बिजनेस स्टैंडर्ड - सभी निर्माण श्रमिकों की मदद का लक्ष्य
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, December 02, 2021 02:56 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

सभी निर्माण श्रमिकों की मदद का लक्ष्य

सोमेश झा / नई दिल्ली July 05, 2020

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत सिर्फ एक तिहाई के करीब निर्माण श्रमिकों को ही नकद हस्तांतरण हो सका है। केंद्र सरकार की योजना है कि लक्ष्य बनाकर इस योजना से वंचित रह गए श्रमिकों का पंजीकरण करके उन्हें लाभ पहुंचाया जाए।

कोविड-19 के कारण हो रही दिक्कतों से बचाने के लिए करीब 1.8 करोड़ निर्माण श्रमिकों के खातों में नकद हस्तांतरण किया गया है, जबकि पिछले महीने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों के मुताबिक भारत में इस तरह के 5 करोड़ श्रमिक होने का अनुमान है।

बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अनुमानित 67 लाख निर्माण श्रमिकों में से किसी को नकद हस्तांतरण का लाभ नहीं मिला है। वहीं दिल्ली में कुल अनुमानित श्रमिकों मेंं 5 प्रतिशथ को ही  पीएमजीकेवाई के तहत नकद सहायता मिली है। इसके अलावा केरल में 15 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 22 प्रतिशत निर्माण श्रमिकों को योजना के तहत मदद मिली है।

मार्च में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने राज्यों को निर्देश दिए थे कि कल्याण कोष के इस्तेमाल न हुए धन को निर्माण श्रमिकों के खाते में हस्तांतरित किया जाए। बाद में इसे सरकार द्वारा घोषित कोविड-19 के पहले पैकेज का हिस्सा बनाया गया।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, 'केंद्रीय श्रम एवं कल्याण मंत्रालय मिशन के रूप में सभी पात्र निर्माण श्रमिकों को शामिल करने की परियोजना बना रही है, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जा सके।'

निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत उन्हे महामारी के दौरान बेरोजगारी लाभ जैसे भत्ता दिया जाना शामिल है।  राज्य सरकारें निर्माण फर्मों पर उपकर लगाती हैं जो निर्माण लागत का 1 प्रतिशत होता है। उपकर कोष का रखरखाव राज्य सरकारें करती हैं और इसका इस्तेमाल बिल्डिंग ऐंड अदर कंस्ट्रक् शन वर्कस ऐक्ट 1996 के तहत कुछ कल्याणकारी योजनाओं में होता है। भारत में निर्माण श्रमिक असंगठित क्षेत्र में आते हैं, जिनकी हिस्सेदारी गैर कृषि रोजगार में विनिर्माण के बाद सबसे ज्यादा है। कानून के तहत निर्माण श्रमिक कल्याणकारी उपायों के पातत्र हैं, अगर उनका पंजीकरण उचित प्राधिकारियों के यहां है और उनकी फर्में हर साल उनकी तरफ से अंशदान करती हैं।

अधिकारी ने कहा, 'श्रमिकों को जानकारी नहीं होती है कि वे कल्याणकारी योजनाओं के पात्र हैं। यह बड़ी वजह है, जिसके कारण वे छूट गए हैं। हम राज्यों को सलाह देंगे कि आसान पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करें और निर्माण श्रमिकों का नवीकरण करें।' श्रमिकों को ऑनलाइन या मिस्ड कॉल के माध्यम से खुद पंजीकरण कराने, या पंजीकरण का नवीकरण कराने, आधार व बैंक खाते का ब्योरा जमा करके खुद घोषणा करने जैसे विकल्प देकर इस दिशा में कुछ कदम उठाए गए हैं।  सरकार निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण या नवीकरण पर नकद प्रोत्साहन की पेशकश करने की भी योजना बना रही है। सरकार राज्यों द्वारा उपकर कोष का इस्तेमाल निर्माण श्रमिकों के लिए बेहतर तरीके से करने पर जोर दे रही है। राज्यों ने ऐसे श्रमिकों के खाते में नकद हस्तांतरण पर करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। करीब 38,000 करोड़ रुपये उपकर कोष का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

Keyword: PMGKY, Labour, Worker, Cash Transfer, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, पीएमजीकेवाई, निर्माण श्रमिक, नकद हस्तांतरण,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या कोविड पर सभी राज्य केंद्र के समान नियम अपनाए?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.