बिजनेस स्टैंडर्ड - कोरोना कवच पॉलिसी बनी ग्राहकों की पसंद
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कोरोना कवच पॉलिसी बनी ग्राहकों की पसंद

सुब्रत पांडा / मुंबई 08 16, 2020

कोविड महामारी की बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को बीमा सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पिछले महीने 'कोरोना कवच' पॉलिसी शुरू की गई थी। इसे ग्राहकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है और स्टैंडर्ड कोविड पॉलिसी के तौर पर इस बीमा पॉलिसी की जमकर खरीद की जा रही है, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति से बचा जा सके।

इस पॉलिसी को बीते 10 जुलाई को पेश किया गया था। बीमा नियामक भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने 30 गैर-जीवन बीमा कंपनियों को यह पॉलिसी तत्काल बेचने का निर्देश दिया था। नियामक ने सभी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के लिए यह पॉलिसी लाना अनिवार्य किया है। हालांकि परंपरागत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में भी कोरोना संक्रमण के इलाज को कवर किया जा रहा है। लेकिन जनसंख्या के एक बड़े हिस्से के पास स्वास्थ्य बीमा की सुरक्षा नहीं है। लिहाजा कोरोना कवच लाने के पीछे यही सोच थी कि अपेक्षाकृत सस्ती दर पर लोगों को कोरोना से सुरक्षा दी जा सके जिससे अधिक लोग इसे खरीदने के लिए प्रोत्साहित हों।

सार्वजनिक बीमा कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'कोरोना कवच को लेकर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हमें यह अंदाजा नहीं था कि इस तरह के नए बीमा उत्पाद को लोग इतना ज्यादा पसंद करेंगे। हमारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। खासकर युवा वर्ग में अधिक मांग देखी जा रही है।'

बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के खुदरा बिक्री प्रमुख गुरदीप सिंह बत्रा भी इससे इत्तेफाक रखते हैं। बत्रा ने कहा, 'अच्छी बात यह है कि अधिकांश मांग युवा आबादी की ओर से आ रही है और इससे बीमा कंपनियां काफी उत्साहित हैं।' हालांकि बत्रा के मुताबिक एजेंसी नेटवर्क के स्तर पर कोरोना कवच पॉलिसी की अधिक खरीद देखी जा रही है। वह कहते हैं, 'एजेंसी नेटवर्क के माध्यम से इस पॉलिसी में 70 फीसदी का कारोबार हुआ है। पॉलिसी की तमाम समयावधियों में से लोग साढ़े छह महीने और साढ़े नौ महीने के कवरेज को तरजीह दे रहे हैं क्योंकि उन्हें कोरोना के जल्दी खत्म होने की उम्मीद नहीं है।'

पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के कारोबार प्रमुख (स्वास्थ्य) अमित छाबड़ा ने कहा, 'कोरोना कवच पॉलिसी की बाजार में अच्छी मांग देखी जा रही है। हमने तीन हफ्ते पहले ही इसे बेचना शुरू किया था और बहुत जल्द हम रोजाना 1,000 पॉलिसी बेचने लगे। अधिकतर लोग पांच लाख रुपये की बीमित राशि वाली और साढ़े नौ महीने की अवधि वाली पॉलिसी लेना पसंद कर रहे हैं। इसके लिए औसतन 1,900 रुपये का प्रीमियम देना पड़ रहा है।'भारतीय उद्योग परिसंघ के एक कार्यक्रम में आईआरडीएआई के चेयरमैन सुभाष चंद्र खूंटिया ने बताया था कि महज 20 दिन में ही 4.5 लाख लोगों ने स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से कोरोना कवरेज लिया है। कोरोना कवच पॉलिसी को लोग हाथोहाथ ले रहे हैं लेकिन 'कोरोना रक्षक' को उतनी कामयाबी नहीं मिली। दरअसल कोरोना कवच की तरह कोरोना रक्षक पॉलिसी अनिवार्य कवर नहीं देती है। लिहाजा गिनी-चुनी बीमा कंपनियां ही इसकी बिक्री कर रही हैं। इसके अलावा कोरोना रक्षक में अधिकतम 2.5 लाख रुपये का ही बीमा कवरेज है जबकि कोरोना कवच में यह राशि 5 लाख रुपये है। बीमा विशेषज्ञों के मुताबिक, असल में लोग कोरोना कवच पॉलिसी खरीदते समय इसकी तुलना आम स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी से कर रहे हैं और ऐसा देखा गया है कि कई लोग कोरोना कवर के बजाय सामान्य स्वास्थ्य कवर लेना पसंद कर रहे हैं। छाबड़ा ने कहा, 'जहां पर किफायती की समस्या नहीं है वहां ज्यादातर लोग सामान्य स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ही खरीद रहे हैं। सामान्य स्वास्थ्य कवर नहीं ले पाने वाले लोग जो अनिश्तिताओं से सुरक्षा चाहते हैं, वे कोरोना कवच पॉलिसी को तरजीह दे रहे हैं।' छाबड़ा के मुताबिक, जिस इलाके में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं वहां कोविड-केंद्रित पॉलिसी की मांग काफी बढ़ जा रही है। दिल्ली जैसे जिन शहरों में मामले घट रहे हैं वहां इस पॉलिसी की मांग भी घट गई है। कोरोना कवच पॉलिसी एक क्षतिपूर्ति-आधारित स्वास्थ्य बीमा है जिसमें लाभ-आधारित एक वैकल्पिक कवर भी दिया जाता है। यह क्षतिपूर्ति कवर बीमित व्यक्ति के कोविड पॉजिटिव होने पर अस्पताल में उसके इलाज पर आने वाले खर्च की भरपाई करता है।

Keyword: Corona Kavach, Policy, Insurance Cover, IRDA, Health Insurance Company, कोरोना कवच, पॉलिसी, बीमा सुरक्षा, आईआरडीएआई,
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