बिजनेस स्टैंडर्ड - एनएसई ने कार्वी को डिफॉल्टर घोषित किया
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, January 17, 2021 10:38 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

एनएसई ने कार्वी को डिफॉल्टर घोषित किया

समी मोडक / मुंबई November 24, 2020

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग को डिफॉल्टर घोषित किया है। अब इस संकटग्रस्त ब्रोकिंग फर्म के ग्राहकों के लिए अपने बकाये की वसूली के लिए स्टॉक एक्सचेंज पर दावा करने का रास्ता साफ हो जाएगा। जब किसी ट्रेडिंग सदस्य को डिफॉल्टर घोषित किया जाता है तो स्टॉक एक्सचेंज उसके ग्राहकों को निवेशक सुरक्षा निधि (आईपीएफ) से भुगतान कर सकता है।

हैदराबाद की इस कंपनी पर अपने ग्राहकों से जुड़ी प्रतिभूतियों का दुरुपयोग करने का आरोप है। डिफॉल्ट की कुल रकम 3,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा हौ जो किसी ब्रोकर द्वारा अब तक का सबसे बड़ा डिफॉल्ट है। हालांकि, पिछले सप्ताह एनएसई ने 2,35,000 ग्राहकों से संबंधित 2,300 करोड़ रुपये के फंड एवं प्रतिभूतियों का निपटान किया था।

सूत्रों ने कहा कि मौजूदा कमी 400 करोड़ रुपये से 800 करोड़ रुपये के बीच है। इस मामले से अवगत एक व्यक्ति ने कहा, 'प्रतिभूतियों को लेकर बैंकों और कार्वी के बीच विवाद चल रहा है। यदि अदालत कार्वी के पक्ष में फैसला सुनाती है तो डिफॉल्ट की रकम 400 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।'

कार्वी के लगभग 90,000 ग्राहकों को अभी तक बकाया नहीं मिला है। सूत्रों ने कहा कि इसमें से करीब 7,000 ग्राहक 230 करोड़ रुपये के दावे के साथ सामने आगे आए हैं। एनएसई कार्वी के ग्राहकों से दावा करने की अपील के साथ विज्ञापन जारी कर सकता है। एक्सचेंज आईपीएफ से प्रति ग्राहक 25 लाख रुपये तक का भुगतान कर सकता है बशर्ते कुछ शर्तें पूरी की गई हों।

दिसंबर 2019 में कार्वी प्रकरण के सामने आने के बाद बाजार नियामक सेबी ऐसे नियम बनाए जो ब्रोकरों को ग्राहक के शेयरों तक पहुंच बनाने से रोकते हैं। कार्वी को डिफॉल्टर घोषित करने में एनएसई को करीब एक वर्ष लग गया।

Keyword: एनएसई, डिफॉल्टर, कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग, ब्रोकिंग फर्म, आईपीएफ,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या हुआवे को भारत में 5जी उपकरण मुहैया कराने की मिले अनुमति?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.