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राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी से मिलेंगे समान अवसर, खर्च में आएगी कमी

अभिजित लेले और शाइन जैकब / मुंबई/नई दिल्ली August 23, 2020

नरेंद्र मोदी सरकार राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) गठित कर रही है। यह देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं के लिए उम्मीदवारों के प्रारंभिक मूल्यांकन की महत्त्वपूर्ण संस्था होगी। ऐसे समय में जब नौकरियां घट रही हैं तथा वेतन में कटौती की जा रही है और निजी क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल है, तो रेलवे, बैंकों और केंद्रीय पुलिस संगठन में भर्ती के लिए जल्द ही नई व्यवस्था शुरू होगी। इससे नियोक्ता और नौकरी तलाशने वाले, दोनों के खर्च में कमी आएगी।

मौजूदा भर्ती निकाय प्रारंभिक मूल्यांकन के बाद उम्मीदवारों के दूसरे चरण के मूल्यांकन को दुरुस्त करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने कहा, 'राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन से यात्रा एवं लॉजिस्टिक की लागत में बड़ी कमी आएगी। उम्मीदवारों को कई तरह की परीक्षाओं में बैठने की जरूरत नहीं होगी। यह पहले चरण की परीक्षा होगी। पहले इस चरण के लिए रेलवेे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) को काफी संख्या में आवेदनों से निपटना होता था। नई मूल्यांकन व्यवस्था से एनआरए परीक्षा के स्कोर के आधार पर परीक्षा में शामिल होने वाले लोगों की संख्या कम होगी।'

इसी तरह बैंकिंग कर्मचारी चयन संस्थान (आईबीपीएस) बैंक में भर्ती के लिए प्रारंभिक मूल्यांकन करता था। आईबीपीएस के निदेशक बी हृदयेश कुमार ने कहा, 'अब हम मुख्य चयन प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इससे मूल्यांकन के काम की गुणवत्ता बढ़ेगी।'

अंतिम रूप से नौकरी देने वाले संगठनों को प्रक्रिया में ज्यादा बदलाव नहीं करना होगा। एनआरए परीक्षाएं देश के सभी जिलों में 1,000 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी राजकिरण राय ने कहा कि इससेे ग्रामीण आबादी भी मुख्यधारा में आ सकेगी। उन्होंने कहा, 'इससे एक समय के बाद संतुलन कायम होगा। मौजूदा समय में प्रतिभा की आपूर्ति मुख्य रूप से शहरों तक सीमित होकर रह गई है।'

रेलवे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), रेलवे भर्ती बोर्डों (आरआरबी) और रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) के जरिये लोगों को नियुक्त करता है। पिछले तीन साल के दौरान रेलवे के विभिन्न पदों के लिए 84,534 युवाओं को रोजगार दिया गया। मौजूदा साल में 18,268 भर्तियां होने की उम्मीद है। इससे पहले 2014-15 से 2016-17 के दौरान 62,773 लोगों को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया।

आरआरबी ने दो केंद्रीकृत नियुक्ति अधिसूचना (सीईएल) के जरिये समूह-सी की विभिन्न रिक्तियों के लिए 1,27,573 पदों पर भर्तियों को अंतिम रूप दिया है। इसी तरह 2018-19 में लेवल-1 सहित समूह सी के विभिन्न पदों पर पांच सीईएल के जरिये 1,56,138 रिक्तियों को अधिसूचित किया था।

आरआरबी और आईबीपीएस के अलावा एनआरए उन उम्मीदवारों को भी स्कोर देगी, जिनकी भर्ती इस समय कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के माध्यम से हो रही है। एसएससी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तहत काम करता है, जो सरकार में कनिष्ठ स्तर पर विभिन्न पदों के लिए नियुक्तियां करता है। ऐसे उम्मीदवारों के लिए स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य नहीं है। एनआरए को एसएससी, आरआरबी और आईबीपीसी तीनों से सहयोग मिलेगा। दूसरी एवं तृतीय श्रेणी के पदों (गैर-तकनीकी) के लिए एनआरए एक साझा पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित करेगी। इन तीनों संगठनों के पास तजुर्बा और आंकड़ों का भंडार है। सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक ने कहा कि एनआरए इनका इस्तेमाल कर उम्मीदवारों के लिए बेहतर मानदंड स्थापित कर पाएगी।   

इस समय सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले उम्मीदवारों को विभिन्न भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बैठना होता है और इनके लिए योग्यताएं समान होती हैं। इतना ही नहीं, उम्मीदवारों को विभिन्न भर्ती एजेंसियों को फीस देनी पड़ती है और परीक्षाओं में भाग लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार इनमें प्रत्येक परीक्षा में 25 से 30 उम्मीदवार बैठते हैं। हालांकि उम्मीदवार और नियोक्ता दोनों के लिए लागत जरूर कम हो जाएगी, लेकिन वित्तीय तंगी के कारण कुछ संगठनों को नई भर्तियां कम करनी पड़ रही है। हालात ये हैं कि परीक्षाफल घोषित होने के बाद भी कॉल लेटर नहीं जारी हो रहे हैं या फिर नतीजे ही घोषित नहीं किए जा रहे हैं।

इस बीच, विभिन्न विभागों का कर्मचारियों पर खर्च भी बढ़ता जा रहा है। भारतीय रेल का कर्मचारियों पर खर्च 2020-21 में 64 प्रतिशत बढ़कर 92,993.08 करोड़ रुपये हो गया है, जो 2015-16 में 56,817.48 करोड़ रुपये था। 23 जनवरी को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि अगले दो वर्षों में रेलवे ने 2,30,000 लोगों को नियुक्त करने का निर्णय लिया है। 2018 में रेलवे भर्ती बोर्ड ने 1,27,278 पदों के लिए कंप्यूटरीकृत मूल्यांंकन परीक्षा आयोजित की थी। इसी तरह, 2016 में भी रेलवे 18,252 पदों पर नियुक्तियों के लिए परीक्षा ली थी। दिलचस्प बात यह रही कि इस वर्ष के शुरू तक ऐसे उम्मीदवारों ने योगदान नहीं किया था। फरवरी में रेलवे ने 131,000 विभिन्न पद भरने की भी अधिसूचना जारी की थी। एनआरए जांच परीक्षा में बैठने के बाद उम्मीदवार परीक्षा के अगले चरण के लिए एक या सभी भर्ती एजेंसियों के लिए आवेदन कर पाएंगे।

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