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बदलाव के साथ आगे बढ़ रहे इंजीनियिरंग कॉलेज

समरीन अहमद और विनय उमरजी /  06 21, 2020

कोविड-19 महामारी के चलते दो माह से लगे लॉकडाउन के कारण शैक्षणिक संस्थानों में काफी समय तक पढ़ाई नहीं हो सकी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) सहित विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेज इस खाली बीते समय की भरपाई करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अपने अकादमिक कैलेंडर के हिसाब से पाठ्यक्रम पर बने रहने के लिए विभिन्न स्नातक बैचों को अग्रसरित करना या नए आने वाले छात्रों के लिए आसान तौर तरीके अपनाए जा रहे हैं। 

एक तरफ, कॉलेज या तो सेवा प्रदाताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं या स्वयं अपना सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं, जिससे आकादमिक शिक्षा को ऑनलाइन लाया जा सके। दूसरी ओर, कुछ संस्थान फाइनल परीक्षा के विकल्प को हटाकर उसके स्थान पर छात्रों को अंक या क्रेडिट देने के दूसरे विकल्पों पर गौर कर रहे हैं। जैसे, पिछली आंतरिक परीक्षा या सेमेस्टर परीक्षा तथा टेलीफोनिक वायवा आदि।  उदाहरण के लिए, आईआईटी गुवाहाटी सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर समाधान प्रदान करने और ऑनलाइन शिक्षण तथा परीक्षा को एकीकृत करने के लिए दो प्रमुख कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। संस्थान की आभासी प्रयोगशालाओं और स्टूडियो का उपयोग ऑनलाइन कक्षाओं के लिए भी किया जा रहा है। इस बीच, इसके कंप्यूटरसाइंस विभाग ने ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने के लिए एक उपकरण विकसित किया है।

संस्थान में सभी सिद्धांत तथा प्रयोगशाला संबंधी पाठ्यक्रमों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा लॉकडाउन से पहले पूरा कर लिया गया था और शेष पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए अप्रैल से ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की गई थीं। वर्तमान में, संस्थान स्काइप, जूम और गूगल मीटिंग्स के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट टीम्स सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहा है।

इनके अलावा, पावर प्वाइंट स्लाइड और पीपीटी के साथ वॉइस ओवर का भी उपयोग किया गया था। घर से परीक्षा के लिए क्विज, एमसीक्यू टेस्ट, गूगल फॉम्र्स और फोन पर वायवा आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है।

आईआईटी मद्रास में केवल कुछ छात्र अंतिम सेमेस्टर में पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकृत हैं, इसलिए संस्थान व्यक्तिगत रूप से ऑनलाइन/टेलिफोनिक वाइवा परीक्षा के माध्यम से उनका मूल्यांकन कर रहा है। आईआईटी मद्रास के प्रवक्ता ने कहा, 'संस्थान छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है और यह एक ऐसा तरीका है जो छात्रों के लिए कम से कम तनावपूर्ण है और उनके दीर्घकालिक हितों का भी ध्यान रखता है।'

एनआईटी वारंगल ने स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने जा रहे छात्रों के लिए अंतिम परीक्षा नहीं कराने का निर्णय लिया है और छात्रों को अंक देने के लिए दूसरे विकल्पों का उपयोग किया जा रहा है। जैसे, पिछले सेमेस्टर में प्राप्त अंक या इस साल आंतिरक परीक्षा में प्राप्त अंकों को दोगुना करना आदि।  एनआईटी वारंगल में प्लेसमेंट तथा बाहरी मामलों के प्रभारी प्राध्यापक किरण कुमार ने कहा, 'जब लॉकडाउन शुरू हुआ, तो अंतिम परीक्षा से पहले दो सप्ताह का पाठ्यक्रम शेष था। हालांकि लॉकडाउन के दौरान पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन चलाया गया था, लेकिन अब कोई परीक्षा नहीं कराई जाएगी। इसके बजाय, छात्रों के हिस में उपयुक्त विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।'

बेंगलूरु स्थित आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (आरवीसीई) के छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन के लिए क्विकलर्न तथा एग्जामडॉटनेट जैसे प्लेटफार्म की मदद ली जा रही है। संस्थान परीक्षा प्रक्रिया के लिए बेहतरीन तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रतिष्ठित एजेंसियों के साथ गठजोड़ करने की योजना बना रहा है। इसके लिए 30 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों से संपर्क साधा गया है। आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग बेंगलूरु के प्रिंसिपल केएन सुब्रमण्यम कहते हैं, 'हम एक प्रमाणित तथा सुरक्षित परीक्षा प्रणाली विकसित कर रहे हैं। जब छात्र घर से परीक्षा देते हैं तो हो सकता है कि वे पुस्तकों से देखें। अगर किसी छात्र के परीक्षा के समय इधर-उधर नजरें दौड़ाईं तो वह वेब कैमरे में कैद हो जाएगा।' अभी तक संस्थान 7,800 ऑनलाइन सत्र आयोजित करा चुका है जिसमें 350 प्राध्यापकों द्वारा 7,200 से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जा चुका है।

एनआईटी वारंगल ने अपने छात्रों की मदद से एक इन-हाउस लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो वस्तुत: कक्षाओं सहित शिक्षाविदों के कई पहलुओं का प्रबंधन करता है। कुमार के अनुसार, एलएमएस की मदद से संस्थान अब आंशिक रूप से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर रहा है और सामाजिक दूरी संबंधी मानदंडों का पालन किया जा रहा है। इसके अलावा, लॉकडाउन के कारण खराब हुए समय की भरपाई के लिए एनआईटी वारंगल ने शनिवार को कार्य दिवस के रूप में जोड़ा है।

Keyword: Engineering College, IIT, NIT, Covid-19, इंजीनियिरंग कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, आईआईटी, एनआईटी,
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