बिजनेस स्टैंडर्ड - वीवो छोड़ सकती है आईपीएल प्रायोजन
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, October 25, 2020 08:19 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

वीवो छोड़ सकती है आईपीएल प्रायोजन

विवेट सुजन पिंटो /  June 21, 2020

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की प्रशासनिक परिषद इस सप्ताह होने वाली बैठक में इस टी 20 टूर्नामेंट के सभी प्रायोजनों की समीक्षा करेगी। आईपीएल को दुनिया के सबसे कीमती खेल आयोजनों में से एक माना जाता है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पिछले सप्ताह लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़़प के बाद चीन के सामान के बहिष्कार का दबाव बढ़ रहा है।

चीन के सामान के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेडऩे वाले कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने रविवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) से आग्रह किया कि चीन की कंपनियों के प्रायोजन रद्द किए जाएं। कन्फेडरेशन के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, 'उन्हें राष्ट्रहित में तत्काल चीन की कंपनियों के प्रायोजन रद्द करने चाहिए।'

सलाहकार कंपनी डफ ऐंड फेल्प्स के वर्ष 2019 के अध्ययन में आईपीएल का मूल्यांकन 6.8 अरब डॉलर किया गया था, जो उससे पिछले वर्ष के मुकाबले सात फीसदी अधिक था। बीसीसीआई आईपीएल का मालिक और संचालक है। यह इस साल सितंबर-अक्टूबर में किसी जगह टूर्नामेंट को आयोजित करने के बारे में विचार कर रहा है। बीसीसीआई को कोविड-19 महामारी के कारण गर्मियों में प्रतियोगिता का आयोजन रद्द करने को बाध्य होना पड़ा। आईओए पहले ही इस सप्ताह अपने कार्याधिकारियों की एक बैठक बुला चुका है। इसके कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडे ने कहा कि चीनी कंपनी ली निंग के साथ खिलाडिय़ों की किट के प्रायोजन का समझौता रद्द करने या न करने को लेकर आईओए इस सप्ताह कार्यकारियों की एक बैठक आयोजित कर रहा है।

दूसरी ओर आईपीएल का चीन से गहरा संबंध है क्योंकि वीवो, ड्रीम11 और पेटीएम जैसे ब्रांड उससे जुड़े हुए हैं। देश में दूसरी सबसे बड़ी स्मार्ट फोन कंपनी वीवो, आईपीएल की टाइटल प्रायोजक भी है। उसने 1018 में करीब 2,200 करोड़ रुपये में यह अधिकार हासिल किया था। ड्रीम 11 और पेटीएम दोनों में चीन का निवेश है और ये प्रतियोगिता के आधिकारिक साझेदार हैं। चीनी निवेश वाली एक अन्य कंपनी स्विगी संबद्ध प्रायोजक है।

वीवो ने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया लेकिन जानकारों का कहना है कि कंपनी पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है क्योंकि वह हर साल टाइटल प्रायोजन पर 440 करोड़ रुपये व्यय करती है। यह अनुबंध 2022 में समाप्त होना है। बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल का कहना है कि संस्था लीग के प्रायोजन की नीति की समीक्षा कर सकती है और वह इस मसले पर सरकार के दिशानिर्देशों से बंधी है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड ने जिन विधिक और मीडिया जानकारों से बात की उनका कहना है कि पेप्सिको इंडिया ने 2015 में बीच में ही आईपीएल टाइटल प्रायोजन छोड़ा था और इस तरह हमारे पास एक नजीर है। उस सौदे में शामिल रहे एक विधिक जानकार के अनुसार वीवो ने अक्टूबर 2015 में पेप्सिको का स्थान लिया था और उस वक्त पेप्सिको बातचीत करके बाहर हुई थी। उन्होंने कहा, 'यदि वीवो एक भारतीय साझेदार तलाश लेती है जो बाकी बची अवधि की वित्तीय जवाबदेही संभाल ले तो वीवो बाहर जा सकती है और बीसीसीआई शर्मिंदगी से बच सकता है।'

यदि बीसीसीआई वीवो का प्रायोजन समाप्त करता है तो उसके पास अदालत में जाकर हर्जाना मांगने का अधिकार है। हालांकि जानकारों के मुताबिक कंपनी इस विकल्प को आजमाने में सावधानी बरतेगी क्योंकि इन दिनों भारत में चीन विरोधी लहर जोरों पर है।

मुंबई के एक अन्य मीडिया अधिवक्ता ने कहा, 'हर अनुबंध में निर्गम का प्रावधान रहता है लेकिन सवाल यह है कि इसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता है। वीवो निकलने की इच्छुक नहीं है लेकिन बीसीसीआई को सीमा पर संघर्ष के बाद बढ़े चौतरफा दबाव के कारण इस पर विचार करने पर मजबूर होना पड़ा है।'

Keyword: Vivo, IPL T20, CAIT, BCCI, IOA, वीवो, आईपीएल, प्रायोजन, इंडियन प्रीमियर लीग, कैट, बीसीसीआई,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या स्मार्टफोन बाजार में दमदार वापसी कर पाएंगी देसी कंपनियां?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.