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मूल्यांकन व नकदी की चिंता से नए इनविट पर दबाव

अमृता पिल्लई और सुब्रत पांडा / मुंबई June 16, 2020

उद्योग के जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि कम मूल्यांकन, बाजार में कमजोर दिलचस्पी और नकदी चिंताओं की वजह से इस साल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (इनविट) की नई पेशकशें प्रभावित हो सकती हैं। यह निवेश मॉडल सड़क और पारेषण परिसंपत्तियों के लिए अब तक पसंदीदा विकल्प रहा है, लेकिन सड़क संबंधित इनविट के लिए जरूरी ट्रैफिक डेटा के अभाव से धारणा प्रभावित हो सकती है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने फरवरी में अनुमान जताया था कि अगले पांच साल के दौरान इनविट के जरिये करीब 2 लाख करोड़ रुपये की कोष उगाही की जाएगी, जिसमें अगले एक साल में जुटाई जाने वाली 80,000 करोड़ रुपये की रकम भी शामिल है।

इक्रा में कॉरपोरेट रेटिंग्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शुभम जैन ने कहा, 'मूल्यांकन और बाजार में दिलचस्पी किसी इनविट के लिए चुनौती होगी और एनएचएआई जैसे बड़े इनविट के लिए निवेशक तलाशना आसान कार्य नहीं होगा।'

बिजनेस स्टैंडर्ड ने पिछले सप्ताह खबर प्रकाशित की थी कि बाजार नियामक सेबी के पास इनविट के लिए अपना आवेदन पेश करने वाली भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इनविट के लिए सेबी के समक्ष आवेदन किया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को परिसंपत्ति बिक्री और नई परियोजनाओं के लिए पूंजी उगाही में मदद को ध्यान में रखते हुए 2016 में निवेश मॉडल के तौर पर इनविट को पेश किया गया था। अब तक, दो इनविट आए हैं जिन्हें सार्वजनिक तौर पर सूचीबद्घ किया गया है। इनमें आईआरबी इन्फ्रा डेवलपर्स का आईआरबी इनविट फंड और स्टरलाइट पावर का इंडिया ग्रिड ट्रस्ट शामिल हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के दो फाइबर और टावर इनविट और एलऐंडटी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (आईडीपीएल) इंडइन्फ्राविट कुछ ऐसे इनविट हैं जिन्हें निजी तौर पर पेश किया गया है।

इंडिया ग्रिड ट्रस्ट (इंडिग्रिड) के मुख्य कार्याधिकारी हर्ष शाह ने कहा, 'नए पब्लिक इनविट को तरलता की समस्या का सामना करना पड़ता है जिसे न्यूनतम ट्रेडिंग में कमी लाकर दूर किया जा सकता है। इससे नकदी में सुधार आएगा और निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि इनविट के लिए ऋण उपलब्धता पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

शाह ने कहा, 'कई संस्थाओं को इनविट के लिए उधारी की अनुमति दिए जाने की जरूरत है, जिनमें बीमा कंपनियां और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) शामिल हैं।'

वित्त मंत्रालय ने अपने 2019 के बजट भाषण में एफपीआई को इनविट के लिए उधारी की अनुमति दी थी। हालांकि कंपनी अधिकारियों का मानना है कि इस संबंध में आरबीआई के दिशा-निर्देशों का अभी भी इंतजार किया जा रहा है। बीमा नियामक आईआरडीए के एक अधिकारी ने कहा, 'बीमा कंपनियों को इनविट में इक्विटी निवेश की अनुमति दी गई है, लेकिन ऋण को लेकर राहत नहीं मिली है।'

इनविट में घरेलू पेंशन फंडों की दिलचसपी भी अब तक सुस्त दिख रही है। शाह ने कहा, 'अक्सर भारतीय पेंशन फंड बड़े आकार के निवेश को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं रहे हैं, लेकिन उनमें ऐसी परिसंपत्तियों के लिए दिलचस्पी बरकरार है।'

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