बिजनेस स्टैंडर्ड - चीन संग झड़प में तीन भारतीय सैनिक शहीद
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, July 28, 2021 02:56 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

चीन संग झड़प में तीन भारतीय सैनिक शहीद

अजय शुक्ला / नई दिल्ली June 16, 2020

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर बढ़े तनाव के बीच सोमवार शाम चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के हमले में एक कर्नल समेत कम से कम तीन भारतीय सैनिक शहीद हो गए। अक्टूबर 1975 में असम राइफल्स के चार जवानों को चीनी बॉर्डर गार्ड द्वारा घात लगाकर मारे जाने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों की 3,488 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा पर सैनिकों की जान गई है।

मंगलवार सुबह सेना ने एक वक्तव्य में कहा, 'गालवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान ही कल रात एक हिंसक झड़प हुई जिसमें दोनों पक्षों से जान गईं। भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान झड़प में जान गंवा बैठे। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हालात सामान्य करने के लिए मौके पर बैठक कर रहे हैं।'

अपुष्ट खबरों के मुताबिक पीएलए के पांच सैनिक भी मारे गए हैं। भारतीय सेना के वक्तव्य में दोनों पक्षों से जान जाने का उल्लेख है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक भारत के 10 से अधिक जवान शहीद हुए। चीन ने 30 से ज्यादा भारतीय सैनिकों को बंधक बना लिया था जिन्हें जानकारी के मुताबिक मंगलवार की सुबह छोड़ दिया गया। मेजर रैंक के एक अधिकारी को अभी नहीं छोड़ा गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक चीन ने भारतीय बंदियों के साथ अत्यधिक क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया। उन्हें ऊंची चोटियों से धकेल दिया गया और जवानों के शव गालवान नदी से बरामद किए गए हैं।

घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों के अनुसार यह संघर्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में भारतीय पक्ष में पैट्रोलिंग प्वाइंट 14 (पीपी 14) के करीब उस समय जब पीएलए के 300 जवानों ने करीब 50 भारतीय जवानों पर हमला कर दिया। सैन्य सूत्र गोली-बारूद के इस्तेमाल से इनकार कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बंदूक के बट और लाठी-डंडों से हुई मारपीट में ये जानें गईं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस झड़प के लिए भारतीय जवानों को उत्तरदायी ठहराया। उसने दावा किया कि भारतीय जवानों ने सोमवार को दो बार अवैध रूप से सीमा पार की और चीनी सैनिकों पर हमला किया।   

इस बीच, वरिष्ठ सरकारी सूत्रों ने कहा कि तनाव दूर करने के लिए चल रही बातचीत के बीच पिछले महीने भारतीय सीमा में घुस आए चीन के सैनिक अभी भी बंकर तैयार करने में जुटे हैे। पैंगोंग सो सेक्टर में चीन की सेना फिंगर 4 तक के इलाके पर कब्जा जमाए रखा है। इनमें फिंगर 8 के बीच 8 किलोमीटर का वह इलाका भी शामिल है, जिस पर भारत का दावा रहा है। यह भारत के अनुसार वास्तविक नियंत्रण रेखा और फिंगर 4 है।

गलवान नदी के इलाके में चीनी की सेना ने पेट्रोल पाइंट 15 और 17 पर कब्जा जमा रखा है। चीन की सेना ने उन पहाडिय़ों पर भी कब्जा जमा लिया है, जहां से गलवान घाटी की गतिविधियों पर सीधी नजर रखी जा सकती है। ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि चीनी सैनिक गवलान के उत्तर में देपसैंग इलाके में भी घुस आए हैं। यह इलाका दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में आता है। यहां उन्होंने कथित तौर पर पेट्रोल पाइंट 12 से 13 तक पर अपने नियंत्रण जमा लिया है।

इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय सेना को गलवान और पैंगोंग के साथ ही एक और क्षेत्र को खाली कराना है, जहां चीन की सेना घुस आ ई है। इनके साथ ही उत्तराखंड के हरसिल सेक्टर में भी चीन ने बड़ी संख्या में फौज खड़ी कर दी है। इससे पहले वर्ष 2013 में देपसैंग सेक्टर में भी भारत और चीन के बीच झड़प हो चुकी है।

मौजूदा संकट अप्रैल के अंत में शुरू हुआ था जब भारतीय खुफिया विभाग को ऐसी खबर मिली थी कि चीनी सैनिक ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार बड़ी संख्या में फौज का जमावड़ा किया था। हालांकि कोविड-19 महामारी के बीच सेना तैनात नहीं करने का निर्णय लिया था। अप्रैल के अंत में गलवान और पैंगोंग सो

इलाके में चीन की सेना बड़ी संख्या में घुस आई। हालांकि साल के इस समय में भारत और चीन की सेना के बीच झड़प की बात असामान्य नहीं है, लेकिन सोमवार से पहले ही इस तरह के संकेत मिलने लगे थे कि मौजूदा टकराव सामान्य नहीं माने जा सकता। सबसे पहले चीन की सेना ने आम तौर पर शांत समझे जाने वाले गलवान क्षेत्र में घुस आई थी और इतना ही नहीं, उनकी संख्या हजारों में थी।

देपसैंग और चुमर में क्रमश: 2013 और 2014 में जो कुछ हुआ था वह अस्थायी था, लेकिन इस बार चीन की सेना पूरे साजो-सामान के साथ आई है नए बंकर बनाने के साथ ही अपनी सीमा में आर्टिलरी गन तैनात कर रखे हैं। 


Keyword: China Army, Border, Soldiers, Martyred, PLA, चीन, भारतीय सैनिक, शहीद, पूर्वी लद्दाख, पीएलए,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या इंस्टाग्राम का किशोरों के लिए सेटिंग में बदलाव का कदम है सही?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.