बिजनेस स्टैंडर्ड - लॉकडाउन में बिजली खपत 40 प्रतिशत तक घटी
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लॉकडाउन में बिजली खपत 40 प्रतिशत तक घटी

अमृता पिल्लई / मुंबई June 18, 2020

मार्च में देश के लॉकडाउन से गुजरने की वजह से कुछ शहरों में बिजली की खपत अप्रैल और मई में 20 से 40 प्रतिशत के बीच घट गई थी। अब कुछ शहरों को पुन: खोले जाने से खपत को लेकर कुछ बदलाव देखा जा सकता है।

मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए तीन निजी वितरण कंपनियों से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, बिजली की खपत पिछले साल के मुकाबले काफी घट गई है, लेकिन डिजिटल भुगतान और आवासीय मांग में तेजी जैसे नए रुझान भी देखने को मिले हैं।

मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद ऐसे शहर हैं जहां निजी विद्युत वितरक परिचालन करते हैं। इन वितरकों से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि मुंबई में बिजली की खपत पिछले साल के मुकाबले अप्रैल में 22 प्रतिशत कम रही, जबकि इस साल मई के लिए यह 17 प्रतिशत रही है। इन सर्किलों में बिजली वितरक टॉरंट के एक अधिकारी ने कहा, 'अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और दहेज विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के इलाकों में विद्युत खपत मई 2019 की तुलना में मई 2020 में 35 प्रतिशत तक घट गई।'

देश की राष्ट्रीय राजधानी के लिए, अप्रैल में विद्युत मांग 44 प्रतिशत और मई में 15 प्रतिशत तक घटी। दिल्ली में मांग में सुधार आ रहा है। बीएसईएस दिल्ली के एक अधिकारी ने कहा, '17 कई को लॉकडाउन-3 समाप्त होने और प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद दिल्ली में बिजली की व्यस्त मांग यानी पीक आवर से संबंधित खपत में वृद्घि शुरू हुई है। 18 मई 2020 को ढील दिए जाने के बाद से दिल्ली की विद्युत मांग 40 प्रतिशत तक बढ़ी है।' हालांकि विद्युत मांग में वृद्घि की एक वजह गर्मी बढऩा भी है।

मांग में बदलाव की वजह से वितरण कंपनियों को दबाव से जूझना पड़ता है। उन्हें पारंपरिक मीटर रीडिंग को लेकर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई (एईएमएल) के एक अधिकारी ने कहा, 'ग्राहकों को अनुमानित ई-बिल पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर भेजे जा रहे हैं। जब वास्तविक मीटर रीडिंग शुरू हो जाएगी, सभी राशि को वास्तविक इस्तेमाल के आधार पर समायोजित किया जाएगा।'

टॉरंट अपने ग्राहकों को स्मार्ट मीटर के आधार पर बिज भेज रही है। ये मीटर जीपीआरएस से जुड़े हुए हैं और वास्तविक खपत का आंकड़ा प्रदान करते हैं। आवासीय और गैर-आवासीय उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग या तो उपभोक्ता द्वारा सौंपी गई रीडिंग या पिछले तीन महीने के औसत के आधार पर की जा रही है। टॉरंट के अधिकारी ने कहा कि आवासीय खपत में निश्चित तौर पर वृद्घि हुई है।

पंजाब में बढ़ी मांग

पंजाब में जून में बिजली की मांग पिछले साल के स्तर को पार कर गई है। बिजली की खपत पिछले साल के 11.5 गीगावॉट के मुकाबले 12.3 गीगावॉट पर पहुंच गई है। हरियाणा में मांग पिछले साल के 9.4 गीगावॉट के मुकाबले 8.5 गीगावॉट है। आईडीएफसी इंडिया पावर पल्स की रिपोर्ट के अनुसार, बुआई सीजन से पहले रियायती कृषिगत विद्युत मांग की वजह से दोनों राज्यों में बिजली की मांग मई से जून के बीच 3-4 गीगावॉट तक बढ़ी है।

वहीं खासकर लॉकडाउन की वजह से कुल विद्युत उत्पादन मई 2020 में 16 प्रतिशत तक और अप्रैल 2020 में 23 प्रतिशत

तक घटा।

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