बिजनेस स्टैंडर्ड - एक महीने में 50 प्रतिशत महंगी हुई अरहर की दाल
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एक महीने में 50 प्रतिशत महंगी हुई अरहर की दाल

सिद्धार्थ कलहंस / लखनऊ October 09, 2020

लगातार घटती आवक और मांग में तेजी के चलते उत्तर प्रदेश की मंडियों में दाल के दामों में भारी उछाल देखी जा रही है। बीते एक महीने में ही प्रदेश में अरहर दाल के दाम 50 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं। अरहर की तर्ज पर ही अन्य दालों में भी तेजी दिख रही है। बीते कुछ ही दिनों में सरसों के तेल में भी आग लग गई है। सितंबर के शुरुआती दिनों के मुकाबले सरसों तेल के दाम भी 20 फीसदी के लगभग तेज हुए हैं।

हालांकि मंडियों में चना, मसूर और मटर दाल के दाम अभी भी आम आदमी की जेब के मुताबिक ही हैं पर घी तेल से लेकर सब्जी तक के दाम कोरोना संकट के दौर में आसमान छूने लगे हैं। राजधानी लखनऊ की पांडेगंज गल्ला मंडी में एक महीने पहले तक 85 रुपये किलो बिकने वाली फूल छाप अरहर दाल के दाम इन दिनों 135 रुपये जा पहुंचे हैं। आने वाले दिनों में इसमें और भी तेजी की संभावना है। आढ़ती हरिशंकर मिश्रा बताते है कि इन दिनों अरहर दाल की खपत में भी इजाफा हुआ है जबकि आवक घटी है। भंडारों में अरहर दाल बहुत कम है और इसका नतीजा दामों में उछाल के रूप में देखा जा रहा है। दाम मूंग, चना, उड़द , मसूर दाल के भी बढ़े हैं पर इनमें अभी गनीमत है।

गल्ला मंडी के पदाधिकारी बताते हैं कि अगर अरहर दाल के दामों में तेजी बरकरार रहती है तो आने वाले दिनों में बाकी दालों के दाम भी बढ़ेंगे और मांग भी। फिलहाल मूंग दाल 140 रुपये किलो, चना दाल 74 रुपये, उड़द 150 रुपये और मसूर दाल 76 रुपये किलो बिक रही है। इन दालों की कीमत में 5 से 10 फीसदी तक का ही इजाफा हुआ है। मिश्रा बताते हैं कि चने की फसल अच्छी हुई है, लिहाजा इसके दाम काबू में हैं। काला चना एक महीने पहले 60 रुपये किलो बिक रहा था जो अब बढ़कर 70 रुपये पहुंचा है तो काबुली चना एक महीने पहले के 75 रुपये किलो से बढ़कर 86 रुपये में बिकने लगा है।

किसान नेता कर्ण सिंह बताते हैं कि इस बार कोरोना के चलते गांवों में खासी तादाद में मजदूर लौटे हैं जिसके चलते साल भर की फसल अरहर की जगह लोगों ने धान व मक्के की बुआई की है। रकबा घटने से भी अरहर के दाम तेज हुए हैं, आगे भी तेज बने रहेंगे।

थोक कारोबारियों का कहना है कि सरसो के तेल में भी आग लगनी शुरू हो गई है। एक महीने में इसके दामों में 30 फीसदी तक उछाल आया है। सरसों तेल का 15 किलो का टिन, जो पहले 1500 रुपये में मिल रहा था वो अब 1840 रुपये में मिलने लगा है। घी के दाम भी बढ़े हैं। दूध मंडी में 450 रुपये किलो बिकने वाला घी  550 रुपये में मिलने लगा है।

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