बिजनेस स्टैंडर्ड - कंप्यूटर पर मिमिया रहे कुर्बानी के बकरे
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, October 23, 2020 10:46 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

कंप्यूटर पर मिमिया रहे कुर्बानी के बकरे

सिद्धार्थ कलहंस /  07 22, 2020

कोरोनावायरस क्या आया, बकरे भी मंडी के बजाय कंप्यूटर पर मिमियाने लगे। बाजार बंदी और तमाम पाबंदियों ने इस बार उत्तर प्रदेश में बकरों की मंडी तो नहीं लगने दी मगर ऑनलाइन बाजार जरूर सज गया है। यह बात अलग है कि अकीदतमंदों को बकरों की परंपरागत खरीदफरोख्त की कमी खल रही है। इसीलिए उलेमा और मुस्लिम संगठन प्रदेश सरकार से कुर्बानी, सामूहिक इबादत और बकरा बाजार लगाए जाने की मांग कर रहे हैं।

बहरहाल राजधानी लखनऊ के नए-पुराने मुहल्लों में सजने वाले बाजारों के बजाय इस बार बकरे माउस के क्लिक या अंगुली की जुंबिश से ही बिक रहे हैं। व्हाट्सऐप से लेकर तमाम वेबसाइटों तक बकरों की तस्वीरें छाई हैं और महज 8,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक में आप अपनी पसंद का बकरा ले सकते हैं। बकरीद का त्योहार एकदम नजदीक आ गया है और कोरोना महामारी के बीच बाजार लगने की उम्मीद न के बराबर है। लॉकडाउन के कारण चार महीने से पैठ बाजार लगे ही नहीं हैं। इसीलिए बकरे और भैंसे साइबर संसार में ही बुक किए जा रहे हैं। बकरों का इतना भारी ऑनलाइन बाजार पहली बार सजा है और यहां माल बेहद सस्ता है। खरीदार बता रहे हैं कि मंडी के बजाय व्हाट्सऐप या वेबसाइट पर बकरे सस्ते भी हैं और बेहतर नस्ल के भी हैं। मजे की बात है कि वेबसाइट से खरीदा बकरा पसंद न आए तो आप उसे बदल भी सकते हैं। पशुबाजार डॉट कॉम से लेकर गोट गुरुकुल डॉट कॉम तक एक से बढ़कर एक वेबसाइट बकरे बेच रही हैं।

व्हाट्सऐप ग्रुप भी पीछे नहीं हैं। लखनऊ में कसाइयों का सबसे बड़ा मुहल्ला बिल्लौचपुरा है। यहां रहने वाले इश्तियाक ने बताया कि साझे की कुर्बानी के ऑर्डर भी व्हाट्सऐप पर लिए जा रहे हैं। कमजोर हैसियत वाले जो लोग अकेले बकरा नहीं खरीद सकते, वे बड़े जानवर की कुर्बानी में साझेदारी कर लेते हैं। इस बार कुर्बानी में हिस्सा 1,200 रुपये से शुरू हो रहा है।

हालांकि गांव-देहात के जिन इलाकों में ऑनलाइन खरीद नहीं है, वहां लोग सीधे या चोरी-छिपे बकरे खरीद रहे हैं। मगर बकरों के कारोबारी मकबूल अहमद ने बताया कि शहरों में ज्यादातर खरीद ऑनलाइन ही हो रही है। साइबर खरीद में देसी बकरा 8,000 से 18,000 रुपये में मिल रहा है और अच्छी नस्ल का जमनापारी बकरा 10,000 से 35,000 रुपये में बिक रहा है। अजमेरी बकरा 30-40 हजार रुपये देने पर ही मिल पा रहा है। बिल्लौचपुरा के बड़े कारोबारी हाजी इरफान का कहना है कि बिचौलिये नहीं होने की वजह से ऑनलाइन बाजार में खरीदारों को फायदा हो जाता है और उन्हें 10-15 फीसदी कम दाम में बकरे मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि बकरा बुक कराते समय 20 फीसदी रकम पेशगी देनी होती है और बकरा घर पहुंचने पर बाकी रकम अदा करनी होती है। अगर बकरा पसंद नहीं आए तो उसे वापस लेने के लिए भी कई कारोबारी तैयार रहते हैं।

बहरहाल बकरीद नजदीक देखकर मुसलमानों की प्रमुख संस्था देवबंद दारुल उलूम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चि_ी लिखकर कुर्बानी और बकरा मंडी लगाने की इजाजत मांगी है। देवबंद के कार्यवाहक कुलपति मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी की शिकायत है कि बकरे लाने-ले जाने वालों को प्रशासन परेशान कर रहा है। उनकी मांग है कि बकरीद के कारण लॉकडाउन शनिवार-रविवार के बजाय मंगलवार-बुधवार को कर दिया जाए। साथ ही उन्होंने सामूहिक नमाज की इजाजत भी मांगी है।

Keyword: बकरीद, कुर्बानी, लॉकडाउन, बकरे, मंडी, ऑनलाइन बाजार, उलेमा, मुस्लिम संगठन,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या स्मार्टफोन बाजार में दमदार वापसी कर पाएंगी देसी कंपनियां?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.