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कमजोर मांग से ओएमसी शेयरों पर दबाव

उज्ज्वल जौहरी / मुंबई September 30, 2020

घरेलू तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के शेयरों पर जुलाई के अंत से ही दबाव बना हुआ है। मांग पर दबाव, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से हुए इन्वेंट्री नुकसान, और कमजोर रिफाइनिंग मार्जिन आदि से जुड़ी चिंताओं की वजह से इन शेयरों में कमजोरी आई है।

भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) और इंडियन ऑयल (आईओसी) में जुलाई के उनके ऊंचे स्तरों से 22 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जबकि सेंसेक्स इस अवधि में 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है।

भारत में कोविड-19 के मामलों में तेजी और वैश्विक रूप से इस महामारी के दूसरे चरण से पेट्रोलियम उत्पादों के लिए मांग को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। विपरीत खबरें बाजार को वाहन, विमानन ईंधन के लिए मांग और ओएमसी के परिदृश्य के संदर्भ में आशंकित बनाए हुए हैं।

इस पर विचार करें: इंटरनैशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने हाल में कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए अपने तेल मांग वद्घि अनुमान में कटौती की है, जो कई महीनों में पहली बार हुई है। आईईए के अनुसार, वैश्विक तेल मांग कैलेंडर वर्ष 2020 में प्रति दिन 9.19 करोड़ बैरल रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 81 लाख बैरल प्रति दिन कम है।

मांग में कमजोरी की आशंका के साथ कच्चे तेल की कीमतें 45 डॉलर प्रति बैरल (अप्रैल से चढऩे के बाद) अब 42 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह गई हैं और इनमें और ज्यादा गिरावट का अनुमान है। ओएमसी के लिए, कीमतों में गिरावट का मतलब संभावित इन्वेंट्री नुकसान होगा। बाजार सामान्य तौर पर, सितंबर तिमाही के दौरान ओएमसी के लिए इन्वेंट्री वृद्घि की उम्मीद कर रहा था। हालांकि रिलायंस सिक्योरिटीज के योगेश पाटिल जैसे विश्लेषकों को कीमतों में गिरावट से सितंबर तिमाही के शुरुआती हिस्से की इन्वेंट्री वृद्घि प्रभावित होने का अनुमान है।

विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत वाहन ईंधन मार्जिन और कम परिचालन लागत से भी भविष्य में स्थिति सामान्य होने में मदद मिलेगी। ज्यादा परिचालन खर्च से जून तिमाही में आय प्रभावित हुई थी। वैश्विक सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) के लिए भी तस्वीर उत्साहजनक नहीं है और एशियाई जीआरएम पर लंबे समय तक दबाव बने रहने की आशंका है। हालांकि विश्लेषकों को अल्पावधि में जीआरएम में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है, क्योंकि लंबे समय तक कमजोरी से भविष्य की आय भी प्रभावित हो सकती है।

Keyword: कमजोर मांग, ओएमसी, शेयर, इन्वेंट्री, रिफाइनिंग मार्जिन, बीपीसीएल, एचपीसीएल, आईओसी,
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