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मॉरेटोरियम अगर कर्ज बढ़ाए तो कम करने के करें उपाय

बिंदिशा सारंग /  June 15, 2020

जिन लोगों की नौकरी चली गई है या वेतन में कटौती हुई है मगर उन पर कर्ज बकाया है, उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से मासिक किस्त (ईएमआई) भुगतान में छह महीने की मोहलत से बड़ी राहत मिली है। मगर इस मोहलत की कीमत चुकानी पड़ेगी। एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी फिनवे कैपिटल के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) रचित चावला ने कहा, 'बहुत से कर्जदारों को यह भी नहीं पता था कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी और बैंक बकाया राशि पर ब्याज वसूलेंगे। इससे ईएमआई मोहलत महंगा सौदा बन जाती है। आपको जितनी जल्दी हो सके, इस अतिरिक्त बोझ से छुटकारा पाने की कोशिश करनी चाहिए।'

मोहलत का दो तरह से असर पड़ सकता है। पहला, ब्याज आपके बकाया ऋण में जोड़ दिया जाएगा, जिससे शेष महीनों में ईएमआई बढ़ जाएगी। दूसरा, ईएमआई को यथावत रखते हुए ऋण की अवधि बढ़ा दी जाए। ब्याज कितना महंगा पड़ेगा, यह कुछ कारकों पर निर्भर करता है। इनमें से पहला कारक ऋण की अवधि है। आप बैंक को जो ब्याज चुकाते हैं, वह ऋण की अवधि पर निर्भर करता है। अवधि जितनी लंबी होगी, आपको एकसमान ऋण राशि और एकसमान ब्याज दर पर उतना ही अधिक ब्याज चुकाना पड़ता है।

आपको कितना अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ेगा, यह इस पर भी निर्भर करता है कि आप अपने ऋण की अवधि के किस पड़ाव पर हैं। बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, 'ऋण पर शुरुआती वर्षों में ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है। आपका ऋण शुरू होने के समय आपकी ईएमआई का बड़ा हिस्सा ब्याज लागत को चुकाने में जाता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति अपने कर्ज के शुरुआती वर्षों में मोहलत का विकल्प चुनता है तो उसे अतिरिक्त कर्ज का बोझ झेलना होगा।'

यहां उदाहरण की मदद से बताते हैं कि ऐसा कैसे होता है। माना कि किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपये का ऋण 8.5 फीसदी की ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है। उसकी ईएमआई 43,391 रुपये आती है। माना कि मोहलत की घोषणा होने तक आप 12 ईएमआई का भुगतान कर चुके हैं। अगर आपकी पांच ईएमआई- अप्रैल, मई, जून, जुलाई और अगस्त को स्थगित कर दिया गया है। उस स्थिति में इन पांच महीनों का ब्याज 1,72,939 रुपये होता है। यह ब्याज 18वें महीने आपके बकाया ऋण में जोड़ दिया जाएगा। आपका सबसे बेहतर और कम महंगा विकल्प यह होगा कि आप इस जुड़े ब्याज (इस मामले में 1,72,939 रुपये) को मोहलत की अवधि खत्म होते ही चुका दें और अपने कर्ज को पहले जितना बनाए रखें।

ज्यादातर मामलों में मोहलत की घोषणा से पहले ही मार्च की किस्त कट चुकी थी, इसलिए ईएमआई अधिकतम पांच महीने स्थगित हुई हैं। आपको इस अतिरिक्त लागत के बोझ से उबरने के लिए पूर्व-भुगतान की रणनीति का इस्तेमाल करना चाहिए। बिगपॉकेट डॉट कॉम के सीईओ सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा, 'मोहलत से जो अतिरिक्त कर्ज बढ़ेगा, उससे छुटकारा पाने में पूर्व-भुगतान से ही मदद मिल सकती है।'


सस्ता विकल्प

अगर आपके पास संसाधन हैं तो अप्रैल से अगस्त के बीच जुड़े ब्याज का सितंबर में एकमुश्त भुगतान कर दें। एमबी वेल्थ फाइनैंशियल सॉल्यूशन के संस्थापक एम बर्वे ने कहा, 'हर कोई यह बोझ वहन नहीं कर सकता है। लेकिन अगर इन पांच महीनों में यह राशि आपके खाते में एकत्रित हो गई है तो आपको भुगतान कर देना चाहिए क्योंकि यह सबसे कम महंगा विकल्प होगा।'


उबरने की रणनीति

हमारे उदाहरण को आधार मानते हुए शेट्टी ने कहा, 'अगर आप 12 महीने तक पैसा बचाते हैं और 30वीं ईएमआई के साथ कुल रु्प ईएमआई का 1.2 गुना चुका देते हैं तो आपकी ऋण अवधि में जोड़े गए अतिरिक्त महीने हट सकते हैं।' इसलिए ऊपर दिए गए उदाहरण में 13 से 17 महीने तक स्थगित की गई कुल पांच ईएमआई की राशि 43,391 गुना पांच यानी 2,16,955 रुपये होगी। अगर आप इस राशि का 1.2 गुना यानी 2,60,346 रुपये जुटा लेते हैं और 30वीं ईएमआई के साथ चुका देते हैं तो आप 22 अतिरिक्त ईएमआई की अतिरिक्त अवधि को खत्म कर सकते हैं। यह बाद याद रखें कि इस उदाहरण की ये पांच ईएमआई नहीं चुकाने से आपके ऋण की अवधि 240 महीने से बढ़कर 267 महीने हो जाएगी। इसमें 22 अतिरिक्त ईएमआई जुड़ जाएंगी। इसके नतीजतन आपकी मूल अनुमानित ब्याज देनदारी 54.14 लाख रुपये बढ़कर 63.67 लाख रुपये हो जाएगी।


समय-समय पर प्रीपेमेंट

जो लोग मोहलत की अवधि खत्म होते ही जुड़ा ब्याज चुकाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें समय-समय पर भुगतान करना चाहिए। चावला ने कहा, 'जिन लोगों ने वित्तीय मुश्किल न होने के बावजूद ईएमआई में मोहलत ली है, उन्होंने बड़ी गलती की है। उन्हें प्रीपेमेंट के लिए अगले एक-डेढ़ साल तक ज्यादा से ज्यादा पैसा एकत्र करना चाहिए।' ऋणदाता आपसे प्रीपेमेंट की फीस नहीं लेंगे। बर्वे ने कहा, 'ज्यादातर ऋणदाताओं ने अपनी ईएमआई बढ़ाने के बजाय ऋण की अवधि में बढ़ोतरी का विकल्प चुना है। इसकी वजह समझी जा सकती है। मगर आने वाले समय में आपके पास आने वाला पैसा- कोई बोनस या अतिरिक्त राशि, मनोरंजन कोष आदि का इस्तेमाल अपने ऋण के प्रीपेमेंट में किया जाना चाहिए।'


कर्ज को करें स्थानांतरित

आपको यह भी देखना चाहिए कि क्या आप अपने मौजूदा ऋणदाता को जो ब्याज दर चुका रहे हैं, वह सबसे बेहतर है। अगर ऐसा नहीं है तो कम ब्याज दर वाले ऋणदाता के पास अपने ऋण को स्थानांतरित करें। गुप्ता ने कहा, 'स्थगित ईएमआई को चुकाने के कुछ महीनों बाद आप अपने ऋण को उस ऋणदाता के पास स्थानांतरित कर सकते हैं, जो बेहतर दर मुहैया कराए। ब्याज दर कम होने से आपका बोझ हल्का होगा।'

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