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पहला सरकारी इनविट जून तक

ज्योति मुकुल और मेघा मनचंदा / नई दिल्ली June 12, 2020

सरकारी इकाई का पहला बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) इस माह के अंत तक मूर्त रूप ले सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास इसके लिए आवेदन कर दिया है।

एनएचआई की योजना करीब 35,000 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं की पेशकश इनविट मॉडल पर करने की है। पहले चरण में 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये की 3 परियोजनाओं को इनविट मॉडल के तहत लाए जाने की उम्मीद है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि मुख्य रूप से उन परियोनजाओं की पेशकश इनविट के तहत की गई है, जिनका निर्माण सरकार के वित्तपोषण या ईपीसी मॉडल पर हुआ है। इनविट मॉडल के तहत संपत्तियां बुनियादी ढांचा ट्रस्ट में डाली जाएंगी, जिनमें निवेशक धन लगाएंगे। इन संपत्तियों से होने वाली आमदनी निवेशकों को लाभांष के रूप में दी जाएगी।

केंद्र सरकार धन जुटाने के लिए अपनी कंपनियों और विभागों को संपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

एनएचएआई के अलावा सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ने भी अपनी पारेषण परियोजनाओं का इनविट के माध्यम से मुद्रीकरण की योजना बनाई है। हालांकि पावर ग्रिड ने अभी सेबी के पास इसके लिए आवेदन नहीं किया है।  इनविट एनएचएआई की दूसरा दूसरा संपत्ति मुद्रीकरण मॉडल होगा। इसके पहले प्राधिकरण ने परियोजनाओं को टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) मॉडल में डाला था। मैकक्वैरी और अशोका बिल्डकॉन के एक संयुक्त उद्यम ने 2018 में टीओटी परियोजनाओं का पहला बैच हासिल किया था और उसने राष्ट्रीय राजमार्ग के 9 खंडों के लिए लिए 9,680 करोड़ रुपये भुगतान किया था।

अधिकारियों ने कहा कि टीओटी पैकेज का आकार घटाया जाएगा क्योंकि इस समय निवेशक कम जोखिम लेने की स्थिति में हैं। इनविट के विपरीत टीओटी मॉडल में सड़क के परिचालन और रखरखाव का काम कॉन्ट्रैक्टर को करना पड़ता है।

बोली लगाने वालों के सामने न आने की वजह से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टीओटी के दूसरे खंड की प्रक्रिया रद्द कर दी थी। तीसरे दौर में क्यूब हाइवेज विजेता बनकर उभरा था, जिसने एनएचएआई के 8 खंडों के लिए तय आधार मूल्य 5,362 करोड़़ रुपये से कम की बोली लगाई थी।

कंपनी ने कोविड-19 के कारण फोर्स मेजर नोटिस जारी किया है और साथ ही कंसेशन एग्रीमेंट के अनुच्छेद 4.1 के मुताबिक शर्तें पूरी करने के सिलसिले में भी सूचित किया है, जो फाइनैशियल क्लोजर और कंसेशन शुल्क के भुगतान की अवधि से जुड़ी है।

एनएचएआई ने अक्टूबर 2019 में टीओटी के चौथे चरण के तहत बोली आमंत्रित की थी, लेकिन पैकेज का आकार घटाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था, जबकि शुरुआत में करीब 401 किलोमीटर के लिए 4,170 करोड़ रुपये का अनुमान था।

बाद में दिसंबर 2019 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनएचएआई को इनविट के गठन की अनुमति दे दी। मंत्रिमंडल ने इंडियन ट्रस्ट ऐक्ट 1992 के तहत ट्रस्ट स्थापित करने को मंजूरी दे दी, जिसका अनुपालन भारतीय प्रतिभूति एवं विमिमय बोर्ड (बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट) नियमन, 2014 के मुताबिक करना है। साथ ही राजमार्ग प्राधिकरण को यह भी अनुमति दे दी गई कि वह ट्रस्ट के तहत सीधे संपत्तियों को रख सकता है या विशेष उद्देश्य इकाई (एसपीवी) या एनएचएआई की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से रख सकता है। एक अधिकारी ने कहा, 'सेबी द्वारा इनविट पंजीकरण करने के बाद हम एसपीवी का गठन कर सकते हैं।'

इनविट के तहत उन परियोजनाओं को रखा जाएगा, जिन पर कम से कम एक साल से टोल वसूली हो रही हो। इस तरह के मुद्रीकरण से जुटाए गए धन का इस्तेमाल सड़क क्षेत्र में आगे और निवेश के लिए किया जाएगा। बहरहाल टोलिंग राजस्व के कुछ हिस्से का इस्तेमाल इन राज्यों के परिचालन और रखरखाव में भी किया जा सकता है।

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि पेंशन और सॉवरिन फंड सहित दीर्घावधि निवेशक एनएचएआई के इनविट में निवेश कर सकते हैं। यह परियोजनाएं बन रहे नए राजमार्ग खंडों से ज्यादा आकर्षक हैं क्योंकि इनसे कोर्ई निर्माण संबंधी जोखिम नहीं जुड़ा हुआ है।

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