बिजनेस स्टैंडर्ड - जेवर हवाई अड्डे के लिए हुआ करार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, October 22, 2020 06:44 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

जेवर हवाई अड्डे के लिए हुआ करार

अरिंदम मजूमदार / नई दिल्ली October 07, 2020

उत्तर प्रदेश के जेवर (नोएडा) में आखिरकार अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परियोजना की शुरुआत हो गई है। इस हवाईअड्डा परियोजना पर काम शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल बुधवार को कन्सेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना का पहला चरण 2024 के शुरू तक पूरा होने की उम्मीद है। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) हैनियल बर्चर ने कहा कि इस 2024 के शुरू से 1.2 करोड़ यात्री इस हवाईअड्डे का लाभ उठाना शुरू कर देंगे।

इस समय नोएडा हवाईअड्डा परियोजना में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पिछले वर्ष कंपनी ने दिल्ली इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल), अदाणी एंटरप्राइेजज और एंकरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग्स लिमिटेड को पीछे छोड़ते हुए नोएडा हवाईअड्ड के लिए 40 वर्षों का कन्सेशन जीत लिया था।

ज्यूरिख एयरपोर्ट ने प्रति यात्री 400.97 करोड़ रुपय राजस्व हिस्सेदारी की पेशकश की थी। बोली पर पहले निर्णय का अधिकार रखने वाले जीएमआर ने प्रति यात्री 351 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। कोविड-19 महामारी के असर से पूरी दुनिया में विमानन क्षेत्र पर व्यापक असर हुआ है। हालांकि बर्चर ने कहा कि इससे जेवर हवाईअड्डा परियोजना की समय सीमा पर कोई असर नहीं होगा। भारत में ढांचागत परियोजनाएं शायद ही समय पर पूरी हो पाती हैं, क्योंकि भूमि अधिग्रहण, धन की उपलब्धता आदि कारणों से अक्सर देरी हो ही जाती है। उदाहरण के लिए मुंबई में दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा 2019 में शुरू होना था, लेकिन इसकी समय सीमा कई बार बदली है और अब इसे बढ़ाकर 2021 कर दी गई है। जेवर हवाईअड्डा परियोजना के पहले चरण में एक हवाईपट्टी होगी, जिनसे 1.2 करोड़ यात्रियों का आवागमन संभव हो पाएगा। हालांकि चौथे चरण तक ज्यूरिख दो हवाईपट्टियां तैयार करनी चाहती है, जिनसे 7 करोड़ यात्रियों को उड़ान सेवाओं का लाभ मिल पाएगा। इस परियोजना के पहले चरण पर 4,666 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

यमुना एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (वाईईआईडीए) के सीईओ अरुण वीर सिंह ने कहा कि इस हवाईअड्डे के विकास के लिए 5,000 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है और आवश्यकता पडऩे पर क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इस हवाईअड्डा की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच की जिममेदारी पीडब्यलूसी को सौंपी गई थी। कंपनी का कहना है कि इस हवाईअड्डे पर पांच हवाईपट्टियां बनाई जा सकती हैं। हालांकि बर्चर ने साफ कर दिया कि अगले चरण की योजना पर तभी कम शुरू होगा जब हवाईअड्डा यात्रियों की अनुमानित संख्या में वृद्धि का 80 प्रतिशत तक लक्ष्य हासिल कर लेगी।

Keyword: जेवर, उत्तर प्रदेश, नोएडा, अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परियोजना, ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल, डायल,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या तिमाही नतीजे उद्योग जगत के कोविड से उबरने का संकेत देते हैं?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.