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सितंबर में मॉनसून सत्र के लिए तैयारी शुरू

अर्चिस मोहन /  July 03, 2020

सितंबर के पहले सप्ताह में संसद का मॉनसून सत्र आयोजित होना तय है और सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सत्र की तैयारियों का आकलन करने के लिए शुक्रवार को एक बैठक भी की। इस योजना के तहत राज्यसभा और लोकसभा के आधे सदस्यों को ही अपने कक्ष में बैठने की इजाजत होगी। बाकी सदस्य या तो संसद भवन परिसर के केंद्रीय कक्ष या संसद भवन परिसर में बने जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम से वर्चुअली सत्र में शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए राज्यसभा के 245 सदस्यों में से 127 सदस्य अपने कक्ष में बैठेंगे और साथ ही वे अपनी विजिटर्स और पब्लिक गैलरी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बाकी सदस्य दो बड़े हॉल में से किसी एक से वर्चुअली जुड़ेंगे चाहे वह केंद्रीय कक्ष हो या फिर जीएमसी बालायोगी ऑडिटोरियम।

इसी तरह, लोकसभा के 543 सांसदों में से कम से कम आधे सदस्य अपने कक्ष में बैठेंगे और अपनी पब्लिक गैलरी और विजिटर गैलरी का इस्तेमाल भी सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए करेंगे। बाकी सांसद दो अन्य हॉल में से किसी एक से वर्चुअली जुड़ सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि अभी फैसला लिया जाना बाकी है कि दोनों सदनों में से कौन केंद्रीय कक्ष का इस्तेमाल करेगा। ऐसी स्थिति में दूसरा सदन संसद पुस्तकालय भवन में स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार का उपयोग कर सकता है। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक संसद की दो बैठकों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतर नहीं हो सकता है। संसद का बजट सत्र 23 मार्च को खत्म कर दिया गया था क्योंकि कोविड-19 का प्रसार तेजी से हो रहा था।

राज्यसभा के सभापति ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक घंटे तक बैठक की। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल राष्ट्रीय सूचना - विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की क्षमता संबंधी दिक्ततों को देखते हुए सांसदों की सीमित वर्चुअल भागीदारी पर विचार किया जा रहा है ताकि सभी सांसदों की वर्चुअल भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

एनआईसी सरकार के लिए साइबर इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराता है। फिलहाल एनआईसी संसद में केवल 500 डेडिकेटेड लाइन ही उपलब्ध करा सकता है। सूत्रों का कहना है कि नायडू ने बड़े वर्चुअल संसद के लिए क्षमता वृद्धि की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कोशिश यह होगी कि सदन की कार्यवाही में सदस्यों की भागीदारी यथासंभव संसद से हो सके।

राज्यसभा सदस्यों के बैठने के लिए मीडिया गैलरी को छोड़कर बाकी सभी दीर्घाओं का इस्तेमाल उनके बैठने के लिए किया जाएगा। मीडिया गैलरी में मीडियाकर्मियों के बैठने का काम भी दूरी बरतने के मानक के अनुरूप होगा जिसके लिए दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे।

वर्चुअल भागीदारी के जरिये सदन के कक्ष के बाहर से कार्यवाही में हिस्सा ले रहे सदस्यों को देखने के लिए सदन के कक्ष के भीतर और बाहर फ्लैट स्क्रीन लगाने का फैसला लिया गया है।

राज्यसभा में केवल 127 सदस्यों के बैठने की जगह होगी ऐसे में नायडू ने अधिकारियों से कहा कि वे सभी राजनीतिक दलों की संख्या के आधार पर बैठने की योजना तैयार करें या एक दिन के लिए सदन की कार्यवाही में भाग लेने वालों की सूची तैयार करें जिन्हें उसके मुताबिक ही समायोजित किया जाएगा। सत्र शुरू होने से जुड़ी तैयारियों को लेकर प्रश्नकाल शुरू करने, आवश्यकता पडऩे पर सदन में मतदान करने, नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने, सदस्यों के आने-जाने की विस्तृत योजना बनाने, एक-दूसरे से दूरी बरतने और साफ-सफाई  के लिए प्रभावी उपायों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।

अगले सप्ताह से एक और विस्तृत योजना पेश की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'आज की समीक्षा का मकसद राज्यसभा सचिवालय को सदन की कार्यवाही आयोजित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार कराना है ताकि जब भी संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सरकार संसद का मॉनसून सत्र आयोजित कराने का फैसला करे तब पूरी तैयारी रहे।'

योजनाएं इस अनुमान के आधार पर बनाई जा रही हैं कि केवल प्रमुख विधेयकों पर मतदान के लिए दोनों सदनों में लगभग पूर्ण उपस्थिति जरूरी होगी। बाकी दिनों में उपस्थिति 50 प्रतिशत भी बेहतर है।

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