोलगेट-पामोलिव का समेकित बाजार पूंजीकरण 18 लाख करोड़ रुपये है, जो एक साल पहले 15.4 लाख करोड़ रुपये था। तीन साल पहले तक पीएसयू बाजार पूंजीकरण के हिसाब से एक्सचेंज में दूसरा सबसे बड़ा समूह हुआ करता था।
 
बीते एक दशक में शेयर बाजार में पीएसयू का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है और बाजार में व्यापक तेजी का फायदा नहीं उठा पाया। मार्च 2016 के बाद से सभी सूचीबद्घ फर्मों का कुल बाजार पूंंजीकरण 87.3 फीसदी बढ़ा है जबकि इस दौरान पीएसयू के बाजार पूंजीकरण में 2 फीसदी की गिरावट आई है। यह विश्लेषण बीएसई 500, बीएसई मिड कैप या बीएसई स्मॉल कैप में शामिल 1,060 कंपनियों के साझा नमूने पर आधारित है। भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में इस साल करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं ओएनजीसी में 27.7 फीसदी, एनटीपीसी में 16 फीसदी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में 28.2 फीसदी और कोल इंडिया में 35.6 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स, भारत डायनमिक्स तथा सेल जैसी पीएसयू का बाजार पूंजीकरण इस दौरान बढ़ा है।
Keyword: share market, equity, PSU,,
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