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आयकर रिटर्न की समयसीमा बढ़ाने की चर्चा ने पकड़ा जोर

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली October 21, 2020

कोविड-19 महामारी के कारण कंपनियों और कर पेशेवरों को पेश आ रही परिचालन और व्यवहारिक दिक्कतों का हवाला देते हुए कर पेशेवर संगठनों ने कर अंकेक्षण, हस्तांतरण कीमत अंकेक्षण और आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर अगले वर्ष के शुरुआती समय तक करने की मांग की है।

कंपनी मामलों के मंत्रालय द्वारा कॉर्पोरेट जगत को सालाना आम बैठक करने की तारीख को तीन महीने आगे बढ़ाकर 31 दिसंबर किए जाने से रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में स्वत: ही देरी होगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट के विभिन्न संघों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे अपने पत्रों इस बात का उल्लेख किया है। कर लेखा और आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा क्रमश: 31 अक्टूबर और 30 नवंबर है।

कर पेशेवरों ने तर्क दिया है कि सांविधिक अंकेक्षण को 30 नवंबर के बाद भी पूरा किया जा सकता है और कर अंकेक्षण का काम सांविधिक अंकेक्षण पूरा होने के बाद ही किया जा सकता है। इसके बाद ही कंपनियां आयकर रिटर्न दाखिल कर सकती हैं जिसके कारण 30 नवंबर तक रिटर्न दाखिल कर पाना असंभव हो गया है।

उन्होंने तक दिया कि इसी तरह से हस्तांतरण कीमत अंकेक्षण भी प्रयोज्य है। हस्तांतरण कीमत रिपोर्ट दाखिल करने के बाद ही रिनर्ट दाखिल किया जा सकता है। ऐसे में 31 अक्टूबर, 2020 कर अंकेक्षण और हस्तांतरण कीमत रिपोर्ट को पूरा करना मुश्किल है।

मुंबई के कर पेशेवरों के सबसे पुराने संगठनों में से एक चैंबर ऑफ टैक्स कंसल्टैंट्स ने सीतारमण को लिख एक पत्र में कहा है कि कर अंकेक्षण और हस्तांतरण कीमत अंकेक्षण की समयसीमा को बढ़ाकर 31 जनवरी और आयकर दाखिल करने की तारीख को बढ़ाकर 28 फरवरी किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा, '...चूंकि सालाना आम बैठक की तारीख आगे बढ़ाई जा चुकी है ऐसे में कंपनियां उसके बाद ही वार्षिक रिटर्न दाखिल करेंगी। इसके कारण हस्तांतरण कीमत अंकेक्षणों के लिए तु़लना करने के उद्देश्य से डेटा को हासिल करने में देरी होगी। अंकेक्षण और रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को पूरा करने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए ताकि काम की गुणवत्ता को बना कर रखा जा सके।' 1 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारों या 50 लाख रुपये से अधिक के सेवा मूल्य वाले कारोबार के लिए कर अंकेक्षण रिपोर्ट दाखिल करना और रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।

ऑल गुजरात फेडरेशन ऑफ टैक्स कंसल्टैंट्स (एजीएफटीसी) ने भी अंकेक्षण रिपोर्टों और आयकर रिटर्न को दाखिल करने की समयसीमा को आगे बढ़ाने की मांग की है। 

Keyword: आयकर रिटर्न, समयसीमा, कर अंकेक्षण, हस्तांतरण कीमत अंकेक्षण, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर लेखा,
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