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महाराष्ट्र विधानमंडल का अगला सत्र होगा पूर्णकालिक!

सुशील मिश्र / मुंबई December 15, 2020

महाराष्ट्र विधानमंडल सत्र की अवधि सिर्फ दो दिन होने से नाराज मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की। विपक्ष की शिकायत पर सहमत‌ि जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। पटोले ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सभी तरह के एहतियात बरते जा रहे हैं। इतनी सावधानी के बाद दूसरे राज्यों की तरह 8-10 दिनों का सत्र चलाया जा सकता है। दो दिन में लोगों के सवालों के समाधान खोजना संभव नहीं है इसलिए सरकार इस बात का ख्याल रखे कि अगला अधिवेशन पूर्णकालिक होना चाहिए।

कोविड-19 की वजह से विधानमंडल के शीतकालीन सत्र को छोटा कर दो दिनों का कर दिया गया है। सत्र सोमवार को छह अध्यादेशों और चार विधेयकों के पेश किए जाने के साथ शुरू हुआ। शीतकालीन सत्र की छोटी अवधि पर नाखुशी जाहिर करते हुए पटोले ने कहा कि कोविड-19 को लेकर उचित दिशानिर्देश तय किए जाने चाहिए ताकि आगामी बजट सत्र की अवधि छोटी नहीं करनी पड़े। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र सामान्य तौर पर हर साल फरवरी से मार्च के बीच करीब छह हफ्तों का होता है। पटोले ने कहा कि सरकार और विपक्ष को साथ बैठकर दिशानिर्देश तय करने चाहिए।

विधानमंडल सत्र के पहले दिन विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी सत्र सिर्फ दो दिनों का रखने और इस दौरान 10 विधेयक पेश किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि इन सभी विधेयकों पर एक दिन में चर्चा कैसे हो सकेगी। ऐसे में सत्र की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए। मुनगंटीवार ने समितियों का कामकाज ठप होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बेहोश करने का काम शुरू है। सभी समितियां कोमा में हैं और लोकल शुरू कर दी जाती है। क्या इससे कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं होता। नियमों के मुताबिक यह पहले अधिवेशन से पहले हो जाना चाहिए लेकिन विधान परिषद के नाम नहीं आ रहें हैं इसलिए समितियों का कामकाज नहीं होने दिया जा रहा है। राज्य की जनता को यह मालूम होना चाहिए कि इस पर राजनीति हो रही है। विधानमंडल सत्र के लिए संक्रमण रोकने को लेकर उठाए गए कदमो की मुनगंटीवार ने तारीफ की साथ ही उन्होंने कामकाज की नियमावली भी बनाने की मांग की।

सत्र के पहले दिन महाराष्ट्र सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए 2211 करोड़ रुपये और कोविड-19 टीके के भंडारण के वास्ते वातानुकूलन सुविधा के लिए 22 करोड़ रुपये आंवटित किए हैं। सदन में 21,992.50 करोड़ रुपये की जो अनुपूरक मांगें पेश की। विधानसभा के दो दिवसीय सत्र की शुरुआत के पहले दिन 2020-21 के लिए 2,850 करोड़ रुपये धान किसानों को बोनस के तौर पर देने के लिए मांग प्रस्तुत की गई। मुंबई की इंदु मिल परिसर में आंबेडकर स्मारक के लिए 100 करोड़, विधायक निधि के लिए 475 करोड़ रुपये और महानगर में निर्माणाधीन नए विधायक निवास के लिए आठकरोड़ रुपये निर्धारित किए गए। अनुपूरक मांगों के तहत सरकार के खर्चों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराया जाता है।

महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति विधेयक पेश किया गया। महाराष्ट्र सरकार ने बलात्कार, तेजाब हमले एवं सोशल मीडिया पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री डालने जैसे अपराधों के लिए मृत्यु दंड एवं 10 लाख रूपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंडों के प्रावधान वाला एक विधेयक विधानसभा में पेश किया। आंध्रप्रदेश के दिशा अधिनियम की तर्ज पर बनाये गये ‘शक्ति’ नामक इस विधेयक में ऐसे अपराधों की 15 दिनों के अंदर जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने एवं सुनवाई 30 दिनों के अंदर पूरी करने का प्रावधान है। इस विधेयक के मंगलवार को सदन से पारित हो जाने की संभावना है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने विधानमंडल के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन महाराष्ट्र शक्ति आपराधिक कानून (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, 2020 और महाराष्ट्र विशिष्ट विशेष अदालत (शक्ति कानून के तहत महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध अपराधों के वास्ते) विधेयक पेश किये। पहले विधेयक में सख्त सजा के लिए भादंसं, आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में संशोधन का प्रावधान है जबकि दूसरा इस कानून के तहत सुनवाई के लिए राज्य के हर जिले में कम से कम एक विशेष अदालत की स्थापना के लिए है। सीआरपीसी से जुड़े प्रस्तावित संशोधन जांच की अवधि दो महीने से घटाकर 15 दिन करने, सुनवाई की अवधि दो महीने से घटाकर 30 दिन करने और अपील की अवधि छह माह से घटाकर 45 दिन करने के लिए है।

Keyword: महाराष्ट्र, विधानमंडल, सत्र, विपक्ष, भाजपा, विधानसभा अध्यक्ष,
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