बिजनेस स्टैंडर्ड - सार्वजनिक कंपनियों पर सरकार की नई शर्तें
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, January 26, 2021 09:18 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

सार्वजनिक कंपनियों पर सरकार की नई शर्तें

निकुंज ओहरी / नई दिल्ली December 11, 2020

सरकारी कंपनियों के लिए अब गैर प्रमुख संपत्तियों को बेचना, सरकार को एक निर्धारित लाभांश देना और सूचीबद्ध उपक्रमों में बाजार पूंजी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की रणनीति बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह शर्तें अब सहमति पत्र (एमओयू) में शामिल की गई हैं, जो सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम को हर साल सार्वजनिक उद्यम विभाग के साथ करना होगा। इसका इस्तेमाल सालाना लक्ष्य तय करने में होगा, जिसके आधार पर प्रदर्शन की समीक्षा होगी। सरकार व पीएसयू के बीच एमओयू में पीएटी, उत्पादन एवं पूंजीगत व्यय के अलावा कुछ अन्य लक्ष्य भी शामिल होंगे।

नवंबर के आखिर में उद्योग से जुड़े एक कार्यक्रम में दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने इस बात की वकालत की थी कि संपत्ति मुद्रीकरण को सरकार व पीएसयू के बीच हुए एमओयू में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार की मालिकाना वाली कंपनियों के लिए पीएसयू का बाजार पूंजी बढ़ाना ध्यान के प्रमुख क्षेत्र में शामिल होना चाहिए। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि अब यह सब कुछ दीपम की ओर से पीएसयू के एमओयू में शामिल किया गया है और इसे डीपीई के पास भेजा गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां सरकार द्वारा उपक्रमों के मुद्रीकरण की कवायदों की उपेक्षा करती रही हैं, जिसे अब एमओयू में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कंपनियां सरकार के दबाव के बावजूद अपनी संपत्तियों की बिक्री में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थीं। उन्होंने कहा कि इसकी एक वजह उन्हें जांच का डर है।

पहले की स्थिति से इतर अब सीपीएसई को अनिवार्य रूप से संपत्तियों को चिह्नित करना होगा और उस योजना व कंपनियों द्वारा अपनी संपत्ति बेचने की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में सरकार को सूचित करना होगा। यह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रदर्शन का अतिरिक्त मानक होगा। अगर वे अपनी संपत्तियां बेचने में उस साल सफल नहीं होती हैं, जो एमओयू में लिखा गया है, तो उसके लिए वे जवाबदेह होंगी।

सरकारी उपक्रम ये संपत्तियां खुद भी बेच सकेंगी और अगर संपत्ति का मूल्य 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है तो वे इसके लिए निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) का सहयोग भी मांग सकेंगी।

सूचीबद्ध पीएसयू को अपनी बाजार पूंजी एक निश्चित स्तर तक बनाए रखनी होगी और पहले से निर्धारित स्तर तक बढ़ानी होगी। सरकारी कंपनियों को एक निश्चित राशि लाभांश के रूप में देने का आश्वासन देना होगा। अधिकारी ने कहा कि यह लक्ष्य कंपनी के पिछले 5 साल के प्रदर्शन के मुताबिक तय किया जाएगा।

इस समय सरकारी कंपनी को अपनी शुद्ध पूंजी का 5 प्रतिशत या कर के बाद मुनाफे का 30 प्रतिशत, जो भी ज्यादा हो, हर साल लाभांश के रूप में सरकार को देना होता है। बहरहाल एमओयू में यह व्यवस्था नहीं है, लेकिन दीपम के दिशानिर्देशों में है। एमओयू में पीएसयू से लाभांश की राशि का उल्लेख करने को कहा गया है, जो वह साल में सरकार को देगा, जो इस राशि से ज्यादा हो सकती है।

हाल ही में दीपम ने कंपनियों से कहा था कि वे अंतरिम लाभांश तिमाही और छमाही दें, जबकि अभी साल में देने का नियम है।

ज्यादा बाजार पूंजीकरण व लाभांश से सरकार को हिस्सेदारी बिक्री से विनिवेश प्राप्तियां बढ़ाने में मदद मिलेगी। अधिकारी ने कहा कि यह शर्तें इसलिए जोड़ी गई हैं, जिससे कि पीएसयू इन क्षेत्रों में सक्रियता से काम करें।

Keyword: सार्वजनिक कंपनी, गैर प्रमुख संपत्ति, लाभांश, बाजार पूंजी,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

एलऐंडटी टेक्नोलॉजी: नए सौदों का शेयर पर दिखा असर

Investmentsएक तिमाही अवधि में सार्वाधिक सौदे हासिल करने का कारनामा करने, कई और

भारती सीमेंट के मुनाफे पर दबाव

2022 में तेज होगी वाणिज्यिक वाहन रिकवरी!

वोडाफोन-एयरटेल के शेयर में रिलायंस से ज्यादा तेजी

बैंकों के फंसे कर्ज पर बाजार की राय जुदा

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.